Internet addiction बर्बाद ना कर दे आपकी ज़िंदगी

Internet addiction!!!कहते हैं अति किसी भी चीज की बुरी होती है चाहे वो चीज खुद ही अपने आप में कितनी भी अच्छी क्यों ना हो.
रूमी एक निराले सूफी संत और कवि

Internet addiction
Friends क्या आप भी अपने दिन का ज्यादातर वक्त Smartphone और लैपटॉप पर इंटरनेट सर्फ़ करते, व्हाट्स ऐप और फेसबुक पर मैसेज देखते-भेजते बिताते हैं है?
हो सकता है ये शुरूआती लक्षण हों कि आप डिजिटल दुनिया और Internet addiction के लत के शिकंजे में आ रहें हैं इसलिए सावधान हो जाइए.
हम यह आपको कुछ ऐसे Symptoms बताएंगे जिसके जरिये आप अपना आकलन खुद कर लेंगे कि कहीं आप तो Internet addiction के जद में नहीं हैं.

Internet addiction के लक्षण:

Internet addiction
Internet addiction!!!

  • हमेशा मोबाइल अपने साथ रखना
  • देर रात तक स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप के कारण सोने-जगने के समय में बदलाव
  • खाने-पीने का वक़्त और आदतें बदलना
  • परिजनों, दोस्तो के घर आने-जाने, बातचीत से कतराना
  • किसी से बात करते वक्त भी मोबाइल स्क्रीन को देखते रहना
  • मोबाइल न चलने या न मिलने पर झल्लाहट
  • कॉल से ज़्यादा टेक्स्ट मैसेज का इस्तेमाल

कभी-कभी सुविधा के लिए बनी चीजें हमारी दुविधा का सबसे बड़ा कारण बन जाती है कई लोग तो हर समय फ़ोन को खुद से चिपकाये घूमा करते है और सामाजिक मेल से कतराने लगते है ऐसे लोग अनजाने में वर्चुअल दुनिया में जीने के आदी हो जाते हैं. हाल ही में शुरू हुई दिल्ली की एक ग़ैरसरकारी संस्था ‘सेंटर फॉर चिल्ड्रेन इन इंटरनेट एंड टेक्नॉलॉजी डिस्ट्रेस’ संस्था बच्चों की काउंसलिंग करती है. संस्था वर्कशॉप, काउंसलिंग सेशन आयोजित करवाती है जिसमें बच्चे अपनी बात कह सकते हैं. बच्चों को साथ बैठाकर इंडोर गेम्स खिलाए जाते हैं. उन्हें थोड़ा समय इंटरनेट से दूर रखने की कोशिश की जाती है.

जरूरत में इंटरनेट इस्तेमाल सही:
अगर इंटरनेट सीमित तौर पर केवल ज़रूरत के समय इस्तेमाल किया जाए तो इससे नुकसान नहीं है लेकिन आजकल बच्चों को इंटरनेट रिलैक्सिंग प्लेटफार्म नज़र आता है. शायद इसीलिए वो इसके गिरफ्त में समाते चले जाते हैं. आजकल स्कूल या कॉलेज सभी का काम ऑनलाइन हो रहा है ऐसे में खुद को बिलकुल अलग रख पाना संभव नहीं है और सही भी नहीं है . लेकिन किसी भी की लत लगने से पहले खुद को संभल लेना जरुरी है

आपको डॉक्टर की जरूरत है अगर आप इन सवालों का जवाब है हाँ:

  • आपको ऑनलाइन एक्टिविटी नेगेटिव मूड से उबरने का तरीका लगती है
  • क्या आपका मन लगातार ऑनलाइन रहने का करता है
  • क्या ऑनलाइन रहने के कारण आपकी जीवन शैली प्रभावित हो रही है
  • क्या आपकी आँखों, गर्दन और शरीर में दर्द  बना रहता है
  • आपको ऑनलाइन एक्टिविटी रिलैक्सिंग लगती है
    अगर इनमे से ज्यादातर जवाब हाँ में हैं तो सावधान हो जाइये आपके कदम Internet addiction की तरफ बढ़ चलें हैं

    कैसे करे इंटरनेट की लत को दूर:

    लत को छुड़ाना वाकई मुश्किल काम है लेकिन इरादे नेक और जज्बा फौलादी हो तो हर जंग जीती जा सकती है. आप थोड़ी कोशिश करके Internet addiction से बाहर आ सकते है, इस बुरी लत को ऐसे ख़त्म करें .

  •  कुछ लोगों की आदत होती है दिन में 4 – 5 घंटा नेट पर बिताने की अगर आप भी उनमे से एक हैं तो कोशिश करें की social networking sites जैसे की facebook और whatsapp  पर काम समय बर्बाद करें धीरे धीरे इसे कम करे और कोशिश करे की दिन मे सिर्फ आधा घंटा इसका इस्तेमाल करे. शुरुआत मुश्किल हो सकती है लेकिन नामुमकिन कुछ नहीं होता .
  • प्यार और भावनात्मक सम्बन्ध इतने मजबूत होते है कि आपको हर मुश्किल से बाहर निकल लेते हैं  जितना हो सके परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताए. जो लोग अपने आपको भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करते है, वे सबसे ज्यादा समय इंटरनेट विशेषकर social networking sites पर बिताते है.
  • रात को जल्दी सोये और सुबह जल्दी उठने की आदत डाले. ऐसी आदत आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है हो सके तो योग और ध्यान भी करें .
  • अगर आप वक्त के पाबन्द बन जाये तो कोई भी गलत लत आपको अपने शिकंजे में नहीं ले सकती  आप social networking sites use करने का एक timetable बना सकते है की सिर्फ उस टाइम पर ही आप इसका इस्तेमाल करें. उसको तोड़े ना जबतक कोई बहुत जरूरी काम ना हो
  • रिसर्च में सामने आया है कि Internet addiction हमारी कलात्मक शक्ति को नष्ट करता है.