इमली के फायदे और नुकसान

इमली नाम आते ही हम सबका मन उसे खाने को ललचा उठता है लेकिन खाने  के नाम पर आज तक या तो डांट पड़ी है या फिर लम्बी नसीहतें सुनने को मिली हैं.
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इमलीलेकिन आज हम इमली के कुछ ऐसे गुण आपके लिए लाएं हैं कि अगर आपको अब कोई नसीहत दे तो आप उसे फायदे गिनवा कर चुप करा सकतें हैं ज्यादातर लोगो की पसंदीदा डिश पानी -बताशे /पानी पूरी/गोलगप्पा ही होती जिसका पानी इमली से ही बनता है मेले में सबसे ज्यादा भीड़ गोलगप्पे के ही ठेले पर होती है.स्वाद के अलावा इसमें ब्यूटी को बढ़ाने और औषधिय गुण भी है इसलिए अब आप इससे से होने वाले फायदों के बारे में जानिए और अपनाने की कोशिश करें

खाने में इमली का प्रयोग:
इमली का फल कच्चा हरा होता है और पकने के बाद लाल रंग का हो जाता है.पकी इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है. पकी इमली का प्रयोग खट्टी सब्जी के लिये करते है। इसकी चटनी भी बनाते हैं. इससे सब्जी स्वादिष्ट बन जाती है. दक्षिण भारतीय व्यंजनों में प्रयोग किये जाने वाले सबसे सामान्य मसालों में से एक है. उत्तर भारत के लोग मसालों में में इसका प्रयोग काम ही करते हैं. इमली के पेड़ का वैज्ञानिक नाम टामारिंडस इंडिका है.

एनीमिया में कारगर:
इमली
आपको बता दें कि इमली में काफी मात्रा में आयरन होता है जो कि लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने के लिए जरूरी है ये कोशिकाएं शरीर में ऑक्सीजन (oxygen) का संचार करती हैं.  एनीमिया  गंभीर समस्या है इस रोग के कारण कमज़ोरी और ध्यान लगाने में मुश्किल आती हैं जिससे लोगों की ज़िंदगी काफी बुरी तरह प्रभावित होती हैं. इसमें मौजूद आयरन की मात्रा एनीमिया का उपचार करने तथा शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करती है.

स्कर्वी को दूर करे:
इमली
इमली में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर में एक मुख्य विटामिन की भूमिका अदा करती है. विटामिन सी की कमी से कई समस्याएं जैसे स्कर्वी आदि हो सकती हैं . विटामिन सी की कमी को तनाव और थकान से भी जोड़कर देखा जाता है. अगर आपको लगता है कि आपके खानपान में विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा नहीं है तो अपने रोजाना के भोजन में इमली के अंश को सम्मिलित करके आप अपनी विटामिन सी की ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं.

मधुमेह के उपचार में  (Helps in diabetes management):
इमली डायबटीज़ के नियंत्रण पर सहायक होती है  पर नियंत्रण करने में भी प्रभावी साबित होती है। इस फल का गूदा पारंपरिक औषधियों में प्रयोग किया जाता है. इमली का प्रयोग भोजन करने के बाद रक्त के ग्लूकोस (glucose) के स्तर में हुई वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए होता है. अपने भोजन में इसे शामिल करने से रक्त के ग्लूकोस के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है, जो कि मधुमेह के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है

वज़न नियंत्रित करने में सहायक (Helps in weight management):
इमली

इमली में फाइबर (fiber) की काफी उच्च मात्रा होती है जिसकी वजह से इससे  आपकी भूख भी मिटती है और कैलोरी (calorie) का सेवन भी नहीं होता.अगर आप वज़न घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको ऐसे आहार लेना चाहिए जिसमे कैलोरी कम हो पर जिसमें पोषक तत्व तथा फाइबर्स की मात्रा ज़्यादा हो. इमली एक ऐसा फल है जो इन सारी ज़रूरतों को पूरा करती है.

त्वचा के संक्रमणों को ठीक करे (Cures skin infections):इमली
इमली में (antimicrobial) गुण होता है और यह त्वचा को सुकून भी प्रदान करता है. कीड़े के काटने या त्वचा के खुजली या त्वचा के लाल हो जाने की स्थिति में इमली का गूदा काफी प्रभावी साबित होता है. गूदा, हल्दी के साथ मिलाकर लगाने से दिक्कत कम होती है. इसके रस का सेवन करने से आपकी  त्वचा काफी बेहतर हो जाती है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट तथा विटामिन सी की मात्रा रहती है.

थाइरइड की समस्या को ठीक करे (Cures thyroid disorders):इमलीइमली का प्रयोग थायराइड की समस्या के उपचार के लिए भी किया जाता है. इसमें मौजूद तत्व और इसमें भरपूर खनिज पदार्थों की मौजूदगी थायराइड ग्रंथियों के रिसने को नियंत्रित करती है और इस तरह ज़्यादा या कम प्रतिक्रिया करने वाली थायराइड ग्रंथियों की समस्या को ठीक करने में यह मददगार साबित होता है.