शनि अमावस्या पर कैसे करे भगवान शनि को खुश

शनि अमावस्या 2017!! न्याय के देवता है शनि। लोगो को उनके कर्मो के अनुसार फल प्रदान करते है भगवान शनि। इनको प्रसन्न करके आप अपने जीवन में खुशियां ला सकते है। ये आप कर सकते है शनि अमावस्या 2017 के अवसर पर। शनि अमावस्या का शुभ संयोग बहुत कम अवसर पर बनता है।

शनि देव को शनि अमावस्या बहुत प्रिय है। इस साल शनि अमावस्या 2017, 18 नवंबर 2017 यानी शनिवार को मनाई जाएगी। ऐसा माना जाता है कि साढ़ेसाती एवं ढैय्या के दौरान शनि ग्रह व्यक्ति पर शुभ-अशुभ फल प्रदान करता है।शनि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा कर उन्हें प्रसन्न कर व्यक्ति शनि के कोप से खुद का बचा सकता है।

कौन है शनि:

God of Justice Shani
Shani Amavsya

शनि भगवान सूर्य तथा छाया के पुत्र हैं। मृत्यु के देवता यमराज शनिदेव के बड़े भाई हैं। आकाश मंडल में सौर परिवार के जो 9 ग्रह हैं, उनमें यह दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। शनिदेव यदि रुष्ट हो जाएं तो राजा को रंक बना देते हैं और यदि प्रसन्न हो जाएं तो आम आदमी को खास आदमी बना देते हैं।

शनि अमावस्या का योग:
18 नवंबर 2017 को शनि अमावस्या पर 30 साल बाल शोभन योग बन रहा है। यह योग दान-पुण्य से लेकर बाजार से खरीदी नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ रहेगा। इस दिन शनि के साथ बुध-चंद्रमा की युति से फसलों और व्यापार में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। साथ ही पूजा-पाठ से शनि की कृपा भी बरसेगी।

शनि अमावस्या 2017 का महत्व:
मार्गशीर्ष अमावस्या का एक अन्य नाम अगहन अमावस्या भी है। इस अमावस्या का महत्व कार्तिक अमावस्या से कम नहीं है। जिस प्रकार कार्तिक मास की अमावस्या को लक्ष्मी पूजन कर दिपावली बनाई जाती है। इस दिन भी श्री लक्ष्मी का पूजन करना शुभ होता है. इसके अतिरिक्त अमावस्या होने के कारण इस दिन स्नान- दान आदि कार्य भी किये जाते है। अमावस्या के दिन पितरों के कार्य विशेष रुप से किये जाते है. तथा यह दिन पूर्वजों के पूजन का दिन होता है।

क्यों खास है शोभन योग:
इस शनिश्चरी अमावस्या पर दोपहर 12.48 बजे तक गजकेसरी योग रहेगा। इसके उपरांत बुधादित्य योग के साथ काल सर्पदोष की भी निष्पत्ति हो रही है। इस योग के कारण शिक्षा एवं न्याय क्षेत्र में काम करने वाले और विद्यार्थियों के लिए शुभ रहेगा। जलीय वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, ऑटो मोबाइल सेक्टर में महंगाई बढ़ेगी।

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शनि अमावस्या 2017

शनि अमावस्या 2017
शनि अमावस्या पर करना चाहते है भगवान शनि को खुश

का शनि भक्तो पर असर:

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न्याय के देवता है शनि

शनि अमावस्या को शनि भक्तों के लिए फलदायी मानी जाती है। शनि अमावस्या को न्याय के देवता शनिदेव का दिन माना गया है। जिन जातकों की जन्म कुंडली या राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैया का असर होता है, उनके लिये यह खास दिन है, क्योंकि शनि अमावस्या पर शनि देव की पूजा-अर्चना करने पर शांति व अच्छे भाग्य की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ मास में दान-पुण्य के लिए ये सबसे अच्छा दिन माना जाता है। शनि मंदिरों में इस दिन दर्शन-पूजन से शनि पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।

शनि अमावस्या पर करे ये उपाय

  • शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आप दिन व्रत रख सकते है इससे शनि दोषों से छुटकारा दिलाता है।
  • शनिदेव के कवच, बीज मंत्र और स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  • शनिवार व्रत कथा पढ़ना भी उत्तम माना जाता है।
  • शनि अमावस्या के दिन व्रत के दौरान फल, दूध और लस्सी आदि ग्रहण कर सकते हैं।
  • शाम के समय हनुमान जी और बटुक भैरव का दर्शान करें।
  • काले उड़द की खिचड़ी में काला नमक मिलाकर ग्रहण करना चाहिए। इसके अलावे काले उड़द दाल का मीठा हलवा भी ग्रहण कर सकते हैं।

शनि अमावस्या पर इन् आसान उपायों को कर के भगवान शनि को प्रसन्न कर सकते है, उनकी कृपा पा सकते है,

Shani Amavasya 24 June,पूजा विधि, दान आदि के बारे में जाने

Shani Amavasya 24 June, इस साल 2017 में जून के महीने में शनिवार को पड़ने वाली 24 तारीख को अमावस्या है. शनिवार को ये योग बनने की वजह से इसको शनिश्चरी अमावस्या कहां जा रहा. इस साल इस अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. क्यूंकि ये संयोग 10 साल बाद बना है.

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Shani Amavasya 24 June23 जून को शनि राशि बदल कर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रही है. साथ ही 24 जून को अमावस्या का पर्व है. तो इस हिसाब से ये दोनों दिन बहुत ही बड़े माने जा रहे हैं.

भारतीय शास्त्रो में शनि ामस्य को एक बड़ी अमावस्या माना गया है. इसी लिए साल 2017 की 24 जून को शनि अमावस्या बहुत बड़े पर्व के रूप में मनाई जाएगी.
आषाढ़  के इस महीने को बाबा  भैरव का महीना  भी माना गया है. इसी कारण शनिचरी अमावस्या को शनि देव और बाबा भैरव की पूजा स्तुति करे. यह बहुत लाभकारी होगा.

ज्योतिषाचार्यो के अनुसार अब से पहले यह योग साल 2007 में बना था और अब फिर 10 साल बाद आया है. बता दे, इसके बाद यह योग 2037 में बनने की सम्भावना है. तो सभी को इस शनि अमावस्या पर बाबा भैरव के साथ ही शनि देव की पूजा-पाठ पूरे विधि-विधान से करने से विशेष लाभ तो होगा ही साथ-साथ शनि की दशा सही होने में भी प्रभावी होगा.

Shani Amavasya 24 June को जो भी दान आदि करना हो तो बड़ी श्रद्धा भाव से से करें. पंडितो के अनुसार शनि की साढ़े साती, पितृ दोष, काल सर्प दोष, शनि पूजा और ढय्या वाले जातको को विशेष राहत मिलेगी

कहा जाता है की अगर आप इस महान दिन पर कुछ उपाय कर ले तो आपको परेशानियों से राहत मिल सकती है.जो लोग शनि की साढ़े साती की दशा से परेशान हैं. उनको इस शुभ दिन शनि देव की आराधना अवश्य करनी चाहिए. साथ ही शनि अष्ठक और शनि स्त्रोत का पाठ भी अपनी आराधना में शामिल करें. ऐसा करने से आपको परेशान करने वाली दशा में राहत महसूस होगी.

एक दूसरा आप ये कर सकते हैं कि, शनि के बीज मन्त्र का जाप करें और काला तिल से बने सामान दान करे. काले तिल भी दान करने का प्रचलन है. इसके अलावा उड़द की काली दाल की खिचड़ी भी गरीबो को खिला सकते हैं.

इस शुभ शनि अमावस्या पर अपने आस-पास के पीपल के पेड़ पर सरसो के तेल से अभिषेक करके दीपक जलाये. सात प्रकार के अनाज भी चढ़ाना भी अच्छा माना जाता है.

तो इस प्रकार आप शनिचरी अमावस्या के दिन पूजा-पाठ कर सकते हैं. और शनि दोष को काम करने में सफल हो सकते हैं. साथ ही आपके कार्य सफल होने के आसार कई गुना बढ़ जाते हैं.

पूजा की विधि:

ये तो सभी जानते है कि शनि महाराज को तेल से अभिषेक किया जाता है. तो इस दिन भी शांत मन से शनि देव को तेल से अभिषेक करें. काला कपडा, काला तिल, काला उड़द और नील फूल चढ़ाये. साथ ही काले श्वान को भोजन भी दान करना चाहिए. इस दिन ज्यादातर काली वस्तुओ का दान किया जाता है. जैसे कि काळा उरद की दाल से बानी मिठाईया, काले तिल या काले तिल से बने हुए पकवान, काले गुलाब जामुन, छतरी, अपने पितरों के काले वस्त्र आदि.

Shani Amavasya 24 June पर जानवरों को काले चने भिगोकर खिलाना, काले कुत्ते को दूध पिलाना, काले कौवा को रोटी खिलाना बहुत लाभकारी होगा. सही तरीके से किये गए उपायों से शनि की दशा से प्रभावित जातको के कार्यो में आ रही बाधाओं को दूर करने में भी सहायता मिलेगी.

इस खास दिन के लिए सभी शनि मदिरो में अच्छे खासे इंतज़ाम किये जाते हैं. श्रद्धालुओं की भीड़ होने पर भक्तजनो को कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रबंधन पहले से ही सक्रिय रहता है.  भक्तों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा जाता है.