धनतेरस 2017, शुभ मुहूर्त मंत्र पूजा विधि

धनतेरस 2017!! इस समय मौसम त्योहारी रंग में नहाया हुआ है. इस आकर्षक फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो चुकी है. बाजारों की रौनक भी एक अलग रंग में है. कल से दिवाली सीजन आपके मन को खुशनुमा बनाने आ रहा है.

ऐसे पूजा करके मां लक्ष्मी को दिवाली पर घर में आमंत्रित करें

धनतेरस 2017

दिवाली सीजन के त्यौहार की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है. धनतेरस दिवाली सीजन में सबसे पहला त्यौहार माना जाता है. धनतेरस पर लोग खूब खरीदारी करते हैं. खरीदारी करना इस दिन बहुत शुभ माना जाता है.

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कब करें धनतेरस 2017 की खरीदारी:
धनतेरस पर खरीदारी करने का शुभ समय शाम को माना जाता है. शाम से लेकर रात तक बाजारों में लोग बड़े उत्साह के साथ खरीदारी करते हैं.

धनतेरस पर लोग सोने चांदी के आभूषण, बर्तन, झाड़ू और वाहनों की खरीदारी करते हैं. इनकी खरीदारी करना अच्छा माना जाता है. धनतेरस पर पूजा का­­­ भी एक शुभ मुहूर्त होता है. जिस पर आप विधि-विधान के साथ पूजा-पाठ करके अपने साल को अच्छा बना सकते हैं. भगवान की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी.

कब है धनतेरस 2017:
धनतेरस 2017 का त्यौहार इस बार मंगलवार यानी 17 अक्टूबर 2017 को मनाया जाएगा. धनतेरस पर माता लक्ष्मी के साथ धन के मालिक कुबेर की पूजा की जाती है. लोग अपने घरों में कुबेर देवता की मूर्ति को भी स्थापित करते हैं.

पूजा का शुभ मुहूर्त:
धनतेरस के दिन पूजा-अर्चना का शुभ मुहूर्त शाम 6.57 से रात्रि 8.49 तक रहेगा. मुहूर्त के निश्चित समय में पूजा करने से भक्त जनों को अच्छा लाभ मिलता है.

इस मंत्र से करें धन के देवता का जाप:
देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः
पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरि: स भगवानवतात सदा नः
ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि

धनतेरस पूजन विधि:
यूं तो पूजा सब अपने-अपने तरीके से करते हैं लेकिन फिर भी हर पूजा को करने की एक विधि होती है. जिसके अनुसार आप अपनी पूजा को और भी फलदायी बना सकते हैं.
तो चलिए जानते हैं धनतेरस के दिन की पूजन विधि क्या होनी चाहिए.

  • सबसे पहले पूजन के स्थान की सफाई करें
  • उसके बाद एक चौकी रखें
  • चौकी पर एक साफ कपड़ा बिछाकर उस पर लक्ष्मी माता और भगवान धनवंतरी की तस्वीर रखें
  • गंगाजल से छिड़काव
  • एक दीपक लें और उस पर सिंदूर और अक्षत का तिलक लगाकर उस में तेल डालकर भगवान के सामने दीप प्रज्वलित करें
  • भगवान को भोग लगाएं और कुछ पैसे भी चढ़ाएं
  • कुछ देर भगवान का ध्यान करें. और ऊपर बताए गए मंत्र का जाप करें
  • तत्पश्चात पूजा समाप्त होने के बाद दीपक को घर के मुख्य द्वार पर रख दें.
    dhanteras par kya kharide
    तो इस प्रकार आप भी ऊपर बताएं गई पूजा विधि के अनुसार पूजा करें और भगवान के मंत्र का जाप करें और अपनी धनतेरस को खुशहाल बनाए. परिवार की सुख समृद्धि के लिए कामना करें.

Happy Dhanteras!!

दीवाली कहानी, लक्ष्मी पूजन मंत्र और मुहूर्त

दीवाली हिंदुओं के मुख्य त्यौहारों में से एक है. दीपावली को लक्ष्मी पूजा के नाम से भी जाना जाता है. दिवाली लोगो के लिए खुशियों भरा त्यौहार है. इस त्यौहार को पूरे भारत में बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है. इस फेस्टिव सीजन के लिए कार्यालयों में भी छुट्टी दी जाती है. लोग अपने-अपने घरों को जाते हैं और अपने परिवार वालो के साथ इस त्यौहार का भरपूर आनंद लेते हैं.

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दीवाली

दीवाली भगवान श्री राम के अयोध्या वापसी की खुशी में मनाई जाती है. दीवाली के दिन लक्ष्मी जी की पूजा का भी विधान है.
इस साल दीवाली 19 अक्टूबर=2017 यानी बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी. शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान राम 14 वर्ष के बाद रावण यानी अंधकार पर विजय प्राप्त कर अयोध्या वापस लौटे थे. प्रभु राम के आने की ख़ुशी में अयोध्यावासियों ने दीपक जलाकर भगवान के वापसी का उत्सव मनाया था. स्कंद पुराण के अनुसार कार्तिक अमावस्या के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर सभी देवताओं की पूजा इस विधि विधान के साथ करनी चाहिए.

कुछ ऐसे करे दिवाली पर घर की सजावट

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त:
दिवाली के दिन लक्ष्मी माँ के पूजन का मुहूर्त शाम 07:11 से लेकर रात को 08:16 तक है.

महानिशा काल पूजा का मुहूर्त:
रात 11:40 से लेकर रात को 12:31 तक है

दिवाली पूजा विधि :
दिवाली के दिन पूजन मुहूर्त के समय पूजा घर में लक्ष्मी और गणेश जी की नई मूर्तियों को स्थापित करें.
पूजा की चौकी पर स्वस्तिक बनाकर और चावल रखकर उसके ऊपर कलश की स्थापना करनी चाहिए.
इसके बाद प्रतिमा के सामने बैठकर हाथ में जल लेकर शुद्धि मंत्र का उच्चारण करते हुए उसे मूर्ति पर, परिवार के सदस्यों पर और घर में सर्वत्र छिड़कना चाहिए.

दिवाली का त्यौहार पाँच दिन (धनतेरस, नरक चतुर्दशी, अमावश्या, कार्तिक सुधा पधमी, यम द्वितीया या भाई दूज) का हिन्दू त्यौहार है. जिसकी शुरुआत धनतेरस (अश्वनी माह के पहले दिन का त्यौहार है) से होती है और भाई दूज (कार्तिक माह के अन्तिम दिन का त्यौहार है) पर खत्म होती है.
इस त्यौहार को लोग खुशी से घरों को सजाकर बहुत सारी Light, दिये, candles  जलाकर, आरती पढकर, Gifts बाटकर, मिठाईयॉ, cards बॉटकर, एस .एम. एस भेजकर, रंगोली बनाकर, खेल खेलकर, मिठाइयां खाकर मानते हैं.

त्यौहार की शुरुआत:
गुरुवार, 19 अक्टूबर, 2017
धनतेरस: मंगलवार, 17 अक्टूबर, 2017
नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली): बुद्धवार, 18 अक्टूबर, 2017
लक्ष्मी पूजा (मुख्य दिवाली): गुरुवार, 19 अक्टूबर, 2017
बाली प्रतिप्रदा या गोवर्धन पूजा: शुक्रवार, 20 अक्टूबर, 2017
भाईदूज: शनिवार, 21 अक्टूबर, 2017

दिवाली पर सुख समृद्धि के विशेष 8 mantra:
दिवाली पर हर कोई महालक्ष्मी को प्रसन्न करने की कोशिश करता है. हम आपको शास्त्रों और पुराणों से एकत्र 8 ऐसे मंत्र के विषय में बताएंगे जो माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए जरुरी होता है.

महालक्ष्मी मंत्र 1
ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये,
धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:

महालक्ष्मी मंत्र 2
ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:

महालक्ष्मी मंत्र 3
पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे
तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्

 महालक्ष्मी मंत्र 4
ॐ आं ह्रीं क्रौं श्री श्रिये नम: ममा लक्ष्मी
नाश्य-नाश्य मामृणोत्तीर्ण कुरु-कुरु
सम्पदं वर्धय-वर्धय स्वाहा:

महालक्ष्मी मंत्र 5
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:

 महालक्ष्मी मंत्र 6
ॐ ह्रीं श्री क्लीं नम:

महालक्ष्मी मंत्र 7
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नम:

महालक्ष्मी मंत्र 8
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं अर्ह नम: महालक्ष्म्यै
धरणेंद्र पद्मावती सहिते हूं श्री नम:

sarijankari के सभी प्रिय पाठकों को दिवाली की ढेरों शुभकामनाएं!!!
अपने साथ-साथ अपने आस-पास के वातावरण का भी ख्याल रखें !!
Polution free दिवाली मनाये और स्वस्थ रहे…..