बर्थडे स्पेशल: आनंदीबेन के जन्मदिन पर जाने उनसे जुडी दिलचस्प बातें

आनंदीबेन जेठाभाई पटेल का जन्म (21 नवंबर 1 9 41) मेहसाणा जिले के विजापुर तालुका के खरोद गांव में हुआ था। एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो सबसे लंबे समय तक कार्यरत महिला विधायक हैं।आनंदीबेन गुजरात की एकमात्र महिला विधायक हैं जो लगातार 4 बार चुने गई हैं। उनके कठिन परिश्रम, साहस, ईमानदारी और धीरज उन्हें शीर्ष पर ले गया। आनंदीबेन के जन्मदिन के सम्मान में, हम आपके लिए इस बहादुर और साहसी महिला के बारे में 5 तथ्यों लेकर आए हैं जो गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी।

आईये,एक नज़र डालते है।

आनंदीबेन पटेल से जुडी Amazing बातें:

आनंदीबेन एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं
आनंदीबेन एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं

1. आनंदीबेन ने 700 लड़कों के बीच एक लड़की के रूप में अपनी शिक्षा की।

उनको लड़कों के स्कूल में भर्ती कराया गया था क्योंकि इस क्षेत्र में कोई दूसरा स्कूल नहीं था। यह बहुत ही चौंकाने वाला है कि आनंदीबेन ने 700 लड़कों के बीच सिर्फ एक लड़की होने के बाद भी अपनी पढाई की।

इसके बाद उन्हें 8 वीं कक्षा में विसनगर में स्कूल न्यूटन सर्व विद्यालय में एक गर्ल्स में शिफ्ट कर दिया गया था और आनंदीबेन को एथलेटिक्स में उनकी उपलब्धियों के लिए मेहसाणा में “वीरबाला” पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

2. वह पढ़ाई के बारे में बेहद भावुक थी और अपने कॉलेज में बैचलर ऑफ साइंस पढ़ने वाली एकमात्र लड़की थी।

1960 में आनंदीबेन ने कॉलेज में शामिल हुए और अपने कॉलेज में वो फर्स्ट ईयर की विज्ञान की एकमात्र लड़की थी।

3. शादी के बाद आनंदीबेन ने अपनी पढ़ाई को जारी रखी

1 9 65 में वह अपने पति के साथ अहमदाबाद रहने लगी। जहां उन्होंने मास्टर ऑफ साइंस में प्रवेश किया। बाद में उन्होंने 1970 में मोहनिबा स्कूल विद्यालय में एक स्कूल शिक्षिका के रूप में 30 साल तक बच्चो को पढ़ाया।

4. राजनीति की दुनिया में उनका आना काफी नाटकीय था।

आनंदीबेन ने अपने स्कूल के ट्रिप के दौरान 2 लड़कियों को डूबने से बचा लिया। वह भाजपा के ध्यान में तब आई जब वो दो छात्रों को बचाने के लिए, जो नदी के पानी में कूद गई थी।

पर वह तब शामिल नहीं हुईं क्योंकि आनंदिबेन पहली बार राजनीतिक में आने के बारे में संकोच करती थी। लेकिन बाद में यह देखकर कि राजनीति लोगों के लिए एक माध्यम बन सकती हैआनंदिबेन इसमें शामिल हो गई।

5. आनंदीबेन पटेल गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बने।

आनंदीबेन के काम के प्रति से प्रभावित हक्लार उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी।

हमारी उन्हें उनके जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनांए !

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ) में भारत का परचम

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस, न्याय की जरुरत पूरी दुनिया को होती है। इसलिए हर इंसान को न्याय दिलाने और उस तक न्याय को पहुंचने के लिए हर देश की अपनी न्याय व्यवस्था होती है। हर देश का अपना न्यायालय होता है जो लोगो की समस्या का समाधान करता है और जरूरत पड़ने पर जनहित याचिका पर भी सुनवाई करता है।

न्याय की आस सिर्फ लोगो को ही नहीं होती कई बार दो देशो के बीच कुछ मुद्दे इतने संवेदनशील होते है जिनके समाधान वो खुद नहीं कर पाते है। ऐसे में इन समस्या के समाधान के लिए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ) की स्थापना की गई है आज हम आपको बताते है ICJ के बारे में।

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ):

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस
International Court Of Justice

आपको पता है की संयुक्त राष्ट्र का मुख्य न्यायिकअंग अंतरराष्‍ट्रीय न्यायालय है और यह संयुक्त राष्ट्र के छह मुख्य भागो में से एक है। ICJ की स्थापना 26 जून 1945 को सैन फ्रांसिस्को में हुई थी। इसका मुख्यालय दि हेग (नीदरलैंड) में है।

ICJ(International Court Of Justice) की क्या है जरुरत:

ICJ
Court Of Justice

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस का उद्देश्य है सदस्य राष्ट्रों द्वारा सामने रखे गये विवादों की सुनवाई और निपटारा करना है। महासभा, सुरक्षा परिषद या महासभा द्वारा अधिकृत अन्य सहयोगी संगठन के अनुरोध करने पर किसी वैधानिक प्रश्न से जुडी सलाह देना है।

जज का कार्यकाल:

  • इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में 15 जज होते हैं। इनका चुनाव 9 वर्ष के कार्यकाल के लिए महासभा और सुरक्षा परिषद स्वतंत्र रूप से करता है। एक-तिहाई सीटों के लिए प्रति तीन वर्षों के बाद चुनाव होते हैं।
  • किसी भी देश के दो जज का चुनाव नहीं किया जाता।
  • इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस के न्यायाधीश को राजनीतिक या प्रशासनिक गतिविधियों में भाग लेने की स्वीकृति नहीं दी जाती।

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में भारत के जज:

Indian Judge of Intertional Court of Justice
Indian Judge

ICJ में भारत ने भी अपना डंका बजाया है और हमारे देश के 4 जज इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में जज रह चुके है। मुझे पूरा यकीं है ये सुनकर आपको भी इंडियन होने पर गर्व हुआ होगा, तो देखते है कौन से वो 4 जज।

  1. दलवीर भंडारी

भारतीय जज दलवीर भंडारी ने नीदरलैंड के हेग की अंतर्राष्ट्रीय अदालत में दूसरी बार जज चुने गए। दलवीर को जनरल एसेंबली में 183 वोट मिले। सिक्योरिटी काउंसिल में जस्टिस भंडारी को 15 वोट ही मिले। भंडारी का जज के चुनाव के लिए मुकाबला ब्रिटेन के उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से था। भंडारी दूसरी बार इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस के जज बने हैं। राजस्थान के जोधपुर से ताल्लुक रखते हैं भंडारी।

2. जस्टिस नगेंद्र सिं‍ह

जस्टिस नगेंद्र सिंह भी राजस्थान के ही डूंगरपुर के राजघराने से ताल्लुक रखते है। नगेंद्र सिं‍ह इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में 1973 से 1988 के बीच जज रहे। इस दौरान ही सिंह 1976-79 में वाइस प्रेसिडेंट और उसके बाद 1985-88 में प्रेसिडेंट बने।

जस्टिस बेनेगल नरसिंग राव:

बेनेगल नरसिंह राव या बी. एन. राव एक भारतीय प्रशासनिक अधिकारी, राजनयिक और राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते थे। इनकी भारत के संविधान का ढांचा तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही थी।
बेनेगल नरसिंग राव का हेग में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश होने का गौरव प्राप्त है जो संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का प्रमुख न्यायिक अंग है।

जस्टिस रघुनंदन स्‍वरूप पाठक: 

रघुनंदन स्वरूप पाठक का भारत के 18वें मुख्य न्यायाधीशके रूप में चुना गया। साथ ही वो अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुके है। इन्होंने इस पद पर 1989 से 1991 तक कार्य किया। इनका जन्म 25 नवम्बर 1924 को बरेली सन्युक्त प्रांत में हुआ था।

ये वो जज थे जिन्होंने दुनिया के सामने भारत का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।

“स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2” का पहला पोस्टर रिलीज़ 

“स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2” का पहला पोस्टर रिलीज़ हो गया है। ये 2012 में करण जोहर के निर्देशन में आई “स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर” का दूसरा पार्ट है। ये 2012 की सुपरहिट फिल्म थी। इस फिल्म के गानो से लेकर स्टोरी तक युवाओ को काफी पसंद आई थी।

स्टूडेंट ऑफ़ थे ईयर 2(sTUDENT OF THE YEAR2):

करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन के निर्देषन में बन रही फ़िल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2’ का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है। टाइगर श्रॉफ फ़िल्म में लीड रोल निभा रहे हैं। इस पोस्टर में टाइगर श्रॉफ स्कूल बैग पर अपने सिर को टिकाये हुए स्टाइलिश नज़र आ रहे हैं! साथ ही पोस्टर में लिखा हुआ है की “एडमिशन ओपन 2018″। ये फिल्म अगले साल रिलीज हो सकती है।

स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर(sTUDENT OF THE YEAR):

साल 2012 में आई ये फिल्म भी करण जोहर के निर्देशन में बनी थी। इस फिल्म से आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बॉलीवुड में एंट्री क थी। इस फिल्म के गाने आज भी लोगो की जुबान पर चढ़े हुए है और आज भी ये गाने लोगो को थिरकने पर मजबूर करते है। इस फिल्म की कहानी युवाओ की कॉलेज लाइफ पर आधारित थी।

टाइगर श्रॉफ:

स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2 के लीड किरदार
टाइगर श्रॉफ है लीड किरदार

टाइगर श्रॉफ की पिछली फिल्मे जिनसे उन्हें काफी उम्मीद थी “फ्लाइंग जट्ट” और ‘मुन्ना माइकेल’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पिट गई थीं। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि वो आने वाला समय स्क्रीन पर धमाल आकर सकते है क्योंकि उनकी जबरदस्त एक्शन फिल्म ‘बागी-2’ की शूटिंग इन दिनों से बहुत तेजी के साथ कर रहे हैं. इसके तुरंत बाद वो ‘रैंबो’ के ऑफिशल रीमेक में भी नजर आ सकते हैं और जिसमे टाइगर काफी खतरनाक अंदाज में दिख रहे हैं। साथ ही वो ऋतिक रोशन के साथ भी एक एक्शन फिल्म में काम कर रहे हैं। लेकिन अब ताजा खबर यह है कि टाइगर श्रॉफ ‘स्टुडेंट ऑफ द ईयर-2’ भी कर रहे हैं।

सुन्दर और घने बालो की देखभाल के लिए आज़माये ये आसान घरेलू तरीके

सुन्दर और घने बालो की देखभाल आज के ज़माने में बहुत ही मुश्किल काम है| मज़बूत, घने और सुन्दर बालो का होना हर किसी का सपना होता है| पर आज की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में स्ट्रेस, प्रदूषण और तमाम प्रोब्लेम्स के चलते घने और मज़बूत बाल होना एक सपना ही बन गया है| अगर आप भी अपनी पतले और दो मुँह बालो के होने से परेशान है तो हमारा आज का ये आर्टिकल आपके ही लिए है|

आज हम आपके लिए लेकर आए है बालो में कैसे लाए जान? कैसे पाए पतले और दो मुँह बालो से छुटकारा? तो देर किस बात की चलिए जानते है फिर सुन्दर और घने बालो की देखभाल कैसे करे|

सुन्दर और घने बालो की देखभाल के लिए उपाय:

 सुन्दर और घने बालो की देखभाल करे
how to care your beautiful hair
  • एक अंडा, दो बड़े चम्मच (castor oil) अरंडी का तेल, 1 चम्मच सिरका और 1 चम्मच ग्लिसरीन को मिलाकर घोल तैयार कर ले। इसे घोल को धीरे धीरे बालों की जड़ो में लगायें। इसके बाद अपने सिर को एक घंटे तक किसी कपड़े से ढक कर रखें। अंत में ठंडे पानी से बालो को अच्छी तरह धो लें | इससे आपके रूखे बेजान बाल एकदम Silky and shiny hair हो जायेंगे | So let’s try
  • कॉफी का इस्तेमाल भी बालो को काला करने के लिए कर सकते है। आप तीन चम्मच आर्गेनिक कॉफ़ी (कॉफ़ी बीन को पीसकर) को पानी में उबाल लें | ठंडा होने पर इस घोल से बालों को धो ले। इस से आपके बाल काले और चमकदार हो जायेंगे | हो गए न हैरान
  • सिर की त्वचा को बेहतर करने के लिए आप एक कप रेड वाइन में एक अंडा और एक चम्मच चाय का बेकिंग पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला ले। सिर पर इससे मालिश करें। एक घंटे तक लगाने के बाद शैम्पू से बालो को धो ले।
  • गुलाब के फूलों से भी आप अपने बालो को सुन्दर और मज़बूत बना सकते है। आपको करना ये है की आधा कप ताज़ा गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छी पीसकर पेस्ट बना लें और उसमे दो अंडे, चार चमम्च बादाम का तेल मिलाए इसके बाद एक घंटे तक अपने बालों पर लगा कर रखें फिर बालों में धो ले|

ये सब आसान से उपाय करने से ना सिर्फ आपके बाल सुन्दर होंगे बल्कि लम्बे, चमकदार सुन्दर और घने बाल भी हो जाएंगे| तो देर किस बात की आज ही ये Easy टिप्स को इस्तेमाल में लाए| आज की इन उपायों से करे अपने सुन्दर और घने बालो की देखभाल|

भारत की 5 वीरांगनाओ जिन्होंने अपने बलिदान से लिखी अमरकथा

वीरांगनाओ भारत देश के इतिहास स्वर्णिम रहा है जहाँ हमारे देश को “सोने की चिड़िया” कहा जाता था। वही इस देश के दामन पर दाग लगाने और इस भूमि पर अपना कब्ज़ा करने के उद्देश्य से ब्रिटिश से लेकर विदेशी लुटेरों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी। जहाँ उन ताकतवर हमलावरों ने देश के कई राज्यों पर आक्रमण कर उनपर अपनी हुकूमत की, तो देश में कुछ महाराजा-महारानी ऐसे भी थे जिन्होंने उनके शासन के खिलाफ जंग छेड़ दी।

इन विदेशी हमलावरों के खिलाफ आवाज़ उठाने वालो में सिर्फ देश के राजा-महाराजा ही नहीं बल्कि देश की वीरांगनाओ  भी आती थी। जिन्होंने अपने पराक्रम से विदेशी हमलावरों के दांत खट्टे करे, आज हम आपको देश की ऐसे ही वीर रानी-महारानी  के बारे में बताएंगे।

  1. महारानी पद्मावती(Padmavati):

Beautiful Padmavati
वीरांगनाओ में रानी पद्मवनी, राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की पुत्री थीं
  • फिल्म “पद्मावती” से सुर्खियों में आई है रानी पद्मवनी। राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की पुत्री थीं पद्मनी। रानी पद्मावती का विवाह चित्तौड़ के राजा रत्नसिंह के साथ हुआ था। रानी बहुत ही खूबसूरत थी और उनकी खूबसूरती के चर्चे दूर-दूर तक थे।
  • रानी पद्मावती की सुंदरता पर दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी का दिल आ गया। इसके साथ ही रानी को प्राप्त करने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया। खिलजी ने राजा रत्नसिंह को धोखे से मार गिराया। तब अपने मान-सम्मान की रक्षा के लिए वीर रानी पद्मावती ने 1303 ईस्वी में राजपूत वीरांगनाओं के साथ जौहर कर लिया।

2. रानी दुर्गावती (Durgavati):

Maharani Durgavati
वीरांगनाओ दुर्गावती का जन्म सन1524 में गोंडवाना में हुआ था
  • महारानी दुर्गावती का जन्म सन 1524 में गोंडवाना में हुआ था। कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं दुर्गावती। राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपत शाह के साथ उनका विवाह हुआ था। विवाह के सिर्फ 4 साल बाद ही राजा दलपतशाह चल बसे। उस समय रानी दुर्गावती का पुत्र नारायण काफी छोटा था, ऐसे में रानी ने ही गढ़मंडला का कार्यभार संभाला।
  • महारानी दुर्गावती की बहादुरी का वर्णन भारतीय इतिहास में काम ही मिलता है क्योंकी उन्होंने मुस्लिम शासको को कई बार युद्ध में हराया। मुग़ल शासक अकबर(Akbar) दूसरी राजपूत घरानों की विधवाओं की तरह ही महारानी दुर्गावती को भी अपने रनवासे की शोभा बनाना चाहता था।
  • रानी दुर्गावती ने अकबर के आगे झुकने से इंकार करते हुए अपनी आज़ादी और अस्मिता के लिए युद्ध भूमि का रास्ता चुना और युद्ध में अनेक बार शत्रुओं को पराजित करते हुए 1564 में देश के लिए अपना बलिदान दे दिया।

3. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई (Jhansi ki Rani Lakshmi Bai):

Rani Lakshni bai
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में हुआ था
  • ‘मनु’ यानि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1835 में वाराणसी में हुआ था। उनका नाम मणिकर्णिका था। प्यार से सब उन्हें “मनु” बुलाते थे। 1842 में मनु की शादी झांसी के राजा गंगाधर राव के साथ हुई। शादी के बाद ही मनु को ‘लक्ष्मीबाई’ नाम से नवाज़ा गया। 1851 में इनको एक बेटा हुआ लेकिन 4 महीने बाद ही उसकी मृत्यु हो गई।
  • इसके बाद रानी ने दामोदर राव को गोद लिया गया। रानी लक्ष्मीबाई 18 साल की थी जब महाराजा गंगाधर राव की भी मृत्यु हो गई। इसके बाद भी रानी ने हिम्मत नहीं हारी, ब्रिटिश हुकूमत ने बालक दामोदर को झांसी का वारिस मानने से इंकार कर दिया और वो झांसी को ब्रितानी राज्य में मिलाने का षड्यंत्र करने लगे।
  • 1858 में ब्रिटिश सरकार ने झांसी पर हमला कर उसको घेर लिया व उस पर कब्जा कर लिया। रानी ने हार नहीं मानी और वो अंग्रेज़ो का सामना करते हुए 18 जून 1858 को वीरगति को प्राप्त हो गई। वीरांगनाओ में इनका नाम अमर है।

4.रानी द्रौपदी (Draupadi) :

Rani Draupadi
वीरांगनाओ में महारानी द्रौपदीबाई
  • रानी द्रौपदीबाई धार क्षेत्र में हुई क्रांति की सूत्रधार थी। धार के राजा के देहांत के बाद राजा की बड़ी रानी द्रौपदीबाई ने ही राज्यभार को संभाला क्योंकि आनंदराव बाला साहब नाबालिग थे।
  • रानी द्रौपदीबाई ने 1857 की क्रांति में ब्रितानियों का विरोध किया। रानी ने क्रांतिकारियों की सहायता की। ब्रिटिश सैनिकों ने 22 अक्टूबर 1857 को धार का किला घेर लिया। ये किला मैदान से 30 फुट की ऊंचाई पर था। किले के चारों ओर 14 गोल तथा 2 चौकोर बुर्ज बने हुए थे।
  • क्रांतिकारियों ने उनका डटकर मुकाबला किया। ब्रितानियों को आशा थी कि वे शीघ्र आत्मसमर्पण कर देंगे, पर ऐसा न हुआ। 24 से 30 अक्टूबर तक संघर्ष चलता रहा। रानी द्रौपदीबाई ने वीरता के साथ उनका सामना किया।

5.राजकुमारी रत्नावती (Ratnavati) :

Rajkumari Ratnavati of Jasalmer
राजकुमारी रत्नावती
  • जैसलमेर के नरेश महारावल रत्नसिंह ने अपने किले की रक्षा की जिम्मेदारी अपनी बेटी रत्नावती को सौपी थी।इस किले पर कब्ज़ा करने के लिए दिल्ली के शासक अलाउद्दीन की सेना ने किले को घेर लिया,। राजकुमारी रत्नावतीने इससे ना घबराते हुई उनका डटकर सामना किया और अलाउद्दीन क्वे सेनापति सहित 100 सैनिको को बंधक बना लिया अलाउद्दीन के इरादों पर पानी फेरते हुए इस शासक को अपने कदम वापस लेने पर मजबूर आकर दिया।

ये थी भारत भूमि की वो वीरांगनाओजिसने अपने पराक्रम और बहादुरी से अपना नाम इतिहास के सुनहरे अक्षरों में हमेशा के लिए दर्ज़ करा लिया, इन्ही सभी को हमारा शत-शत नमन है।

इंदिरा गाँधी: क्या है इस आयरन लेडी की कहानी

इंदिरा गाँधी ये भारत के इतिहास का ऐसा नाम है जिससे शायद ही कोई भूल पाए। भारतीय राजनीति में इस महिला ने एक अहम छाप छोड़ी। इंदिर गाँधी को हमारे देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनाने का गौरव प्राप्त हुआ। भारतीय राजनीति में इन्हे तेज़-तरार नेता के रूप में जाना जाता था। अपने जीवनकाल में इंदिरा गाँधी एक या दो बार नहीं बल्कि चार बार भारत की प्रधानमंत्री रही।

आज हम आपको इंदिरा गाँधी के जीवन के बारे में ऐसे कुछ राज़ बताएंगे जो आपको हैरान कर देंगे और जिन्हे आप ने शायद ही कभी सुना हो।

शनि अमावस्या पर कैसे करे भगवान शनि को खुश

इंदिरा गाँधी:

Iron Lady Of India
इंदिरा गाँधी के बचपन की फोटो

इंदिरा गाँधी का जन्म राजनीतिक रूप से प्रभावशाली और आर्थिक रूप से संपन्न नेहरू परिवार में 19 नवम्बर 1917 को हुआ था। इनके पिता जवाहरलाल नेहरू और माता कमला नेहरू की इकलौती बेटी थीं।

इंदिरा का नाम दादा पंडित मोतीलाल नेहरू ने रखा था। इनके दादा को लगता था कि पोती के रूप में उन्हें माँ लक्ष्मी और दुर्गा की प्राप्ति हुई है।

इन्होने अपनी शिक्षा इकोले नौवेल्ले, बेक्स (स्विट्जरलैंड), इकोले इंटरनेशनेल, जिनेवा, पूना और बंबई में स्थित प्यूपिल्स ओन स्कूल, बैडमिंटन स्कूल, ब्रिस्टल, विश्व भारती, शांति निकेतन और समरविले कॉलेज, ऑक्सफोर्ड जैसे मशहूर शिक्षा संस्थानों से प्राप्त की।

इंदिरा गाँधी ने 26 मार्च 1942 को फ़िरोज़ गाँधी के साथ विवाह किया। उनके दो बेटे राजीव और संजय गाँधी हुए।

इंदिरा के बारे में रोचक पहलू:

First Lady Prime Minister Of India
इंदिरा गाँधी के पिता जवाहर लाल नेहरू थे
  • क्या आपको पता है की इंदिरा गांधी का पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी गाँधी था।
  • शान्तिनिकेतन में साक्षात्कार के समय ही रबिन्द्रनाथ टैगोर ने उनको प्रियदर्शिनी नाम दिया और तभी से वह इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरु के नाम से पहचानी गई।
  • देश प्रेम उनके खून में बचपन से ही था तभी उन्होंने 1930 के ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन के समय कॉग्रेस के स्वयंसेवको को मदद करने के लिए छोटे बच्चों की ‘वानरसेना’ बनाई थी।
  • इंदिरा गांधी ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ के तहत 1942 में जेल गई।
  • देश में इंदिरा गांधी को ‘लौह महिला’ (Iron Lady) के नाम से भी बुलाये जाने लगा।

राजनितिक जीवन:

इंदिरा गाँधी का राजनितिक जीवन
इंदिरा गाँधी का सफल राजनितिक जीवन
  • इंदिरा गाँधी ने 1959 और 1960 में चुनाव लड़ा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गई।
  • नए प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रेरणा से वो चुनाव लड़ीं और 1966-1964 तक सूचना और प्रसारण मंत्री रहीं।
  • जनवरी 1966 में इंदिरा देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी।
  • 14 जनवरी 1980 में इंदिरा गाँधी चौथी बार प्रधानमंत्री चुनी गई।

विवादित फैसले:

Indira Gandhi Declared Emergency
आपातकाल की घोषणा की
  • “ऑपरेशन ब्लू स्टार” इनका एक ऐसा ही विवादित फैसला था। इस फैसले की कीमत इंदिरा गाँधी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। स्वर्ण मंदिर में हजारों नागरिकों की उपस्थिति होने के बाद भी गांधी ने आतंकवादियों का खात्मा करने के लिए सेना को इस ऎतिहासिक धर्मस्थल में प्रवेश करने का आदेश दिया। अलगाववादी एक अलग राज्य खालिस्तान की मांग के लिए हिंसा कर रहे थे जिसकी वजह से इंदिरा गाँधी को ये फैसला लेना पड़ा।
  • “26 जून आपातकाल 1975 “ इससे भारतीय सविधान का काला दिन कहा जाता है। जब 26 जून की रात भारतीय संविधान की धारा 352 के तहत आपातकाल की घोषणा कर दी। इस दौरान सविधान का चौथा स्तम्भ कहे जाने वाले “मीडिया” की आज़ादी पर रोक लगा दी गयी थी।

इंदिरा ने जहा अपने मजबूत फैसले से देश को बदला वही अपने कुछ विवादित फैसलो की वजह सेआलोचना का शिकार होना पड़ा। इंदिरा गाँधी की मौत 31 अक्टूबर 1984 को दो अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या कर दी गई, देश के लिए किया उनका कार्य आदर्शनीय है।

शनि अमावस्या पर कैसे करे भगवान शनि को खुश

शनि अमावस्या 2017!! न्याय के देवता है शनि। लोगो को उनके कर्मो के अनुसार फल प्रदान करते है भगवान शनि। इनको प्रसन्न करके आप अपने जीवन में खुशियां ला सकते है। ये आप कर सकते है शनि अमावस्या 2017 के अवसर पर। शनि अमावस्या का शुभ संयोग बहुत कम अवसर पर बनता है।

शनि देव को शनि अमावस्या बहुत प्रिय है। इस साल शनि अमावस्या 2017, 18 नवंबर 2017 यानी शनिवार को मनाई जाएगी। ऐसा माना जाता है कि साढ़ेसाती एवं ढैय्या के दौरान शनि ग्रह व्यक्ति पर शुभ-अशुभ फल प्रदान करता है।शनि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा कर उन्हें प्रसन्न कर व्यक्ति शनि के कोप से खुद का बचा सकता है।

कौन है शनि:

God of Justice Shani
Shani Amavsya

शनि भगवान सूर्य तथा छाया के पुत्र हैं। मृत्यु के देवता यमराज शनिदेव के बड़े भाई हैं। आकाश मंडल में सौर परिवार के जो 9 ग्रह हैं, उनमें यह दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। शनिदेव यदि रुष्ट हो जाएं तो राजा को रंक बना देते हैं और यदि प्रसन्न हो जाएं तो आम आदमी को खास आदमी बना देते हैं।

शनि अमावस्या का योग:
18 नवंबर 2017 को शनि अमावस्या पर 30 साल बाल शोभन योग बन रहा है। यह योग दान-पुण्य से लेकर बाजार से खरीदी नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ रहेगा। इस दिन शनि के साथ बुध-चंद्रमा की युति से फसलों और व्यापार में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। साथ ही पूजा-पाठ से शनि की कृपा भी बरसेगी।

शनि अमावस्या 2017 का महत्व:
मार्गशीर्ष अमावस्या का एक अन्य नाम अगहन अमावस्या भी है। इस अमावस्या का महत्व कार्तिक अमावस्या से कम नहीं है। जिस प्रकार कार्तिक मास की अमावस्या को लक्ष्मी पूजन कर दिपावली बनाई जाती है। इस दिन भी श्री लक्ष्मी का पूजन करना शुभ होता है. इसके अतिरिक्त अमावस्या होने के कारण इस दिन स्नान- दान आदि कार्य भी किये जाते है। अमावस्या के दिन पितरों के कार्य विशेष रुप से किये जाते है. तथा यह दिन पूर्वजों के पूजन का दिन होता है।

क्यों खास है शोभन योग:
इस शनिश्चरी अमावस्या पर दोपहर 12.48 बजे तक गजकेसरी योग रहेगा। इसके उपरांत बुधादित्य योग के साथ काल सर्पदोष की भी निष्पत्ति हो रही है। इस योग के कारण शिक्षा एवं न्याय क्षेत्र में काम करने वाले और विद्यार्थियों के लिए शुभ रहेगा। जलीय वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, ऑटो मोबाइल सेक्टर में महंगाई बढ़ेगी।

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में क्या इस बार खास जानने के लिए यहां क्लिक करें

शनि अमावस्या 2017

शनि अमावस्या 2017
शनि अमावस्या पर करना चाहते है भगवान शनि को खुश

का शनि भक्तो पर असर:

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न्याय के देवता है शनि

शनि अमावस्या को शनि भक्तों के लिए फलदायी मानी जाती है। शनि अमावस्या को न्याय के देवता शनिदेव का दिन माना गया है। जिन जातकों की जन्म कुंडली या राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैया का असर होता है, उनके लिये यह खास दिन है, क्योंकि शनि अमावस्या पर शनि देव की पूजा-अर्चना करने पर शांति व अच्छे भाग्य की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ मास में दान-पुण्य के लिए ये सबसे अच्छा दिन माना जाता है। शनि मंदिरों में इस दिन दर्शन-पूजन से शनि पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।

शनि अमावस्या पर करे ये उपाय

  • शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आप दिन व्रत रख सकते है इससे शनि दोषों से छुटकारा दिलाता है।
  • शनिदेव के कवच, बीज मंत्र और स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  • शनिवार व्रत कथा पढ़ना भी उत्तम माना जाता है।
  • शनि अमावस्या के दिन व्रत के दौरान फल, दूध और लस्सी आदि ग्रहण कर सकते हैं।
  • शाम के समय हनुमान जी और बटुक भैरव का दर्शान करें।
  • काले उड़द की खिचड़ी में काला नमक मिलाकर ग्रहण करना चाहिए। इसके अलावे काले उड़द दाल का मीठा हलवा भी ग्रहण कर सकते हैं।

शनि अमावस्या पर इन् आसान उपायों को कर के भगवान शनि को प्रसन्न कर सकते है, उनकी कृपा पा सकते है,

अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म फेस्टिवल 2017 का होगा शानदार आगाज़

बॉलीवुड वैसे तो अपनी चमक से हमेशा जगमगया रहता है, लेकिन जब बात किसी फिल्म फेस्टिवल की आती है तो इसकी रौनक देखती ही बनती है, फिल्म जगत में वैसे तो कोई न कोई फिल्म फेस्टिवल चलता रहता है, लेकिन जो फिल्म फेस्टिवल इस समय देश में चल रहा है वो है International Film Festival India 2017 (इफ्फी)

IFFI Goa 2017 :

IFFI 2017 in Goa
International Film Festival Of India 2917

48वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन 20 नवंबर से गोवा में किया जा रहा है। इस IFFI की खास बात ये है की इसमें इस बार बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को सम्मानित किया जाएगा।

http://sarijankari.com/2017/11/16/smog-delhi-reasons-save/

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल इंडिया 2017 (IFFI )-

  • International Film Festival India 2017 की शुरुआत 20 नवंबर से लेकर 28 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
  • पूरे 8 दिनों तक दर्शकों को विभिन्न भाषओं की बेहतरीन फिल्में देखने को मिलेंगी।
  • इस महोत्सव में बहुत से सेलिब्रिटीज को सम्मानित किया जाएगा तो देश के बेहतरीन सिनेमा को लोगों के सामने लाने का काम किया जाएगा।
  • इसके अलावा आपको बहुत से फिल्मी सितारें इन 8 दिनों में महोत्सव में शिरकत करते हुए दिखेंगे।

IFFi में विवाद-

  • इस International Film Festival India 2017 में दो फिल्में मलयालम भाषा की सेक्सी दुर्गा और मराठी की न्यूड को दिखाया जाना था।
  • महोत्सव के लिए बनी 13 सदस्यों की ज्यूरी में मशहूर फिल्म निर्माता सुजॉय घोष को अध्यक्ष बनाया गया था।
  • सेक्सी दुर्गा और न्यूड ज्यूरी को इतनी पसंद आई थीं कि उन्होंने इन्हीं के साथ महोत्सव की शुरुआत करने की सोची थी। लेकिन इन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सूची से हटा दिया है। जिसकी वजह से नाराज घोष ने 13 सदस्यीय टीम से इस्तीफा दे दिया है।

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2017 हर बार की तरह बहुत सारे Twist & Turns के साथ वापस आया है।यहाँ आपको बॉलीवुड से लेकर दूसरी फिल्म जगत की भी बेहरीन फिल्मो की झलक देखने को मिलती है। यही खास बात है इफ्फी की। आज हमने आपको रूबरू कराया इसी के कुछ रंगीन पहलुओं से।

जानें दाउद इब्राहम के अंडरवर्ल्ड डॉन बनने की कहानी

आज हम फिर आपके लिए एक ऐसे पर्सनालिटी के बारे में बताएँगे जिसका नाम तो आपने सुना होगा पर आप उसके बारे में पूरी कहानी नहीं जानते होंगे। जिसके बारे में हम आपको बताएंगे वो है डॉन दाउद इब्राहम। इनका नाम अपराध की दुनिया का जाना – माना नाम है।

1970 से 90 में भारत में गैंगस्टर कल्चर अपनी चरम सीमा पर था मुंबई की झोपड़ियों और चौलों में अपराधी पनप रहे थे इसी अपराध की दुनिया के सबसे बड़े नाम भी इसी चौलों से निकला इन सबकी शुरुआत छोटी-मोटी चोरियों से हुई थी। जैसे ब्लैक में फ़िल्म के टिकट बेचना लेकिन धीरे-धीरे इनके बड़े-बड़े सपने आकाश को छूने लगे और जुर्म की दुनिया से ये बन गए मुंबई अंडरवर्ल्ड के बादशाह दाऊद इब्राहिम। लेकिन ऐसी कई बातें है जो आपको इस डॉन के बारे में हीं पता होंगी। चलिए जानते है फिर उन बातो को।

http://sarijankari.com/2017/11/16/winters-skin-care-beautiful-tips/

कौन है Daud Ibrahm-

ऐसा कोई भारतीय नहीं होगा जिसने दाऊद इब्राहिम का नाम नहीं सुना होगा। डी कंपनी शुरू करने के बाद, दाऊद जुर्म की दुनिया का इतना बड़ा नाम बन गया कि अब उसकी गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक अपराधियों की लिस्ट में उनका नाम तीसरे नंबर पर है।

  • दाऊद इब्राहिम का जन्म महाराष्ट्र के रत्नागिरी में हुआ था।
  • पार्टियों का शौकीन दाऊद को बचपन से ही जल्द से जल्द पैसा कमाने की ललक थी। इसके लिए उसने गलत रास्ता को अपनाया ।
  • दाऊद के पिता इब्राहिम कासकर मुंबई पुलिस में कांस्टेबल थे और उनके 7 बेटे और 3 बेटियां थीं
  • सबसे बड़ा बेटा साबिर था और दाऊद दूसरे नंबर पर था ।
  • दाऊद इब्राहिम ने 9वीं के बाद ही स्कूल से नाता तोड़ दिया था। पैसे की ललक उस पर इस कदर सवार हुए की वो आपराधिक गतिविधियों में लगने लगा।
  • दाऊद के आपराधिक जीवन की शुरुआत एक बिजनेसमैन के साथ लूटपाट से हुई जिसकी वजह से उसे जेल जाना पड़ा।
  • इसके बाद से दाऊद मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला के गैंग के लिए काम करने लगा, लेकिन धीरे-धीरे उसकी राह अलग होती गई।
  • वह अपने भाई के साथ एक अलग गैंग चलाने लगा।
  • 1980 के दशक में दाऊद का नाम मुंबई के अपराध जगत में बहुत तेज़ी से उभरा । उसकी पहुंच फिल्म जगत से लेकर सट्टे और शेयर बाज़ार तक हो गई थी।
  • करीम लाला और हाजी मस्तान जैसे डॉन अब पुराने हो चले थे और उनका दौर खत्म हो रहा था। ऐसे वक्त पर दाऊद इन दोनों की जगह धीरे-धीरे ले रहा था ।
  • उसका काम था धमकी देकर फिरौती वसूल करना। वह मुंबई पुलिस की नजरों में चढ़ चुका था और उसका जेल आने-जाने काअब आम बात हो गई थी।
  • मुंबई में उसका खौफ काम कर रहा था और वह करोड़ों में खेल रहा था।

भारत के सबसे बड़े दुश्मन और 1993 मुंबई बम धमाके के मास्टरमाइंड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम इस वक़्त भारत सरकार के कब्ज़े से दूर है। सरकार के तमाम कोशिशों के बाद भी दाऊद भारत सरकार के हाथ अभी तक नहीं लगा।

 

सर्दियों में इन आसान उपायों से अपनी स्किन को बनाए चमकदार और कोमल

अक्टूबर आते ही मौसम में बदलाव आने लगता है। गर्म मौसम अब धीरे-धीरे ठंडी हवाओ में बदलने लगता है। जब ये मौसम आता है तो हम सबको बहुत अच्छा लगता है और लगे भी क्यों ना, ये हमें बेरहम गर्मी से राहत जो दिलाता है। Winters के साथ ही हमारी त्वचा में भी बदलाव आने लगता है।

ठंडी हवा से हमारी त्वचा में रूखापन होने लगता है और त्वचा में माॅइश्चराइज की कमी आ जाती है। हाथों पैरों होठो की त्वचा फटना Winters की एक आम समस्या हैं। पर आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है हम आपके लिए सर्दियों में अपनी खूबसूरती को बरक़रार रखने के आसान Tips के लेकर आये है।

http://sarijankari.com/2017/11/15/trade-fair-2017/

सर्दी में स्किन के लिए आज़माए ये तरीके –

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Skin Care in Winters
  • सर्दियों में आपके चेहरे की त्‍वचा सबसे ज्‍यादा खुली रहती है तो ऐसे में हमेशा क्रीम या मॉइस्‍चराइजर का इस्तेमाल करे। अगर आपकी स्किन ऑयली है तो ऐसे में आप माइल्‍ड फेस वॉश का प्रयोग कर सकती है।
  • अपनी त्‍वचा को स्‍क्रब करती रहें और इसके बाद त्वचा पर सनस्‍क्रीन लगाना ना भूले।
  • नहाते समय आप माइल्ड साबुन का उपयोग करें। कठोर साबुन आपकी त्वचा को शुष्क होने बनाता है।
  • सर्दी के मौसम में ठंडे पानी से नहाना त्वचा और आपकी सेहत दोनों के लिए ही अच्छा होता है। इससे न सिर्फ आपके शरीर में गर्मी आती है बल्कि सर्दी-जुकाम से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।
Tips for skin care in winters
How to care your skin in winters
  • अगर ठन्डे पानी से नहाना आपके लिए संभव नहीं है तो आप गुनगुना पानी भी लें सकते है, ज्यादा गर्म पानी हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।
  • नहाने के बाद त्वचा पर कोल्ड क्रीम व मॉइश्चराइजर का उपयोग करें। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और त्वचा को ठंड एवं शुष्क हवा के प्रकोप से भी बचाए रखा जा सकता है।
  • अपनी स्किन पर केले और पपीते का फेस पैक लगाए, इससे ना सिर्फ आपकी स्किन टाइट रहेगी और आपका चेहरा भी चमकेगा।
easy beauty tips for Skin Care in Winters
Make your skin beautiful
  • सर्दी में धूप सेंकतें हुए सीधे धूप में न बैठे क्योंकि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा से जुडी समस्याएं को और बढ़ा देती है, इसलिए अच्छा होगा कि धूप में बैठने से पहले त्वचा पर सन ब्लॉक क्रीम का इस्तेमाल करें।
  • अगर आपकी त्वचा ज्यादा रूखी है तो रात को सोने से पहले चेहरे पर बादाम या जैतून के तेल की मालिश कर सोने जाए।
  • सर्दियों आते ही हमारी प्यार पूरी तरह से खत्म जाती है तो पूरी तरह गलत है, इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पिए ऐसा करने से आपके होंठो में नमी बनी रहती है । साथ ही आप लिप बाम और पैट्रोलियम जेली का भी इस्तेमाल करें।

इस तरह के आसान और घरेलू उपायों के प्रयोग से आप भी अपनी सर्दियों को Happy Winters बना सकती है।