स्मॉग वाली दिल्ली में कैसे रखे अपने परिवार को तंदुरस्त जाने

स्मॉग एक ऐसा शब्द बन गया है जिसने हम सब परेशान है। राजधानी दिल्ली वैसे तो पूरे साल ही प्रदुषण के लिए ख़बरों में बनी रहती है। पर बीते कुछ दिनों से दिल्ली की हवा इतनी जहरीली हो गयी है की लोगो को साँस लेने में भी परेशानी हो रही है। स्मॉग जिससे देख अक्सर हम कोहरा समझ लेते है वो प्रदूषण का ही एक रूप है। इस स्मॉग की वजह से बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान नज़र आ रहे है।

अगर आप भी इससे परेशान है तो आज हम आपको स्मॉग से बचने और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के तरीके बताएंगे।

स्मॉग क्या है-

People are affected by Delhi Smog
Delhi Smog

स्मॉग एक तरह का वायु प्रदूषण ही होता है। स्मॉग, स्मोक और फॉग से मिलकर बना है जिसका मतलब है स्मोकी फॉग, यानी कि धुआं युक्त कोहरा। इस वायु प्रदूषण में हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड्स, सल्फर ऑक्साइड्स, ओजोन, स्मोक और पार्टिकुलेट्स मिले होते हैं। इस तरह के वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण हमारे द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों और कोयले, पराली आदि के जलने से निकलने वाला धुआं होता है।

स्मॉग का कारण –

  • दिल्ली-एनसीआर के पडोसी राज्ये पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा हैं। जहां बहुत ज्यादा मात्रा में खेती की जाती है। यहां के लोग फसल कटने के बाद उसके अवशेष जिससे पराली कहते है उसको जला देते हैं जिससे स्मॉग की समस्या पैदा होती है।
  • इस बार सुप्रीम कोर्ट से पटाखों पर बैन के बावजूद राजधानी के बहुत से इलाकों में काफी पटाखे फोड़े गए है।
  • राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाली कारें, ट्रक्स, बस भी साफ़ पर्यावरण का एक बड़ा दुश्मन है।
  • औद्योगिक प्रदूषण भी स्मॉग का मुख्य जिम्मेदार कारक है।
  • सर्दी के मौसम में हवाएं थोड़ी सुस्त होती हैं। ऐसे में डस्ट पार्टिकल्स और प्रदूषण वातावरण में स्थिर हो जाता है जिससे स्मॉग जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

स्मॉग के बुरे प्रभाव –

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  1. खांसी, गले और सीने में जलन – जब आप स्मॉग भरी हवा में साँस लेते हैं तो हवाओं में हाई लेवल का ओजोन मौजूद होने की वजह से आपके श्वसन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इससे सीने में जलन होने लगती है तथा खांसी की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। ओजोन आपके फेफड़ों को तब भी नुकसान पहुंचाती है।
  2. अस्थमा– अस्थमा के मरीज़ो के लिए स्मॉग ज्यादा घातक हो सकता है। स्मॉग में मौजूद ओजोन की वजह से अस्थमा का अटैक आ सकता है।
  3. सांस लेने में तकलीफ और फेफड़े खराब होना – स्मॉग की वजह से सांस लेने में तकलीफ होती ही है साथ ही साथ इसकी वजह से अस्थमा, एम्फीसिमा, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और अन्य साँस संबंधी समस्याएं अपनी गिरफ्त में ले लेती हैं। इसकी वजह से फेफड़ों में संक्रमण भी हो सकता है।

क्या है बचने का तरीका –

  1. सबसे पहले आपको अपने इलाके का ओजोन स्तर पता होना चाहिए।
  2. ऐसे समय में घर से ज्यादा देर तक के लिए बाहर रहने से बचें।
  3. बाहर जाने का प्रोग्राम हो तो मुँह पर मास्क का इस्तेमाल करे।
  4.  स्मॉग के दिनों में कम से कम एक्टिव रहने की कोशिश करें। ऐसे मौसम में आप जितना एक्टिव रहेंगे       आपको श्वसन संबंधी रोग होने का 5. खतरा उतना बढ़ जाएगा।
  5.  वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करें। ऊर्जा संरक्षण, कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे अभियानों में सहयोग दें।
  6. घर की भीतरी हवा की गुणवत्ता को नियन्त्रित रखें- दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। एयर            प्यूरीफायर भी लगा सकते हैं।
  7. पूरी बाजू के कपड़े पहनें और अपने चेहरे को अच्छी गुणवत्ता के मास्क से ढकें। (नियमित समय अंतराल पर मास्क बदलें)
  8. घर के बाहर किए जाने वाले व्यायाम से बचें, इसके बजाए घर के अंदर योगा जैसे व्यायाम करें। अपने घर के आस-पास प्रदूषण कम करने के लिए पेड़ लगाएं।
  9. इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए अदरक और तुलसी की चाय पीएं।
  10. अपने आहार में विटामिन सी, ओमेगा 3 और मैग्निशियम, हल्दी, गुड़, अखरोट आदि का सेवन करें।

फिर टेंशन किस बात की, इन आसान तरीको को अपना कर आप अपनी ज़िन्दगी को स्मॉग से सुरक्षित रख सकते है

कौन है रानी पद्मावती और क्या है फिल्म से जुड़ा विवाद

Film Padmavati!! भारत देश का इतिहास सुनहरा रहा है। इस देश की भूमि पर प्राचीनकाल से ही ना जाने कितनी वीरांगनाओ ने जन्म लिया। हमारी भूमि को धन्य किया। जब बात आती है शूरवीर वीरांगनाओ की तो उसमे झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, रानी चेनम्मा और रानी पद्मावती का ज़िक्र भी आते है। बहुत कम लोग होंगे जो रानी पद्मावती के बारे में जानते है। पर आज देश में इनका नाम जोरोशोरों से लिया जा रहा है।

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ऐसा हो रहा है संजय लीला भंसाली की फिल्म “पद्मावती” की वजह से। रानी पद्मावती पर बनी फिल्म अपने विवाद की वजह से लगातार सुर्खियों में है। अगर इस Film Padmavati को लेकर आप भी असमंजस में है तो हम आपको आज इस पूरे विवाद के बारे में बताएंगे।

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Film Padmavati based on Queen Padmavati’s life

कौन है “पद्मावती:
रानी पद्मावती को पद्मिनी के नाम से भी जाना जाता था। राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की बेटी रानी पद्मावती का विवाह चित्तौड़ के राजा रतन सिंह से हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि खिलजी वंश का शासक अलाउद्दीन खिलजी पद्मावती को पाना चाहता था। रानी को जब ये पता चला तो उन्होंने कई अन्य राजपूत महिलाओं के साथ जौहर कर लिया। इस बात की पुष्टि सुप्रसिद्ध इतिहासकार आर.वी. सिंह द्वारा लिखित राजपूताना का इतिहास नमक पुस्तक में भी होती है।

 क्या है Film Padmavati विवाद:

संजय लाली भंसाली की फिल्‍म ‘पद्मावती’ पहले ही दिन से विवादों में घिर गई और जैसे-जैसे इस फिल्‍म की रिलीज डेट पास आती जा रही है। फिल्‍म का विरोध भी बढ़ता जा रहा है। संजय लीला भंसाली की फिल्म की कहानी खिलजी और पद्मावती को केंद्र में रखकर बुनी गई है। रानी पद्मावती को अलाउद्‌दीन खिलजी की प्रेमिका बताया जा रहा है। उसके सपने में पद्मावती के साथ प्रेम-प्रसंग के दृश्यों को फिल्माने की बात सामने आ रही है।

करणी सेना व राजपूत सभा को आपत्ति:
राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल मकराना और राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाड़ा ने कहा है कि अगर इतिहास और परंपराओं के साथ छेड़छाड़ होगी तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। पदाधिकारियों ने कहा कि रानी पद्मिनी हमारा गौरव हैं। उन्होंने अलाउद्दीन के पास जाने के बजाय जौहर (आग में कूदना) करने को बेहतर समझा। फिल्म में उन्हें अलाउद्‌दीन की प्रेमिका बताया जा रहा है, जो सरासर गलत है।

 हम राजपूतों की धरती पर अपने पूर्वजों को लेकर दिखाई जा रही अश्लीलता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि दीपिका-रणवीर के रिलेशन कुछ भी हों लेकिन इस फिल्म में उन्हें प्रेमी-प्रेमिका के रूप में नहीं दिखाया जाना चाहिए। अलाउद्दीन-पद्मिनी के लव सीन को नहीं फिल्माया जाना चाहिए।


संजय लीला भंसाली ने दी विवाद पर सफाई:

Film Padmavati By Sanjay Leela Bhansali
Sanjay Leela Bhansali upcoming film Padmavati

भंसाली  की तरफ से एक वीडियो पोस्ट किया गया है, जिस वीडियो में भंसाली ने कहा, ‘मैंने यह फिल्‍म बहुत इमानदारी और मेहनत से बनाई है. रानी पद्मावती की कहानी से मैं हमेशा प्रभावित रहा हूं और यह फिल्‍म उनकी वीरता और उनके आत्‍मबलिदान को नमन करती है. लेकिन कुछ अफवाहों के चलते यह विवादों का मुद्दा बन कई है. अफवाह है कि इसमें रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच ड्रीम सीक्‍वेंस दिखाया गया है. मैंने इस बात को पहले ही नकारा है, लिखित प्रमाण दिए हैं और एक बार फिर नकार रहा हूं कि इस फिल्‍म में रानी पद्मावती और खिलजी के बची कोई ऐसा सीन नहीं है जो किसी की भावना को ठेस पहुंचाए. हमने इस फिल्‍म को बहुत जिम्‍मेदारी से बनाया है और राजपूती मान का पूरा ध्‍यान रखा है।’

Film Padmavati और उसकी स्टार कास्ट-

Film Padmavati
Sanjay Leela Bhansali and StarCast of Film Padmavati

संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित “पद्मावती” है, इस फिल्म में दीपिका पादुकोन रानी पद्मावती, एक्टर शाहिद कपूर राजा रतन सिंह और रणवीर सिंह खलनायक अल्लाउदीन खिलजी के रूप में नज़र आएंगे, ये फिल्म 1  दिसंबर 2017 को रिलीज़ होगी

रानी पद्मावती पर बनी इस फिल्म को एक बार मौका देना चाहिए जो आज की पीढ़ी उनको और उनके बलिदान की भूल गयी है उन्हें एक बार फिर याद दिलाने की जरुरत है।

इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2017 का हुआ आगाज

trade fair 2017- जी हाँ, राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में हर साल की तरह 14 नवंबर यानी आज से अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले शुरू हो गया है। अगर आप भी trade fair 2017 का लुत्फ़ उठाना चाहते है पर इस दुविधा में है कि कहाँ से टिकट ले और कैसे वहाँ पंहुचा जाए तो हम आज आपके लिए सारी जानकारी लेकर आए है।

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ट्रेड फेयर का इतिहास:
प्रगति मैदान दिल्ली में लगने वाला एक क्षेत्र है। हर वर्ष नवम्बर महीने में यहाँ अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जाता है। प्रगति मैदान दिल्ली स्थित बडे प्रदर्शिनियों और व्यापारियों का परिसर है। पूरा परिसर कई छोटे छोटे प्रदर्शनी हॉल में बंटा होता है। यह फेयर खासतौर पर हर साल लगने वाले विश्व पुस्तक मेला एवं इंटरनेशनल ट्रेड फेयर के लिये बहुत मशहूर है।

कब तक है ट्रेड फेयर:
इस बार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 नवंबर से 27 नवंबर 2017 तक दिल्ली के प्रगति मैदान में चलेगा।

ट्रेड फेयर 2017:
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 अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आगाज आज( 14 नवंबर) राष्ट्रपत‌ि रामनाथ कोव‌िंद ने क‌िया। आपको बता दे कि व्यापार मेले में जाने के लिए टिकटों की बिक्री दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों (प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन को छोड़कर) पर होगी। आप किसी भी स्टेशन से टिकट ले सकते है। जबकि पहले चार बिजनेस डेज की टिकटें 42 मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध होंगी।
कोई भी व्यक्ति मेट्रो के ग्राहक सुविधा केंद्र से सुबह साढ़े 8 से शाम 5 बजे तक मेले की टिकटें खरीद सकते है। दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों के अलावा मेले की टिकटें एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के स्टेशनों पर भी उपलब्ध होंगी।
दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों पर व्यापार मेले की टिकटें 14 नवंबर(आज ) से बिकनी शुरू हो गई है। इस बार मेले में एंट्री 14 नवंबर से 17 नवंबर तक बिजनेस डेज की टिकट प्रति व्यक्ति 500 रुपये होगी। 18 से 27 नवंबर के बीच वीकएंड और सरकारी छुट्टी के दिन वयस्कों के लिए 120 रुपये, जबकि बच्चों के लिए 60 रुपये की टिकट होगी।
  1. अन्य दिनों में मेले की टिकट वयस्कों के लिए 60 रुपये रखी गई है।
  2. बच्चो के लिए 40 रुपये की टिकट रखी गई है
  3. प्रगति मैदान के एंट्री गेट्स पर टिकटों की बिक्री नहीं होगी।
  4. लोग मेले देखने आने से चार दिन पहले एडवांस टिकट खरीद सकते हैं।
  5. इस बार की थीम स्टार्टअप इंडिया रखी गई है

कैसे जाएँ पब्लिक या प्राइवेट ट्रांसपोर्ट से:

आपने भी इंटरनैशनल ट्रेड फेयर में आने का मन बना लिया है और आप प्राइवेट वहां से जाने का सोच रहे है तो आपको बता दे की पब्लिक ट्रांसपॉर्ट का इस्तेमाल ही बेहतर विकल्प होगा। दरअसल, ट्रेड फेयर में इस साल पार्किंग शुल्क पिछले साल के बराबर ही रखा गया है। दूसरी ओर, GRAP की वजह से अन्य जगहों पर पार्किंग 4 गुना तक महंगी हो गई है।
ट्रेड फेयर में पार्किंग इसलिए महंगी की जाती है ताकि लोग पब्लिक ट्रांसपॉर्ट का इस्तेमाल अधिक करें। लेकिन इस बार ट्रेड फेयर ने पार्किंग रेट को पिछले साल के बराबर ही रखा है। इसके चलते लोग गाड़ियों से आना अधिक पसंद करेंगे। इसकी वजह से पार्किंग फुल मिलने की संभावना बढ़ ही गई है साथ ही ट्रेड फेयर के आसपास जाम लगने की भी आशंका है।
आप भी trade fair 2017 जाने का प्लान बना रहे है तो डरिये मत…..किसी भी मेट्रो स्टेशन से टिकट ले और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करे और खूब एन्जॉय करे।

प. नेहरू के जन्मदिन पर जाने उनकी जीवन से जुडी कुछ रोचक बातें

जवाहरलाल नेहरू के बारे में यूं तो सब जानते हैं. उनका जन्म दिन 14 नवंबर को हमारे देश में children’s day के रूप में मनाया जाता है| आज हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन है| ये तो आप सबको पता ही है बच्चे उनको प्यार से चाचा नेहरू के नाम से बुलाते थे| जवाहर लाल नेहरू कश्मीरी पंडित थे। आज हम आपको  जवाहर लाल नेहरू के बारे में ऐसी रोचक बातें बताएंगे जो शायद ही कोई जानता होगा और ये पढ़कर आप कहेगे अरे, ऐसा भी हो सकता है?

प. नेहरू के जीवन से जुडी रोचक बातें:
1. नेहरू की पढाई बचपन से ही इंग्लिश स्कूल में हुई थी, उन्हें गांवो में घूम-घूमकर हिंदी बोलनी सीखी थी|
2. चाचा नेहरू के कपड़े धुलने के लिए विदेश में लंदन जाते थे|
3. एक बार फरवरी 1950, में राजस्थान के पिलानी में जवाहर लाल नेहरू के स्वागत के लिए हरी सब्जियों और गाजर-मूली से स्वागत द्वार बनाए गए थे। जिससे नाराज होकर नेहरू ने सब गरीबों में बँटवा दिया|
4. आपको पता है  JRD Tata ने ब्यूटी प्रोडक्ट लैक्मे महिलाओं के लिए नही बल्कि जवाहर लाल नेहरू के कहने पर बनाया था|
5.प. नेहरू को खाना खाने के बाद 555 ब्रांड का सिगरेट पीने की लत थी|  एक बार नेहरू जी भोपाल गए थे और उनकी सिगरेट खत्म हो गई ये सिगरेट पूरे भोपाल में नही मिली तो एक विशेष विमान में इंदौर से सिगरेट लाई गई|
6. महात्मा गांधी की अपील पर जब पूरा देश विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर रहा था तो उस समय नेहरू को भी अपना बेस्ट कोट फेंकना पड़ा| इसके बाद ही उन्होनें खादी का जैकेट पहनना शुरू किया था|
7. जवाहार लाल नेहरू , नोबेल प्राइज के लिए 11 बार नाॅमिनेट हो चुके हैं। कई बार उन्हें शांति के नाॅबेल के लिए भी नाॅमिनेट किया जा चुका हैं। लेकिन एक बार भी वह पुरस्कार पाने में सफल नहीं हुए|.
8. जवाहरलाल नेहरू पर चार बार जानलेवा हमला हुआ था, पहली बार 1947 में बंटवारे के दौरान उन पर हमला हुआ था। तब वे भारत-पाकिस्तान सीमा पर थे। इसके बाद 1955 में महाराष्ट्र में चाकू से हमला किया गया। 1956 में बम से रेल की पटरी उड़ाने की कोशिश भी नाकाम हो गई थी|
9. जवाहरलाल नेहरू की मौत 27 मई 1964 को हार्ट अटैक से हुई थी| उनके अंतिम संस्कार में 15 लाख लोग शामिल हुए थे|

 

नेहरू के विचार:

जहाँ प. नेहरू ने अपनी शखिसयत से पूरी दुनिया पर अलग छाप छोड़ी वही वो विश्व में अपने अलग और प्रगतिशील विचार के लिए भी जाने जाते है| आज आपको हम उनके कुछ ऐसी ही विचार से रूबरू कराएंगे|
1 शांति के बिना अन्य सभी सपने गायब हो जाते हैं और राख में मिल जाते हैं|
2 एक महान कार्य में लगन और कुशल पूर्वक काम करने पर भी, भले ही उसे तुरंत पहचान न मिले, अंततः सफल जरुर होता है|
3 संकट में हर छोटी सी बात का महत्व होता है  |
4 विफलता तभी होती है जब हम अपने आदर्शों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को भूल जाते हैं |
5 संकट और गतिरोध जब होते हैं तो उनसे कम से कम यह लाभ होता  है, कि वे हमें सोचने के लिए मजबूर करते है |
आज चाचा नेहरू के जन्मदिन पर हमने आपको उनके उन विचारो और रोचक बातो से रूबरू कराया जिससे आप अभी तक अनजान थे|

विश्व डायबिटीज दिवस:इन बातो से आप अपनी लाइफ को बनाओ डायबिटीज फ्री

World Diabetes Day एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है. आज हम आपको कुछ बातों से रु-ब-रु कराते हैं. बीमारी चाहे कोई भी हो छोटी या बड़ी पर हमारी ज़िन्दगी को खतरे में डाल देती है और हमारे चेहरे से हमारी मुस्कान ही छीन लेती है। जब बात आती है डायबिटीज की तो हम सहम जाते है, क्योकि मधुमेह है ही एक खतरनाक बीमारी। यह एक ऐसे बीमारी है जो लगातार अपने पैर पसार रही है। अब डायबिटीज और भी विकराल रूप लेती जा रही है। इसकी चपेट में कोई भी आ सकता है चाहे मैं हूँ या आप।
डरिये मत हमारा मकसद आपको डरना नहीं बल्कि आपको इस बीमारी से बचाना है। World Diabetes Day पर हम आपको बताएगे कि कैसे आप अपने और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते है।
Read this interesting article on 14th November

World Diabetes Day 2017 Theme:

वर्ष 2017 की डायबेटिक थीम हैं ……. Women and diabetes – Our right to a healthy future

डायबिटीज से जुडी ये तथ्ये जो आप नहीं जानते होंगे:

  • आप जानते है कि वर्तमान समय में हर 5 में से 1 व्‍यक्‍ति मधुमेह की बीमारी से पीड़ित है।
  • मधुमेह ऐसी बीमारी है जो अधिकांशत: लोगों में अनुवांशि‍क होती है। यदि किसी परिवार में मधुमेह की बीमारी पहले से है तो उस परिवार में यह बीमारी पीढ़ी-दर-पीढ़ी बढ़ती जाती है।
  • डाईबिटीज की बीमारी मुख्य रूप से पीड़ित व्‍यक्‍ति के रक्त में ग्‍लूकोज की मात्रा ज्‍यादा होने के कारण होती है।
    ऐसा दो कारणों से होता है- पहला जब किसी व्‍यक्‍ति के शरीर में इंसुलिन का बनना बंद हो जाता है या व्‍यक्‍ति के शरीर की कोशिकाएं बन रही इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं करते।

डायबिटीज के प्रकार- हो गए ना हैरान? आपको शायद ही पता होगा की डायबिटीज भी कई तरह की होती है। इसके भी प्रकार होते है।डायबिटीज तीन तरह की होती है।

1 डायबिटीज– जब रोगी के शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाती है। उस समय व्‍यक्ति को मानव निर्मित इंसुलिन का सहारा लेना पड़ता है। तब व्‍यक्ति को डाईबि‍टीज होती है।

2 टाइप 2 डायबिटीज–  जब रोगी के शरीर की कोशिकाएं उसके शरीर की इंसुलिन पर प्रतिक्रिया करना बंद कर देती हैं। उस स्‍थिति में भी व्‍यक्ति को मधुमेह जैसी बीमारी का सामना करना पड़ता है।

3 जसटेश्नल डायबिटीज– यह डाईबि‍टीज अक्सर गर्भवती महिलाओं को होती है। गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं द्वारा जो दवाएं ली जाती है।उन दवाओं के कारण महिलाओं के खून में ग्‍लूकोज की मात्रा बढ़ जाने के कारण वो इस बीमारी का शिकार हो जाती है।

डायबिटीज के लक्षण:

भूख और प्‍यास ज्‍यादा लगना।
अचानक वजन कम हो जाना।
चीजों का धुंधला दिखाई देना।
बार-बार पेशाब लगना।
सांस फूलना।
ज्‍यादा थकान महसूस होना।
शरीर में खुजली होना।
किसी भी घाव को ठीक होने में अधिक समय लगना।

डायबिटीज में इन चीजों से रखे दूरी:

1 आलूचावलशक्‍करमीठे फलकेलाकेकपेस्‍ट्रीघीमक्‍खनसमोसाकचौरीज्‍यादा तेल वाली चीजों का सेवन कम से कम करें।
2  जो लोग मांसाहारी होते हैउन्‍हें अंडेचिकनमटनमछलीचायकॉफीशराबधूम्रपान आदि का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

डायबिटीज में किन बातो का रखे ध्‍यान:

समय पर डायबिटीज की जांच अवश्‍य करवाएं।
बिना डाक्‍टर के सलाह लिएकिसी भी दवा का सेवन न करें।
परहेज का सख्ती से पालन करें।
व्‍यायाम और योग नियमित रुप से करते रहें।
भरपूर नींद लें।
सुबह टहलने अवश्‍य जाएं।

World Diabetes Day से जुडी दिलचस्प बातें:

 1 World Diabetes Day हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य दुनियाभर में डायबिटीज के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे समाप्त करने की कोशिश करना है।

2 विश्व डायबिटीज दिवस इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 1991 में स्थापित किया गया।

3 विश्व डायबिटीज दिवस डॉ. फ्रेडरिक ग्रांट बैंटिंग के जन्म दिवस (14 नवंबर) के दिन मनाया जाता है। इनका जन्म 14 नवंबर, 1891 में कनाडा में हुआ था।

 आज World Diabetes Day पर हमने आपको बताया की किस तरह आप इन बातो को जीवन में उतारकरअपनी ज़िन्दगी को खुशहाल बना सकती है.  

चाचा नेहरू के जन्मदिन पर क्यों मनाया जाता है बाल दिवस, क्या है इसका इतिहास

बाल दिवस-Children’s Day-14th November!! जवाहर लाल नेहरू ये एक ऐसा नाम है जिसे शायद ही कोई होगा जो इस नाम से रूबरू नहीं होगा है। प.नेहरू ने देश से लेकर हर इंसान पर अपनी छाप छोड़ी है। पर ये तो आप सब जानते ही होंगे की जवाहरलाल नेहरू का एक दूसरा नाम चाचा नेहरू भी है। उन्हें प्यार से चाचा नेहरू भी कह कर बुलाया जाता था। प.नेहरू के जन्मदिवस को देश में बालदिवस के रूप में मनाया जाता है। आज उनके जन्मदिन पर हम आपको उनके जीवन से जुडी खास बातो के बारे में बताएंगे।

बाल दिवस

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बाल दिवस का इतिहास:
14 नवंबर को हमारे देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में यह दिन आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पंडित नेहरू बच्चों से बेहद प्यार करते थे इसलिए बाल दिवस मनाने के लिए उनका जन्मदिन चुना गया।

वैसे तो बाल दिवस की नींव 1925 में रखी गई थी। जब बच्चों के कल्याण पर विश्व कांफ्रेंस में बाल दिवस मनाने की घोषणा हुई। 1954 में दुनिया भर में इसे मान्यता मिली। संयुक्त राष्ट्र ने यह दिन 20 नवंबर के लिए तय किया लेकिन अलग अलग देशों में यह दिन अलग-अलग तारीख को मनाया जाता है। 1950 से बाल संरक्षण दिवस यानि 1 जून भी कई देशों में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

क्यों मनाया जाता है बाल दिवस:
ये तो हमने आपको बता दिया की देश में 14 नवंबर को बाल दिवस क्यों मानते है। पर क्या आपको पता है की आखिर बाल दिवस पूरी दुनिया में क्यों मनाया जाता है? नहीं, तो हम बताते है आपको इस दिन बच्चों के अधिकार, देखभाल और शिक्षा के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है। बच्चे किसी भी देश की सफलता और विकास की कुँजी होते है क्योंकि वो ही भविष्य में अपने देश का नये और तकनीकी ढंग से नेतृत्व करेंगे। वो अनमोल मोती की तरह ही चमकदार और अति आकर्षक होते हैं। बच्चे उनके माता-पिता के लिए भगवान का एक अनमोल उपहार हैं। वो निर्दोष, सराहनीय, शुद्ध और हर किसी को प्यारे होते हैं।

नेहरु जी बच्चों को देश के भविष्य की तरह देखते थे। नेहरु जी अपना अधिकतम समय बच्चों के साथ बिताना पसंद करते थे। वो हमेशा बच्चों के प्रति अपना लगाव जाहिर करते थे। उन्होंने भारत की आजादी के बाद बच्चों के साथ ही युवाओं के भलें के लिए बहुत अच्छे काम किया। उन्होंने भारत के बच्चों की शिक्षा, प्रगति और कल्याण के लिए बहुत काम किया।

वो बच्चों के के प्रति बहुत स्नेही थे और उनके बीच चाचा नेहरू के रूप में प्रसिद्ध हो गये। भारत के युवाओं के विकास और प्रगति के लिए, उन्होंने विभिन्न शैक्षिक संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान की स्थापना की थी।

नेहरू का जीवन:
पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी शुआती शिक्षा अपने घर पर निजी शिक्षकों से ही प्राप्त की। पंद्रह साल की उम्र में वे इंग्लैंड चले गए और हैरो में दो साल रहने के बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में दाखिला लिया जहाँ से उन्होंने प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1912 में भारत लौटने के बाद वे सीधे राजनीति से जुड़ गए।

Happy Children Day to all lovely and Cute Children!!!

धनतेरस 2017, शुभ मुहूर्त मंत्र पूजा विधि

धनतेरस 2017!! इस समय मौसम त्योहारी रंग में नहाया हुआ है. इस आकर्षक फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो चुकी है. बाजारों की रौनक भी एक अलग रंग में है. कल से दिवाली सीजन आपके मन को खुशनुमा बनाने आ रहा है.

ऐसे पूजा करके मां लक्ष्मी को दिवाली पर घर में आमंत्रित करें

धनतेरस 2017

दिवाली सीजन के त्यौहार की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है. धनतेरस दिवाली सीजन में सबसे पहला त्यौहार माना जाता है. धनतेरस पर लोग खूब खरीदारी करते हैं. खरीदारी करना इस दिन बहुत शुभ माना जाता है.

दिवाली के लिए बेस्ट गिफ्ट आइडियाज यहां से लें

कब करें धनतेरस 2017 की खरीदारी:
धनतेरस पर खरीदारी करने का शुभ समय शाम को माना जाता है. शाम से लेकर रात तक बाजारों में लोग बड़े उत्साह के साथ खरीदारी करते हैं.

धनतेरस पर लोग सोने चांदी के आभूषण, बर्तन, झाड़ू और वाहनों की खरीदारी करते हैं. इनकी खरीदारी करना अच्छा माना जाता है. धनतेरस पर पूजा का­­­ भी एक शुभ मुहूर्त होता है. जिस पर आप विधि-विधान के साथ पूजा-पाठ करके अपने साल को अच्छा बना सकते हैं. भगवान की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी.

कब है धनतेरस 2017:
धनतेरस 2017 का त्यौहार इस बार मंगलवार यानी 17 अक्टूबर 2017 को मनाया जाएगा. धनतेरस पर माता लक्ष्मी के साथ धन के मालिक कुबेर की पूजा की जाती है. लोग अपने घरों में कुबेर देवता की मूर्ति को भी स्थापित करते हैं.

पूजा का शुभ मुहूर्त:
धनतेरस के दिन पूजा-अर्चना का शुभ मुहूर्त शाम 6.57 से रात्रि 8.49 तक रहेगा. मुहूर्त के निश्चित समय में पूजा करने से भक्त जनों को अच्छा लाभ मिलता है.

इस मंत्र से करें धन के देवता का जाप:
देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः
पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरि: स भगवानवतात सदा नः
ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि

धनतेरस पूजन विधि:
यूं तो पूजा सब अपने-अपने तरीके से करते हैं लेकिन फिर भी हर पूजा को करने की एक विधि होती है. जिसके अनुसार आप अपनी पूजा को और भी फलदायी बना सकते हैं.
तो चलिए जानते हैं धनतेरस के दिन की पूजन विधि क्या होनी चाहिए.

  • सबसे पहले पूजन के स्थान की सफाई करें
  • उसके बाद एक चौकी रखें
  • चौकी पर एक साफ कपड़ा बिछाकर उस पर लक्ष्मी माता और भगवान धनवंतरी की तस्वीर रखें
  • गंगाजल से छिड़काव
  • एक दीपक लें और उस पर सिंदूर और अक्षत का तिलक लगाकर उस में तेल डालकर भगवान के सामने दीप प्रज्वलित करें
  • भगवान को भोग लगाएं और कुछ पैसे भी चढ़ाएं
  • कुछ देर भगवान का ध्यान करें. और ऊपर बताए गए मंत्र का जाप करें
  • तत्पश्चात पूजा समाप्त होने के बाद दीपक को घर के मुख्य द्वार पर रख दें.
    dhanteras par kya kharide
    तो इस प्रकार आप भी ऊपर बताएं गई पूजा विधि के अनुसार पूजा करें और भगवान के मंत्र का जाप करें और अपनी धनतेरस को खुशहाल बनाए. परिवार की सुख समृद्धि के लिए कामना करें.

Happy Dhanteras!!

राष्ट्रीय एकता दिवस कविता

राष्ट्रीय एकता दिवस कविता!!राष्ट्रीय एकता दिवस कविता

राष्ट्रीय एकता दिवस कविता!! 31 अक्टूबर को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है. यह देश के लोह पुरुष के रूप में जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती के दिन मनाया जाता है. देश की केंद्रीय सरकार ने 2014 में इसकी शुरुआत की थी.
इस दिन को मनाने का मकसद देश के लोगों में एक दूसरे के प्रति एकता की भावना को उजागर करना है. चलिए पढ़ते हैं एक राष्ट्रीय एकता दिवस कविता…..

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राष्ट्रीय एकता दिवस कविता:
इस राष्ट्र की एकता को हमेशा बनाए रखें
दिल में इस जज्बे को हमेशा जगाए रखें
एकता के परिवेश में, जब वह रूप हमने पाया
अपना भारत देश ही, सोने की चिड़िया कहलाया
भारत माता के सपूतों क्यों
एक दूसरे पर वार करते हो
क्यों देश की अखंडता को, तार तार करते हो
राष्ट्र के महापुरुषों ने, एकता का प्रचार किया था
सांप्रदायिक विचार का, बहिष्कार किया था
सब में प्रेम बांटना ही, अपनी पहचान होनी चाहिए
इसी धारणा की सभी के मन में
ऊंची आवाज होनी चाहिए
ईश्वर के बच्चों में भेद मत होने दीजिए
हर मजहब एक दिखें, सीख सब को दीजिए!!

आइए इस बार राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सब भी मिलकर भारत देश की एकता के लिए योगदान करते हैं.

  • आसपास के लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर जागरूक करें
  • आपसी मतभेदों को भुलाएं
  • परिवार को एकता की परिभाषा समझाए
  • जन-जन में प्रेम बांटने की कोशिश करें
  • सांप्रदायिक विचारों से अपना बचाव करें

Best gift ideas for diwali

दिवाली पर गिफ्ट!!!

दिवाली का त्योहार अब आने वाला ही है ऐसे में में मिठाई, पटाखे और आतिशबाजियों के अलावा गिफ्ट का भी महत्व बहुत ही ज्यादा है.
इस त्यौहार में दोस्त, परिवार, ऑफिस हर जगह गिफ्ट लेने-देने की परंपरा है. ऐसे समय में गिफ्ट क्या दें यह हमारी समझ से बाहर हो जाता है ऐसे में हम आपके लिए कुछ गिफ्ट Ideas लेकर आएं हैं.

दिवाली पर गिफ्ट

इस दिवाली कुछ इस खास तरह से करें सजावट

ऑफिस के लिए दिवाली पर गिफ्ट:
अगर आप अपने ऑफिस में घड़ी गिफ्ट देना चाहते हैं तो पर्सनलाइज्ड घड़ी गिफ्ट में दे सकते हैं. ऑफिस में टाइम का खास महत्व होता है.
दिवाली पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की पूजा की जाती है. इसलिए आप लक्ष्मी गणेश की मूर्ति भी गिफ्ट के स्वरूप में दे सकते हैं.

सगे संबंधियों के लिए:
दिवाली खुशियों का त्यौहार है और इस पर मिठाइयों का ख़ास महत्व है. इसलिए आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को मिठाई भी गिफ्ट कर सकते हैं.
लेकिन यहां हम आपको एक सलाह देना चाहेंगे. त्योहार पर किसी को भी मिठाई भेंट करने से पहले एक बार उसको चेक जरुर कर लेना चाहिए जब भी आप मिठाई खरीदें तो उसको टेस्ट जरूर कर लें. फेस्टिवल सीजन में मिठाइयों में बहुत ज्यादा मिलावट पाई जाती है.
इसके अलावा अगर आपका बजट थोड़ा ज्यादा है तो आप अपने सगे सम्बन्धियों को बाजार में उपलब्ध ड्राई फ्रूट का पैक भी गिफ्ट कर सकते हैं. जोकि देखने में तो बहुत आकर्षक लगते ही हैं साथ ही आप दूसरों पर इंप्रेशन भी डाल सकते हैं.

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स:
अगर ये आपके Boyfriend या Girlfriend के साथ पहली दिवाली हो तो उन्हें स्पेशल फील कराने के लिए स्मार्टफोन भी गिफ्ट कर सकते हैं. कई ई-कॉमर्स कंपनियां फेस्टिव सीजन के चलते ऑफर्स भी देती हैं. आप भी उन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं.
आप अपने करीबियों को भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स उपहार के तौर पर दे सकते हैं.

घर की सजावट के लिए गिफ्ट:
बाजार में कई हेंडीक्राफ्ट आइटम्स उपलब्ध होते हैं. जिन्हें आप गिफ्ट कर सकते हैं. हेंडीक्राफ्ट आइटम्स घर के किसी भी हिस्से की शोभा बढ़ाते सकते हैं.
दिवाली में क्रॉकरी का सेट देना भी एक अच्छा विकल्प है.

कार्ड :
कोई भी त्यौहार हो कार्ड का प्रयोग आप हमेशा किसी को स्पेशल फील करने के लिए कर सकते हैं. कार्ड में शुभकामनाएं लिखकर कार्ड भेंट करें.

चॉकलेट :
अब दिवाली पर एक-दूसरे को चॉकलेट गिफ्ट करना एक ट्रेंड बन गया है. और धीरे-धीरे लोग मिठाई की जगह चॉकलेट को ही तरजीह देने लगे हैं.

किसी को भी खुश करने के लिए ऊपर बताए गए गिफ्ट Ideas काफी हैं. गिफ्ट देते समय मुस्कुराना ना भूलें. एक मुस्कुराहट के साथ अपने रिश्तो में मधुरता लाएं.

Happy Diwali to All Dear Readers!!

Decoration of Diwali

दिवाली की सजावट!!!

दिवाली की सजावट सच में बहुत मायने रखती है. इस दिन लोग अपने घरों की साफ़-सफाई कर उसे सजाने में व्यस्त हो जाते हैं. इस दिन घर को सजाना उतना ही जरुरी होता है जितना माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करना होता है. कहते हैं जहां साफ़-सफाई होती है वहाँ माँ लक्ष्मी का वास होता है. यदि आपका घर साफ़ सुथरा और सजा रहेगा तो माता लक्ष्मी आप पर खुश रहेंगी.

दीवाली कहानी, लक्ष्मी पूजन मंत्र और मुहूर्त

दिवाली की सजावट

दिवाली की सजावट और घर को नया लुक देने के लिये लोग विभिन्न प्रकार की झालरों से ले कर रंगाई-पुताई आदि कराने पर ध्यान देते हैं और पैसे भी खर्च करते हैं.
लोग सोंचते हैं कि बात अगर घर को सजाने की हो तो बजट का ध्यान दिमाग से निकाल देना चाहिए. लेकिन दिवाली के दौरान लगभग हर दुकानदार अपने सामान का रेट चार गुना बढ़ा देता है. इसलिए दिवाली की सजावट करने के कुछ आसान tips आपको बताने जा रहे हैं .

दिवाली पर घर सजाने के लिये आपको कुछ Basic सी चीज़े चाहिये होती हैं. जो कि बाजार में बहुत महंगे दामों पर बेची जाती हैं. इसलिये इस काम में हम आपकी मदद करेंगे और आपको बताएंगे कि दिवाली पर किस तरह budget में रह कर घर को सजाया जाए.

कागज़ के रिबन:
वैसे इन रिबन का प्रयोग बर्थडे पार्टी या किसी अन्य पार्टी जैसे टीचर्स डे आदि पर किया जाता है. तो क्यों ना इसका प्रयोग हम दिवाली पर घर को सजाने के लिए करें. जो कि आपके बजट के अनुकूल भी होगा.

वॉल हैंगिंग(wall hanging):
दिवाली आते ही घर पर महमानों और परिवारजनों का आना-जाना शुरू हो जाता है. लोगों की भीड़ इकठ्ठा होने लगती है. तो इसलिये आपको अपने घर को अच्छी तरह से सजाना चाहिए. दिवाली की सजावट में आप गहरे रंग की वॉल हैंगिंग अपने सोफे के पीछे या बेड के ऊपर लगा सकती हैं. इससे आपका घर नया-नया नजर आएगा.

कंदील(Kandeel):
रंग-बिरंगे और कढाई वाले कंदील से आप अपनी बालकनी या घर में कम रौशनी वाली जगह को रौशन कर सकती हैं. बाजारों में कई प्रकार के कंडील उपलब्ध होते हैं.

पूजा की थाली:
दीवाली में लक्ष्मी पूजा के दिन थाली का विशेष महत्व होता है. अपने पूजा घर को साफ़ करें उसे सजाएं, उसमें रखी मर्तियों की सफाई करें और आरती की थाली को रंग-बिरंगे कपड़ों, सितारों और पेंट आदि से decorate करना न भूलें.

रंगोली(Rangoli):
इस दिन रंगोली का विशेष महत्व़ होता है. अपने घर के Main Gate पर Chalk Powder या फूलों की एक खूबसूरत रंगोली बनाएं और उस रंगोली पर कुछ दिये रखें. इससे पूरा घर खिला-खिला लगने लगता है.

हैंडीक्राफ्ट आइटम(Handcraft Items):
Clay के अद्भुत Handicraft item देखने में बहुत attractive लगते हैं और इनका budget भी कम होता है.

मूर्तियां:
मूर्तियों को आप अपने ड्राइंग रूम की साइड-टेबल पर रख कर उसके किनारे दिया सजा कर रख सकती हैं.

इस दीवाली आप भी अपने घर को ऊपर दिए हुए आईडिया से सजाकर एक खुशनुमा माहौल बनाएं. इस दिवाली को हमेशा के लिए यादगार बनाएं.
आपको कम पैसों में अपना घर सजाने के ऊपर बताए गए तरीके कैसे लगे कृपया करके हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं.

प्यारे पाठको को दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!!
अपना ख्याल रखें अपने वातावरण का भी ख्याल रखें!!