BRICS में मोदी का जलवा आतंकवाद पर जमकर बरसे मोदी

दोस्तों 2011 के बाद चीन BRICS Summit  की आगवानी कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BRICS Summit के लिए चीन में हैं. यह सम्मलेन 3 से 5 सितम्बर तक चलेगा प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बैठक में बोलते हुए कहा कि सभी देशों में शांति के लिए ब्रिक्स देशों का एकजुट रहना जरूरी है.

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BRICS Summit
सम्मलेन के शुरुआत से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया. बता दें कि ये ब्रिक्स का 9वां सम्मेलन है. ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका देश शामिल हैं.

आतंकवाद पर गरजे मोदी:BRICS Summit

चीन के श्यामन में चल रहे ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. पीएम मोदी के इस दबाव का असर भी दिखा. ब्रिक्स श्यामन 2017 के घोषणापत्र में आतंकवाद का जिक्र किया गया है. इस घोषणापत्र में लश्कर-ए-तयैबा, जैश-ए-मोहम्मद समेत कुल 10 आतंकी संगठनों का जिक्र है.

घोषणापत्र में कहीं गयी बातें:
ब्रिक्स समिट में भारत ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. ब्रिक्स श्यामन घोषणापत्र के 48वें पैराग्राफ में आतंकवाद पर कड़ी चिंता व्यक्त की गई है. इसमें लिखा गया है कि हम लोग आस-पास के इलाके में फैल रहे आतंकवाद और सुरक्षा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हैं.

घोषणापत्र में कहा गया है कि हम लोग दुनिया भर में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की. और कहा गया कि आतंकवाद को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है. घोषणापत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी ब्रिक्स देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे.

कुल 10 संगठनों का हुआ जिक्र

तालिबान
ISIL
अल-कायदा
ईस्टर्न तुर्कीस्तान इस्लामिक मूवमेंट
इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उजबेक्सितान
हक्कानी नेटवर्क
जैश-ए-मोहम्मद
टीटीपी
हिज्बुल उत तहरीर
लश्कर-ए-तैयबा

पकिस्तान को फटकार:
दोस्तों साफ है कि इन 10 संगठनों में से कई संगठन ऐसे हैं जिनका सीधा संबंध पाकिस्तान से है. इससे पहले कहा जा रहा था कि ब्रिक्स में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का जिक्र नहीं किया जाएगा. लेकिन सभी ब्रिक्स नेताओं ने एक सुर से आतंकवाद की कड़ी निंदा की है.

गौरतलब है कि चीन लगातार पाकिस्तान समर्थक आतंकी संगठनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी घोषित करने में अड़ंगा लगाता रहा है. लेकिन ब्रिक्स के घोषणापत्र में इनका जिक्र होना भारत के लिए बड़ी सफलता है.