World Tourism Day

World Tourism Day!!! विश्व पर्यटन दिवस, दुनियाभर में 27 सितंबर को वर्ल्ड टूरिज्म डे मनाया जाता है. 1980 में यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन ने World Tourism Day की शुरुआत की. इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पर्यटन को लेकर लोगों में जागरूकता लाना है. साथ ही, ये बताना है कि पर्यटन किस तरह सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों को प्रभावित करता है. World Tourism Day हर साल अलग-अलग थीम पर मनाया जाता है.

भारत कौशल मिशन पर लेख

World Tourism Day

World Tourism Day समारोह संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा 1980 में शुरु किया गया जो प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है. यह विशेष दिन इसलिये चुना गया क्योंकि इस दिन 1970 में W.T.O(World Trde Organization) के कानून प्रभाव में आये थे. जिसे विश्व पर्यटन के क्षेत्र में बहुत बडा मील का पत्थर माना जाता है. इसका लक्ष्य विश्व पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में अन्तर्राष्ट्रीय समुदायों के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर कैसे प्रभावित करता है, के बारे में लोगों को जागरुक करना है. ये दिन हर साल एक विशेष विषय के साथ लोगों को जागरुक करने के लिये पूरे विश्व में मनाया जाता है.

World Tourism Day

World Tourism Day:
हर वर्ष आम जनता के लिए एक संदेश W.T.O के महासचिव द्वारा इस अवसर में भाग लेने के लिए भेजा जाता है. ये विभिन्न पर्यटन उद्यमों, संगठनों, सरकारी एजेंसियों और आदि के द्वारा बहुत रुचि के साथ मनाया जाता है. इस दिन विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएँ जैसे
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये फोटो प्रतियोगिता,
मुफ्त प्रवेश के साथ पर्यटन पुरस्कार प्रस्तुतियाँ,
आम जनता के लिये छूट आदि आयोजित किये जाते हैं.
Tourism विकासशील देशों के लिए आय का मुख्य स्रोत बन गया है.

पर्यटन दिवस 2017 थीम:
वर्ष 2017 में वर्ल्ड टूरिज्म डे(World Tourism Day) की थीम
“Sustainable tourism – a tool for development” निर्धारित की गयी है.

World Tourism Day Theme so far:

  • 1980 का विषय “सांस्कृतिक विरासत और शांति और आपसी समझ के संरक्षण के लिए पर्यटन का योगदान” था.
  • 1981 का विषय “पर्यटन और जीवन की गुणवत्ता” था.
  • 1982 का विषय “यात्रा में गर्व: अच्छे मेहमान और अच्छे मेजबान” था.
  • 1984 का विषय “अंतरराष्ट्रीय समझ, शांति और सहयोग के लिए पर्यटन” था.
  • 1985 का विषय “युवा पर्यटन: शांति और दोस्ती के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत” था.
  • 1986 का विषय “पर्यटन: विश्व शांति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति” था.
  • 1987 का विषय “विकास के लिए पर्यटन” था.
  • 1988 का विषय “पर्यटन सभी के लिए शिक्षा” था.
  • 1989 का विषय “पर्यटकों का मुक्त आवागमन एक दुनिया बनाता है” था.
  • 1990 का विषय था “पर्यटन: एक अपरिचित उद्योग, एक मुक्त सेवा”.
  • 1991 का विषय “संचार, सूचना और शिक्षा: पर्यटन विकास की शक्ति कारक” था.
  • 1992 का विषय “पर्यटन: एक बढ़ती सामाजिक और आर्थिक एकजुटता का कारक है और लोगों के बीच मुलाकात का” था.
  • 1993 का विषय “पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण: एक स्थायी सद्भाव की ओर” था.
  • 1994 का विषय “गुणवत्ता वाले कर्मचारी, गुणवत्ता पर्यटन” था.
  • 1995 का विषय “विश्व व्यापार संगठन: बीस साल से विश्व पर्यटन में सेवारत” था.
  • 1996 का विषय “पर्यटन: सहिष्णुता और शांति का एक कारक” था.
  • 1997 का विषय “पर्यटन: इक्कीसवीं सदी की रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अग्रणी गतिविधि “
  • 1998 का विषय “सार्वजनिक-निजी क्षेत्र भागीदारी: पर्यटन विकास और संवर्धन की कुंजी” था.
  • 1999 का विषय था “पर्यटन: विश्व धरोहर का नयी शताब्दी के लिये संरक्षण.”
  • 2000 का विषय “प्रौद्योगिकी और प्रकृति: इक्कीसवीं सदी के प्रारंभ में पर्यटन के लिए दो चुनौतियॉ”
  • 2001 का विषय “पर्यटन: सभ्यताओं के बीच शांति और संवाद के लिए एक उपकरण “
  •  2002 का विषय “पर्यावरण पर्यटन सतत विकास के लिए कुंजी”
  • 2003 का विषय “पर्यटन: गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सामाजिक सद्भाव के लिए एक प्रेरणा शक्ति”
  • 2004 का विषय “खेल और पर्यटन: आपसी समझ वालो के लिये दो जीवित बल, संस्कृति और समाज का विकास”
  • 2005 का विषय “यात्रा और परिवहन: जूल्स वर्ने की काल्पनिकता से 21 वीं सदी की वास्तविकता तक”
  • 2006 का विषय “पर्यटन को समृद्ध बनाना”
  • 2007 का विषय “पर्यटन महिलाओं के लिए दरवाजे खोलता है”
  • 2008 का विषय “जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का जवाब पर्यटन”
  • 2009 का विषय “पर्यटन-विविधता का उत्सव”
  • 2010 का विषय “पर्यटन और जैव विविधता”
  • 2011 की विषय “पर्यटन संस्कृति को जोड़ता है”
  • 2012 का विषय “पर्यटन और ऊर्जावान स्थिरता”
  • 2013 का विषय “पर्यटन और जल: हमारे साझे भविष्य की रक्षा”
  • 2014 का विषय “पर्यटन और सामुदायिक विकास”
  • 2015 का विषय “लाखों पर्यटक, लाखों अवसर”
  • 2016 का विषय “सभी के लिए पर्यटन”

विश्व पर्यटन संगठन WTO ने वर्ष 1975 में विश्व के पचास देशों की आधिकारिक सदस्यता के साथ, विश्व स्तर पर पर्यटन उद्योग के संरक्षक के रूप में अपनी गतिविधियों का आरम्भ किया. इस संगठन का एक मूल दायित्व लोगों के बीच संपर्क बनाना एवं इस लोकप्रिय उद्योग को बढ़ावा देना है. विभिन्न आयामों वाले इस उद्योग की विशेषताओं जैसे कि
नए प्रस्तावों की प्रस्तुति,
आर्थिक एवं सांस्कृतिक और सामाजिक लाभ और उसकी विशेषताओ के विवरण हेतु विस्तृत योजना बनाने की आवश्यकता है.
प्रतिवर्ष विश्व पर्यटन संगठन के सदस्य दृष्टिगत उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सम्मेलनों एवं बैठकों में विभिन्न प्रकार के निर्णय लेते हैं. इसी परिप्रेक्ष्य में, WTO  के सदस्यों एवं सचिवालय ने यह निर्णय लिया कि एक विस्तृत संदेश द्वारा विश्व समुदाय का ध्यान पर्यटन की ओर आकृष्ट कराएं और सरकारों, समाज, विश्वविद्यालयों एवं इस विषय से संबंधित समस्त विभागों को इसकी ओर प्रोत्साहित करें ताकि आम लोगों के जीवन में पर्यटन अपना स्थान बना ले.

1980 से यह निर्णय लिया गया कि प्रतिवर्ष WTO की ओर से एक संदेश दिया जाए और समस्त सदस्य देश इस संदेश के अंतरगत पर्यटन उद्योग से संबंधित अपनी योजनाएं बनाएं और उनका क्रियान्वयन करें.
पर्यटन को जारी रखने के लिए स्वच्छ एवं शुद्ध पानी का उपलब्ध होना अति महत्वपूर्ण है कि जिसमें विस्तृत रूप से होटलों और रेस्टोरेंटों की श्रंखलाओं से लेकर परिवहन एवं मनोरंजन के साधन भी शामिल होते हैं.
विश्व पर्यटन संगठन ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में घोषणा की है कि वैश्विक आर्थिक समस्याओं के बावजूद, अधिकांश देशों में पर्यटन उद्योग में विस्तार हो रही है प्रतिवर्ष करोंड़ों लोग विश्व के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर जाते हैं.

Happy Tourism Day!!