शिक्षक दिवस पर बच्चो के लिए हिंदी कविता

शिक्षक दिवस पर कविता में पिरोये कुछ शब्दों से अपने शिक्षक को अपने जीवन में उनका योगदान बताये. इस प्यारी सी कविता के माध्यम से हम उनको इस शिक्षक दिवस पर दे सकतें हैं कुछ शब्दों का ही खास तोहफा…..

शिक्षक दिवस पर कविता

तो आप भी इन शब्दों को समझने की कोशिश करे. और सोचे की अगर हमारी life में teacher नहीं होते तो हमारा सबका जीवन कैसा होता?

हैप्पी टीचर्स डे!!! आइए उनकों स्पेशल फील कराए, जिन्होनें बनाया है आपको स्पेशल

“कौन पढ़ता हमें जीवन का पहला, दूसरा, तीसरा….पाठ?
कैसे करते कैसे सोचते कि छह पंजे होते हैं साठ
और कौन कराता इस खूबसूरत दुनिया से परिचित?
कैसे जानते इतिहास, भूगोल, विज्ञान, गणित?”

शिक्षक दिवस की यह कविता भी जरूर पढ़े

तो चलिए पढ़ते हैं शिक्षक दिवस पर कविता

“गुरु ने हमको शिक्षा का पाठ पढ़ाया
नित दिन हमको जीना सिखाया
फंसे जो हम किसी काम में
हाथ पकड़कर सही मार्ग दिखाया
उनकी ही मधुर वाणी से
जीवन में हमारे भी मिठास आया
ये भी आया वो भी आया
हमको सब लिखना पढ़ना आया
आज जब शिक्षक का दिन आया
हमने भी उनके ही लिए
कुछ नाम कमाया
करके प्यारे टीचर का नाम रोशन
इस दिन को यादगार बनाया”

 

“गुरु हमारे इतने अच्छे हैं
हम भी उनके जैसे सच्चे हैं
रोज हमें वो अच्छी बात सिखाते
आदर्शों की कहानी सुनाते
समझ अगर पाठ नहीं आये
तरीका दूसरा वो बतलाते
कभी जोक से, कभी कहानी से
हम बच्चो का मन बहलाते
बैग का बोझ कम कराते
जब भी चाहे हम उनसे कहें
वो हमको नये-नये खेल खिलाते
मुसीबत में बनकर साथी
हमारी नैया पार लगाते
सीखकर उनसे जीवन का पाठ
लक्ष्य में अपने हम बढ़ते जाते
धैर्यता की इसी मिसाल से
हम उनको सदा शीश झुकाते
सारे विषयों का उनको ज्ञान
इसी लिए वो हमें पढ़ाते
हम भी अच्छा पढ़कर उनसे
उनके ही गुणगान हैं गाते
वो ही हमें सम्मान दिलाते
कुछ करने लायक हमें बनाते
कदम-कदम पर बनें परछाई
इसीलिए सच्चा गुरु कहलाते”

आप भी अपना शिक्षक दिवस यादगार रूप में मनाये और हमें कमेंट बॉक्स में बताये कि शिक्षक दिवस पर कविता आपको कैसी लगी?

!!Happy Teachers Day!!

गुरु पूर्णिमा पर हिंदी कविता

poem on teachers dayगुरु पूर्णिमा कविता!!!

गुरु पूर्णिमा कविता

  1. “जन्म माँ-बाप से मिला
    ज्ञान गुरु से दिला दिया
    ड्रेस, किताबे, बस्ता,
    माँ-बाप से मिला
    पढ़ना गुरु ने सीखा दिया
    माँ ने जीवन का पहला पाठ पढ़ाया
    दूसरा तीसरा चौथा गुरु ने पढ़ा दिया”

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“जब हम छोटे होते हैं “टीचर बच्चे” खेलते हैं
जब थोड़े बड़े हुए, सीधे-उलटे काम भी करते हैं
एक दिन हम जवान होकर,आएंगे काम देश के
ऐसा गुरु जी हमसे हरदम कहते रहते हैं”

“गुरु ने हमको अपने ज्ञान से सींचा हैं
हमने उनसे ही जीवन का सार सीखा हैं
समझा देंगे हमें वो दुनिया दारी
उनकी इसी बात पर किया सदा भरोसा हैं”

“आज हम इतने बड़े हुए
बच्चों को उनकी शरण हैं दिए हुए
गुरु से ही वो नैतिकता मिलेगी
जिसके लिए न जाने कब से हैं तरसे हुए”

2.  

“गुरुओ का तुम सम्मान करो
उनकी शिक्षा जीवन में भरो
सिखा देंगे वो तुम्हे इंसानियत
इतना तो तुम ध्यान धरो”

“तुमको गुरु ज्ञान पढ़ाते हैं
अच्छी बातें भी सिखलाते हैं
उनके जैसा बन कर के तुम
उनकी शिक्षाओं का गुणगान करो”

“गुरु के ज्ञान का नहीं अंत कही
तुम भी लेकर आगे बढ़ो वही
छा जाओगे इस संसार में
जो उनकी तरह शिष्टाचार की बात करो”

“आज जो गुरु पर्व आया है
यादें ये अनोखी लाया है
पालन गुरु आज्ञा का करके तुम
जीवन की खुशिया धारण करो”

“गुरु जितना न महान है कोई
कमिया हमारी गिनाता है वो ही
गिरकर उठना सिखाया जिसने
साहस उसकी बातो से तुम भी भरो”

“हीरे की तरह तराशा गुरु ने
जीवन को आसान बनाया गुरु ने
अंदर विश्वास जगाकर तुम भी
अपने आप को धनवान करो”

गुरु पूर्णिमा पर्व को धूमधाम से मनाये और sarijankari की और से आप सबको गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाये.
प्यारे पाठको! आपको गुरु पूर्णिमा कविता कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताये. और अपने दोस्तों के संग भी गुरु पूर्णिमा कविता शेयर करे.