डॉक्टर के लिए थैंक्यू कविता

थैंक्यू डॉक्टर थैंक्यू डॉक्टर
लव यू डॉक्टर लव यू डॉक्टर

“कितना अच्छा उपचार करते हो
जीवन में हमारे खुशियां भरते हो
रोते हुए हम तुम्हारे पास हैं आते
हंसते हुए तुम हमें भेजते हो”

“तुम कहलाये धरती के भगवान
तुम ने बचाई हमारी जान
सब की सेवा हो तुम करते
यही जहां में तुम्हारी पहचान”

“एक दिन जब एक्सीडेंट हुआ था
जिंदगी पर से भरोसा, मेरा उठा था
पहुंचा जब एम्बुलेंस में पास तुम्हारे
तुमसे ही जीवन का वरदान मिला था”

“अपनी यही पहचान बनाए रखना
लोगों के चेहरे पर मुस्कान दिलाए रखना
जब भी पड़े जरुरत तुम्हारी
अपनी उपस्थिति बनाये रखना”

“तू ना सौदा करना, किसी से किसी की जान का  
दूर फेंकना हथियार अपने अभिमान का
लोगों की दुआओं में जिंदा तू रहेगा
तभी मिलेगा तुझे दर्जा भगवान का”

“मुबारक हो तुम्हें डॉक्टर्स डे
भर लो फिर से साहस ये 
करनी है सेवा दूसरों की तुम्हे
तुम्हारी खुद की भी मर्जी हो ये”

“आज का डॉक्टर कल मरीज भी बन सकता है” डॉक्टर्स डे पर कविता

Doctors Day poem…. उन डॉक्टर्स के लिए जिन्होंने जाने अनजाने मरीज पर पैसे का बोझ गिराया है.

Doctors Day poem

एक कविता(Doctors Day poem) के माध्यम से हम पूछना चाह रहे हैं कि अगर भविष्य में आज का डॉक्टर कल को मरीज बनता है तो वह डॉक्टर अपने आपको किस रूप में देखेगा एक “डॉक्टर के रूप” में या एक “मरीज के रूप” में.

यह कविता लिखने का मात्र इतना उद्देश्य है कि आज के समय में एक डॉक्टर की मानसिकता बदल चुकी है. आज के डॉक्टर की मानसिकता में पैसे की मांग ज्यादा और दूसरों की सेवा का जज्बा कम नजर आता है. दूसरी तरफ डॉक्टर को यह लगता है कि अगर वह मरीजों से पैसे नहीं लेंगे तो उनका इलाज अच्छी तरह नहीं कर पाएंगे,तो उनको अच्छी सुविधाएं नहीं दे पाएंगे.
दोनों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है. इसी बात को लेकर मरीज और डॉक्टर का रिश्ता भी बदलकर कुछ और हो गया है.

जरूर पढ़ें…. डॉक्टर्स डे पर विशेष

“आज का डॉक्टर कल मरीज भी बन सकता है”

क्यों तूने अपने विश्वास को खोया है
क्यों तूने अपने मरीज का पैसा डुबोया है
एक बात तो तू खुद से भी पूछ ले जालिम
कल को जब तू बीमार होएगा
किस डॉक्टर के बेड पर तू सोएगा
कितना अपना पैसा, तू लुटाएगा
लेकिन ध्यान रखना, ऐ आज के डॉक्टर
जिसका भी तू मरीज बनेगा
हो सकता है, वह तेरे किसी मरीज का बेटा बेटी ही हो   
फिर तू सोचना अंजाम  
कहां तू मुंह छिपायेगा?
जो मरीज तुझसे अपने रोग से जुड़ा था
कुछ दिन बाद उसका भगवान तू हुआ था
क्या था इस “भगवान”, शब्द का मतलब
इसके लिए तू
अपनी अंतर आत्मा को टटोल ले…..

Doctors day……..अच्छा……..तो इसलिए मनाते हैं

Happy Doctors day  : Happy Doctors day : Happy Doctors day

Doctors day पर सबसे पहले तो चिकित्सा को अपना पेशा बनाने वाले लोगों को बहुत- बहुत सम्मान. जिन चिकित्सकों ने वास्तव में अपने मरीज का विश्वास जीता है. दिल से समाज की सेवा की है. उन चिकित्सकों के नाम यह दिन.

Doctors day

तो ऐसी शख्सियत है रामनाथ कोविंद

किनकी याद में मनाते हैं Doctors day:

ऐसे ही भारत के एक ग्रेट चिकित्सक हुए हैं. जिनका नाम बिधानचंद्र राय था. इनका जन्मदिन 1 जुलाई को मनाया जाता है. डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय पटना जिले के रहने वाले थे. सन 1882 में उनका जन्म वहीं पर हुआ था.

Doctors day

यह महान हस्ती एक ऐसे डॉक्टर थे. जिन्होंने अपना सारा जीवन समाज सेवा में समर्पित किया. और इनकी मृत्यु भी 80 साल की उम्र में हो गई थी. इनकी मृत्यु भी 1 जुलाई को 1962 में हुई थी.  डॉक्टर बिधान चंद्र भारत देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भी रहे हैं. जिनका नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के साथ असहयोग आंदोलन में प्रमुख रूप से जुड़ा है. वह शुरू से एक होनहार छात्र रहे हैं. इनकी मेडिकल शिक्षा कोलकाता मेडिकल स्कूल से हुई थी. यह इतने होशियार थे कि अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए इनको स्कॉलरशिप भी मिली थी. अपनी पूरी पढ़ाई पढ़ने के बाद सन 1911 में उन्होंने अपना डॉक्टरी का पेशा आरंभ कर दिया था.

इन्होंने डॉक्टर का पेशा दूसरों की सेवा करने के लिए ही शुरू किया था. बात उन दिनों की है जब भारत देश की आजादी के लिए महात्मा गांधी और दूसरे गांधीजी के समर्थक लोग भूख हड़ताल पर या किसी धरने, आंदोलन पर बैठ जाते थे. तब डॉक्टर बिधान चंद्र ही उनकी देखभाल करते थे.  भारतीय चिकित्सक इतिहास में उनका नाम अमर रहा है. बहुत लोगों की जाने इनके द्वारा बचाई गई थी. और इनकी मुफ्त सेवा भी लोगों को मिलती थी. उनका यही जज्बा मतलब देश की उन्नति में आगे रहने की चाह और लोगों की दिल से सेवा करना उन्हें राजनीति में खींच लाई थी. राष्ट्रपिता गांधी जी के कहने पर ही डॉक्टर राय कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए. बता दें डॉक्टर Roy बंगाल के मुख्यमंत्री भी रहे हैं. इनको देश के सर्वोच्च सम्मान यानी भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है. भारत रत्न उनको 1961 में मिला था. तो इसी तरह ही उनकी याद में हर वर्ष 1 जुलाई को Doctors day सेलिब्रेट करते हैं.

डॉक्टर लाइन को अपना पेशा बनाने का जुनून जिन लोगों के सर पर होता है, वही जानते हैं कि इसमें अपना भविष्य बनाने में कितनी मेहनत लगती है. लेकिन उन्हें पता है कि उनका भविष्य ऊंचाइयों को छूने वाला है. और वह यह भी जानते हैं कि कड़ी मेहनत करने के बाद उन्हें लोगों की कितनी दुआएं मिलने वाली हैं. क्योंकि समाज में एक डॉक्टर का कद बहुत बड़ा होता है. इन चिकित्सकों में ही इतनी क्षमता है कि यह बिस्तर पर पड़े हुए आदमी को चला सकते हैं. एक अंधे को दुनिया को दिखा सकते हैं. मरते मरते आदमी को जीवन दान दे सकते हैं. हमारे चिकित्सकों में स्किल्स की कोई कमी नहीं है. बस कमी है तो सिर्फ नैतिक मूल्यों की जिनकी परवाह होना लगभग बंद सही हो गया है.

इस धरती पर डॉक्टर को वास्तव में भगवान का दूसरा रूप होने का दर्जा मिला हुआ है.  इस समय भी समाज में ऐसे चिकित्सकों की संख्या काफी अधिक है जो दिन रात की परवाह किए बिना अपने मरीजों को पूरी देखरेख देते हैं. चिकित्सक खुद में और अपने मरीजों में विश्वास जगाते हैं, कि वह बहुत जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे. बड़ी से बड़ी बीमारी में सफलता पाने के बहुत उदाहरण है.

ईश्वर का द्वितीय रूप कहे जाने वाले चिकित्सक आखिर क्यों  इस दर्जे का अपमान करते हैं. किसी के पैसे और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का उनका क्या मतलब बनता है? कुछ लोग सिर्फ पैसा कमाने के लिए डॉक्टर बनते हैं. उन्हें समझ नहीं आता कौन गरीब है कौन अमीर है सिर्फ उनको अपनी भारी भरकम फीस से मतलब होता है. लेकिन एक डॉक्टर और मरीज के बीच के इस अंतराल को विश्वास और इमानदारी के साथ भरना होगा.

लेकिन दूसरी तरफ अभी भी बहुत लोग ऐसे हैं जो पैसे के साथ-साथ समाज सेवा में विश्वास रखते हैं. वह जानते हैं कि इस समाज को डॉक्टर की कितनी जरूरत है. दिन पर दिन गंभीर बीमारियां अपनी जकड़ बनाती जा रही है. ऐसे में समाज को उन चिकित्सकों की जरूरत है जो अपने बल पर समाज के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं. चिकित्सा एक ऐसा पेशा है जिसमें एक मरीज पूरी तरह से चिकित्सक पर निर्भर हो जाता है. ऐसे में कई जगह देखा गया है कि मरीज का चिकित्सक पर भरोसा बस सोचने मात्र का ही रह जाता है.  क्योंकि आज ऐसी ही छवि बनी हुई है कि डॉक्टर्स मरीजों से फालतू पैसे ऐंठते हैं.  इसी कदम पर आकर दोनों को सोच बदलने की जरूरत है.

न जाने हर दिन कितने मरीज चिकित्सक के अभाव में दम तोड़ देते हैं. और कुछ, समय पर डॉक्टर के ना मिलने पर जिंदगी भर के लिए विकलांगता के साथ जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं. इस दुनिया में बहुत कम परिवार ऐसे हैं जिसमें डॉक्टर की जरूरत बहुत कम पड़ती. वही ऐसे लोग हैं जो स्वास्थ्य को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं. उनमें जागरूकता है. वह जानते हैं सेहत के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा है. तो इस देश को भी उसी सतर्कता की लाइन में लाकर खड़ा करना होगा कि सभी स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो सकें.

मेरे ख्याल से आजकल ज्यादा बीमारियां इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि समाज में बीमारियों के खिलाफ जागरूकता नहीं है. सोचने वाली बात है कि जागरुकता कौन बनाए? इसलिए चिकित्सकों को पैसों के दायरे से बाहर निकल कर समाज के लिए कुछ अच्छे कार्य करने की जरूरत है. तभी हमारा परिवार, हमारा समाज, हमारा देश, हमारी दुनिया स्वस्थ रह पाएंगे.

एक समय था जब चिकित्सकों को समाज में बहुत ऊंचा स्थान दिया जाता था. उनका बहुत सम्मान किया जाता था क्योंकि उस समय का चिकित्सक ईमानदार, अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित और समाज सेवा के भाव से ओतप्रोत था. लेकिन आज के समय में स्थिति इसका बिल्कुल विपरीत है. आज चिकित्सक एक दूसरे से आगे निकलने की अंधी दौड़ में में लगे हुए हैं और भूल रहे हैं कि चिकित्सक का दर्जा समाज में कितना बड़ा है. उन्हें समझना चाहिए कि उनकी थोड़ी सी मेहनत और ईमानदारी से इस समाज का रंग बदल सकता है.

आज के चिकित्सक सरकारी चिकित्सक होने के साथ-साथ प्राइवेट में भी अलग से प्रेक्टिस करते हैं. या अपनी सेवाएं देते रहते हैं. और सेवाओं के बदले पैसे लेते हैं. इस बात से साफ जाहिर होता है कि यह सब पैसे के पीछे ही भाग रहे हैं. और कहीं ना कहीं अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ते जा रहे हैं. सब को गलत कहना तो सही नहीं होगा लेकिन आए दिन ऐसे मामलों का व्याख्यान होता रहता है.

आज का समय इतना खराब है कि आम आदमी को चिकित्सकों पर भरोसा करते हुए डर लगता है. चिकित्सकों के जरिए से समाज के लोग एक तरह से सहम से गए हैं कि वह ज्यादा पैसे लेंगे. अब चिकित्सकों की ही जिम्मेदारी बनती है कि कलंकित हुए चिकित्सा के पेशे को की छवि को बेदाग बनाने की पुरजोर कोशिश करें. इस मामले में पारदर्शिता आनी चाहिए.  गरीब आदमी अस्पताल के महंगे खर्च का बोझ नहीं उठा सकता है. गरीबों को दया दृष्टि से देखने की जरूरत है.

डॉक्टर को चाहिए कि वह कुछ दिनों के अंतराल पर अपनी सेवा गरीबों को दें. फ्री में उनको स्वास्थ्य के लिए सही सलाह दें. उनसे एक रिश्ता कायम करें  जिससे मरीज को भी लगे कि चिकित्सक भी उनके परिवार के सदस्य के समान ही है. दूसरी और मरीजों को भी डॉक्टर के प्रति विश्वास रखना होगा.  उन्हें भी समझना होगा कि कुछ सुविधाएं लेने के लिए पैसे तो देने ही होंगे. लेकिन हां गलत बर्ताव सहन नहीं करना है.

Doctors day पर बात करें तो,अभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की बहुत जगह खाली है. इस पर देश की सरकार को ध्यान देना अनिवार्य बनता है. चिकित्सकों की भर्ती समय-समय पर खाली पड़ी जगह के हिसाब से होनी चाहिए. सरकार को ध्यान देना होगा कि, अचानक चिकित्सक हड़ताल पर ना जाएं. और अगर डॉक्टर हड़ताल पर जाते भी हैं तो अस्पताल में उनकी जगह दूसरे डॉक्टर मौजूद होने चाहिए. जिससे अस्पतालों का काम ठप्प ना पड़े. हड़ताल पर जाने से मरीजों और अस्पतालों का बहुत बड़ा नुकसान हो जाता है. सरकार को चिकित्सकों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखना चाहिए. सब के सहयोग से ही एक अच्छा भारत देश उभर कर सामने आएगा.

इस बार Doctors day को ऐसे ही नॉर्मल दिन ना बनाएं. सोचे कि आपसे कहां गलती हुई है, और उस गलती को सुधारने की पूरी कोशिश करें. अपने अंदर एक नया जज्बा नया साहस पैदा करें. और खुद को अपने शुरुआती शब्द याद दिलाएं कि आपने अपने पेशे को साफ-सुथरा बनाने के लिए एक कसम उठाई थी.

जब कोई व्यक्ति चिकित्सा की लाइन में जाने की सोचता है. तो उसके मन में समाज सेवा के प्रति कुछ भाव होते हैं. जिन से प्रेरित होकर वह अपना सफर पूरा करता है. और कसम भी खाता है कि वह दिल से काम करेगा, नैतिक मूल्य को हमेशा ध्यान में रखेगा. लेकिन कुछ चिकित्सक अपने सफ़र के दौरान इस बात को भूल जाते हैं. और पथ भ्रष्ट हो जाते हैं.  तो मौका है एक बार फिर से अपने अंतर्मन की वही बातें दोहराने का और अपने आप को एक बेहतर चिकित्सक साबित करने का.
इस आर्टिकल के द्वारा किसी की भावनाओं को आहत करने का उद्देश्य कतई नहीं है.

तो फ्रेंड्स आपको Doctors day पर आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं

Happy Doctors day !!!
खुद स्वस्थ रहे, दूसरों को स्वस्थ रखे!

 

Tata Sky make my pack in Hindi । टाटा स्काई मेक माय पैक

Tata Sky make my pack!! टाटा स्काई DTH पर अब अपने चैनल का सेट बनाना उतना ही आसान हो चला है, जितना कि रिमोट से टीवी का चैनल बदलना. जी हाँ आज हम आपको एक आसान सा तरीका बताते है जिससे कि आप केवल अपने मनपसंद चनैल को ही टीवी पर देख पाए.

Tata Sky make my pack“tata sky make my pack” टाटा स्काइ ने आपको facility दी है. कि आप जितने चैनल देखेंगे उतना ही पेमेंट करे. आपको कोई pack खरीदने  की ज़रूरत नही है. बल्कि आप अपना चैनल पैक खुद बना सकते है. तो फ्रेंड्स, मैं आपको आपके tata sky make my pack के बारे में बताती हूँ.

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आज हम आपको बता रहे हैं कि tata sky पर आप अपना pack(Make my pack) कैसे बना सकते हैं? पहले हम ये जानेगे कि Make my pack क्या होता हैं?  ये बहुत ही आसान हैं. Make my pack वो होता हैं कि हम जितने channels टीवी पर देखना चाहते हैं. उतने की ही पेमेंट करे. सिर्फ़ हमे एक बात का ध्यान रखना हैं कि ह्मारा pack कम से कम Rs170 का होना चाहिए. और हमे DD channels फ्री मिल जाते हैं.

हम जो channels नही देखते हैं उनका पैसा देने की जरूरत हे नही हैं. इस pack को active करने के लिए हमे अपने tatasky रिमोट की ज़रूरत हैं. रिमोट पर right hand पर round shape में एक help का बटन हैं उसे प्रेस करें वहाँ पर बहुत से option आएँगे उनमे से आपको la carte channels चुनना हैं. फिर वहाँ पर आपको कुछ channels की लिस्ट मिलेगी और साथ साथ channels की cost भी. अब आपको अपने मनपसंद channels एक पेपर पर नोट कर सकते हैं.

एक लिस्ट बना कर आपको tata sky कस्टमर केयर (1800 208 6633) नंबर पर कॉल करना हैं और अपने मनपसंद channels की लिस्ट उस executive को बतानी हैं. वो आपके लिए अपने सिस्टम से आपके चैनल्स active कर देंगे. फिर आप अपने channels का एक महीने के लिए आनंद ले सकते हैं. हैं ना कितना मजेदार कुछ channels फ्री भी मिल गये और पैसे भी कम देने पड़े हैं.
तो अब आनंद लीजिए tata sky make my pack का.

 

Shani Amavasya 24 June,पूजा विधि, दान आदि के बारे में जाने

Shani Amavasya 24 June, इस साल 2017 में जून के महीने में शनिवार को पड़ने वाली 24 तारीख को अमावस्या है. शनिवार को ये योग बनने की वजह से इसको शनिश्चरी अमावस्या कहां जा रहा. इस साल इस अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. क्यूंकि ये संयोग 10 साल बाद बना है.

जाने रामनाथ कोविंद के बारे में कुछ खास बातें

Shani Amavasya 24 June23 जून को शनि राशि बदल कर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रही है. साथ ही 24 जून को अमावस्या का पर्व है. तो इस हिसाब से ये दोनों दिन बहुत ही बड़े माने जा रहे हैं.

भारतीय शास्त्रो में शनि ामस्य को एक बड़ी अमावस्या माना गया है. इसी लिए साल 2017 की 24 जून को शनि अमावस्या बहुत बड़े पर्व के रूप में मनाई जाएगी.
आषाढ़  के इस महीने को बाबा  भैरव का महीना  भी माना गया है. इसी कारण शनिचरी अमावस्या को शनि देव और बाबा भैरव की पूजा स्तुति करे. यह बहुत लाभकारी होगा.

ज्योतिषाचार्यो के अनुसार अब से पहले यह योग साल 2007 में बना था और अब फिर 10 साल बाद आया है. बता दे, इसके बाद यह योग 2037 में बनने की सम्भावना है. तो सभी को इस शनि अमावस्या पर बाबा भैरव के साथ ही शनि देव की पूजा-पाठ पूरे विधि-विधान से करने से विशेष लाभ तो होगा ही साथ-साथ शनि की दशा सही होने में भी प्रभावी होगा.

Shani Amavasya 24 June को जो भी दान आदि करना हो तो बड़ी श्रद्धा भाव से से करें. पंडितो के अनुसार शनि की साढ़े साती, पितृ दोष, काल सर्प दोष, शनि पूजा और ढय्या वाले जातको को विशेष राहत मिलेगी

कहा जाता है की अगर आप इस महान दिन पर कुछ उपाय कर ले तो आपको परेशानियों से राहत मिल सकती है.जो लोग शनि की साढ़े साती की दशा से परेशान हैं. उनको इस शुभ दिन शनि देव की आराधना अवश्य करनी चाहिए. साथ ही शनि अष्ठक और शनि स्त्रोत का पाठ भी अपनी आराधना में शामिल करें. ऐसा करने से आपको परेशान करने वाली दशा में राहत महसूस होगी.

एक दूसरा आप ये कर सकते हैं कि, शनि के बीज मन्त्र का जाप करें और काला तिल से बने सामान दान करे. काले तिल भी दान करने का प्रचलन है. इसके अलावा उड़द की काली दाल की खिचड़ी भी गरीबो को खिला सकते हैं.

इस शुभ शनि अमावस्या पर अपने आस-पास के पीपल के पेड़ पर सरसो के तेल से अभिषेक करके दीपक जलाये. सात प्रकार के अनाज भी चढ़ाना भी अच्छा माना जाता है.

तो इस प्रकार आप शनिचरी अमावस्या के दिन पूजा-पाठ कर सकते हैं. और शनि दोष को काम करने में सफल हो सकते हैं. साथ ही आपके कार्य सफल होने के आसार कई गुना बढ़ जाते हैं.

पूजा की विधि:

ये तो सभी जानते है कि शनि महाराज को तेल से अभिषेक किया जाता है. तो इस दिन भी शांत मन से शनि देव को तेल से अभिषेक करें. काला कपडा, काला तिल, काला उड़द और नील फूल चढ़ाये. साथ ही काले श्वान को भोजन भी दान करना चाहिए. इस दिन ज्यादातर काली वस्तुओ का दान किया जाता है. जैसे कि काळा उरद की दाल से बानी मिठाईया, काले तिल या काले तिल से बने हुए पकवान, काले गुलाब जामुन, छतरी, अपने पितरों के काले वस्त्र आदि.

Shani Amavasya 24 June पर जानवरों को काले चने भिगोकर खिलाना, काले कुत्ते को दूध पिलाना, काले कौवा को रोटी खिलाना बहुत लाभकारी होगा. सही तरीके से किये गए उपायों से शनि की दशा से प्रभावित जातको के कार्यो में आ रही बाधाओं को दूर करने में भी सहायता मिलेगी.

इस खास दिन के लिए सभी शनि मदिरो में अच्छे खासे इंतज़ाम किये जाते हैं. श्रद्धालुओं की भीड़ होने पर भक्तजनो को कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रबंधन पहले से ही सक्रिय रहता है.  भक्तों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा जाता है.

क्या आप रामनाथ कोविंद के बारे में ये सब जानते हैं?

रामनाथ कोविंद

रामनाथ कोविंद

देश के अगले संभावित राष्ट्रपति हो सकते हैं रामनाथ कोविंद. देश के राष्ट्रपति के चुनाव का समय आ गया है. जी हाँ वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बाद अब देश को एक और नया राष्ट्रपति मिलने वाला है. राष्ट्रपति के चुनाव की प्रकिर्या शुरू हो चुकी है. और राष्ट्रपति बनने में सबसे ऊपर बिहार के वर्तमान राज्यपाल रामनाथ कोविंद का नाम है.
सबसे पहले हम आपको इस बात से परिचित करा दे कि, देश का नया राष्ट्रपति बनने में सबसे ऊपर बिहार के वर्तमान राज्यपाल का नाम ही क्यों? देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र अध्यक्ष अमित शाह की पहली पसंद है कोविंद. इन दोनों का मानना है कि रामनाथ कोविंद के रूप में देश को एक अच्छा, सुशासित, और जनता के पक्ष में काम करने वाला राष्ट्रपति मिलेगा.

अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए NDA पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा की. बता दें, कोविंद उत्तरप्रदेश से बनने वाले पहले राष्ट्रपति होंगे. और राष्ट्रपति बनने वाले दुसरे दलित होंगे. जी हाँ, रामनाथ कोविंद भी एक दलित समाज से ही ताल्लुक रखते हैं.

इस बार का राष्ट्रपति का चुनाव बहुत ही रोमांचक होने जा रहा है. जहाँ इससे पहले लाल कृष्ण आडवाणी के राष्ट्रपति बनने की अटकले लगाई जा रही थी. तो वही राष्ट्रपति बनने की होड़ में मीरा कुमार और दूसरे नेताओ का नाम भी सामने आ रहा है.

रामनाथ कोविंद के बारे में जानकारी:

1 अक्टूबर 1945 को जन्मे कोविंद उत्तरप्रदेश राज्य के कानपुर के देहात में पैदा हुए थे. उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम और एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की. इनके पिता स्वर्गीय माइकू लाल और माता स्वर्गीय कलावती हैं. धर्म पत्नी सविता कोविंद हैं. इनके दो बच्चे जिनके नाम प्रशांत(बेटा) और स्वाति(बेटी) हैं.

बिहार के राज्यपाल बनने के साथ-साथ उन्होंने अपने गावं में कई सराहनीय कार्य किये.  गावं वालो से कहे अपने सब वादे पूरे किये. जिससे वहां के लोग कोविंद के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने से बहुत खुश हैं.

कोविंद को समाज के दलित, छोटे और पिछड़े वर्गों के लिए काम करना बेहद पसंद रहा है. कोविंद ने अपनी UPSC की नौकरी को छोड़कर समाज सेवा करना जारी रखा.

सही मार्ग पर और सही लोगो तक सेवाएं पहुंचाने के लिए कोविंद ने UPSC को चुना. पहले दो प्रयासों में सफलता न मिलने के बाद भी कोविंद ने हार नहीं मानी और तीसरी बार के प्रयास में सफल भी हो गए. हालाँकि कोविंद को आईएएस ग्रेड नहीं मिला.  जिसकी वजह से कोविंद ने UPSC को छोड़कर वकालत में भविष्य बनाना ही उचित समझा.  अपनी वकालत के दौरान उन्होंने बहुत गरीबो को क़ानूनी सहायता फ्री में दी.

रामनाथ कोविंद शुरू से ही एक साफ़ सुथरी छवि वाले नेता रहे हैं. यही कारण हैं कि, मोदी सरकार ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए कोविंद के नाम की घोषणा की.  कोविंद के नाम को राष्ट्रपति पद के लिए स्वीकार न करने की सरकार की विपक्षी पार्टी के पास भी कुछ ज्यादा वजहें नहीं है. बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार और उत्तरप्रदेश की दलित नेता मायावती भी कोविंद के नाम पर सहमति देते नजर आ रहे हैं. उधर अखिलेश कुमार भी सहमति जता सकते हैं. क्योंकि कोविंद उत्तरप्रदेश से ही नाता रखते हैं.

कौन-कौन से पद पर रह चुके हैं रामनाथ कोविंद:

  • वर्तमान में बिहार के राज्यपाल
  • राजयसभा के सदस्य दो बार रह चुके हैं
  • उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के दलित नेता
  • सन 1971 में बार काउन्सिल के लिए भी नामांकित हुए
  • सरकारी वकील भी रह चुके है कोविंद
  • दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में 16 वर्षो तक प्रैक्टिस की
  • अगर राष्ट्रपति का चुनाव जितने में सफल हुए तो UP से दूसरे राष्ट्रपति होंगे.

राष्ट्रपति पद के समीकरण ज्यादा गड़बड़ाते तो नजर नहीं आ रहे. लेकिन विपक्षी पार्टिया कुछ तो कांटा लगाने की पूरी कोशिश करेंगी ही. लेकिन शायद राष्ट्रपति तो वो ही बनेगा जिसको मोदी सरकार चाहेगी. तो कुछ और इंतज़ार जिसके बाद भारत देश के राष्ट्रपति का चेहरा साफ़ हो जायेगा.
देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि सभी पार्टियों की सहमति किसको देश का पहला नागरिक बनने का सम्मान देगी.

योग दिवस पर कविता

एक योगा का दिन भी आता है
अपने संग खुशियां लाता है
और कहता है कि,

international yoga day in Hindi

“गर रोज करोगे योगा तुम
तो अच्छे बन ही जाओगे
बीमारियों से रहोगे दूर
सुन्दर शरीर तुम पाओगे”

“अगर रोज थोड़ी देर करोगे योगा
फायदा तो तुम्हे अवश्य होगा
तन-मन की स्फूर्ति से
काम तुम्हारा सफल होगा”

“रामदेव बाबा से सीखकर
दूसरो को भी सावधान करो
जीवन है छोटा सा तुम्हारा
इसमें शुद्ध प्राण तुम भरो”

“समा न जाये  दुनिया सारी
प्रदुषण के आगोश में
आज बचा लो अपनों को तुम
लेकर योग, नित प्रयोग में”

“किसने ऐसा सोचा है कि
जरा इधर हुए, जरा उधर हुए
जरा सीधे बैठे, जरा उलटे लेटे
लेकिन हकीकत……………
यही जग में योगा कहलाया है”

“जापान, अमेरिका रूस चाइना
योग दिवस सब मनाते हैं
भारत में योग का जन्म हुआ
यूँ ही भारतवासी इतराते हैं”

“जब मोदी जी के प्रयासों से
संयुक्त राष्ट्र भी संग आया है
तब  177 देशो में भारत ने
अपना  नाम कराया है”

“वही 21 जून का दिन,  फिर से है आ गया
चारो तरफ का शोर है, चारो तरफ की तैयारी
जनता सारी फू-फू  करके कहती रहती
अनुलोम विलोम व् प्राणायाम से, दूर जाएगी बीमारी”

Happy Yoga Day!!!

 

 

 

 

 

 

पर्यावण दिवस पर कविता

कुछ सवाल पूछती एक छोटी सी कविता 
है किसी के पास जवाब??

क्यूँ पर्यावरण ही पर्यावरण चारों तरफ हो रहा
क्यूँ ना, इस को संजो कर तुम रख सके
“क्यूँ वनो को तुमने काट दिया
क्यूँ धरती मां को सूना बना दिया
क्यूँ पेड़ों की पुकार तुम सुनते नहीं
क्यूँ इनसे प्यार तुम करते नहीं”
क्यूँ इनको संजोकर तुम रखते नहीं……………
“कब देश की मिट्टी सोना उगलेगी
कब हरियाली वो छायेगी
कब प्रदूषण को मिलकर, जनता मार भगाएगी
कब सरकार प्रदूषण मुक्त, भारत अपना लाएगी”
कब पर्यावरण की मार से सब को सुरक्षित कर पाएगी …………..
“कैसे छाया वाले आंगन में तुम रह पाओगे
कैसे इतने मीठे फल-फूल तुम खाओगे
कैसे वृक्षों से सबको प्यार हो
कैसे इस दुनिया का उद्धार हो”
तो कहो दूषित पर्यावरण के लिए सब जिम्मेदार हो…………
“क्या ऐसे ही सब चलता जाएगा
क्या हर इंसान इसकी कीमत चुकाएगा
क्या पेड़ों को संरक्षण कोई देगा
क्या कोई ऐसा दिन भी आएगा”
क्या कोई पर्यावरण की रक्षा कर पाएगा…………
“डर है कहीं ये सवाल, सवाल ना रह जाए
इनके उत्तर मिलना मुश्किल ना हो जाए
अरे, मुश्किल तो तब होगा, जब दुनिया में कुछ हो ही नहीं
अभी तो मेरे भारत में होशियार लोगों की कमी नहीं “
कमी नहीं, कमी नहीं………….

“तो सब मिलकर पर्यावरण को बचाने के कदम उठाओ
रहना सब को यही है सब अपनी जिम्मेदारी निभाओ”

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हिंदी में

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस:

योग दिवस पर कविता

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सबसे सुंदर और सबसे बड़ा पर्व है. योग दिवस पूरे विश्व में बड़े जोरों शोरों की तैयारियों के साथ आयोजित किया जाता है. प्राचीन समय में योग सबसे पहले भारत की भूमि से शुरू होकर, आज पूरे विश्व की पहचान बन चुका है. पिछले कुछ समय से देश विदेशों में  योग का प्रचलन बहुत प्रसिद्ध हुआ है. दुनिया भर में सरकारों की तरफ से मनाए जाने वाले योग दिवस को हर साल के जून महीने की 21 तारीख को मनाया जाता है.  इस दिन के लिए तैयारियां काफी पहले से शुरू हो जाती है.  जगह-जगह योग के आयोजन किए जाते हैं, योग शिविर लगाए जाते हैं. और 21 तारीख के बाद तक भी यह कार्यक्रम चलते रहते हैं. भारत देश में सरकार के प्रतिनिधि कई राज्यों में जाकर योग दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी योग शिविर में हिस्सा लेते हैं. यू तो प्रधानमंत्री मोदी हमेशा अपने दिन की शुरुआत योग से ही करते हैं. और वह अक्सर अपने संदेश में लोगों को योग करने के लिए प्रेरित करते हैं. हर साल मोदी योग दिवस की शुरुआत कुछ अलग करते हैं. इस बार भी उन्होंने 1 जून से हर दिन अपने ट्विटर अकाउंट से  एक योग के बारे में लोगों को रूबरू कराया है.  योगासन के नाम के साथ-साथ, योग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा है. और उससे होने वाले लाभ के बारे में भी लोगों को बताया है.
देश-विदेशों के लिए योग दिवस अब एक महत्वपूर्ण दिन बन चुका है. देश-विदेश की सरकारें अब इस दिन को एक सेलिब्रेशन के रूप में मनाती हैं.

क्या होता है योग का मतलब?:

योग मतलब जोड़ना होता है. योग शब्द संस्कृत से लिया हुआ है. संस्कृत धातु  युज से निकाला गया है, योग शब्द. संस्कृत में योग शब्द युज से संबंधित माना गया है.

कैसे मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस?:

योग गुरु बाबा रामदेव को कौन नहीं जानता वह शख्स बाबा रामदेव ही है. जिन्होंने योग को पहाड़ों और गुफाओं से निकालकर आम आदमी तक पहुंचाया है. भारत देश के नागरिक हैं. और वह पूरे विश्व में योग गुरु के नाम से प्रसिद्ध है. उनके इस काम को और अधिक सफल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उनका साथ दिया. उन्होंने आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस को मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में जारी किया. जिस पर एक साथ 177 देशों ने बहुत कम समय में अपनी सहमति दी. और 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के नाम से प्रचलित हो गया है.

स्वामी रामदेव जी ने योग के हर प्रारूप को बखूबी बताया है. जहां योग से मानसिक शांति मिलती है, वही किसी भी प्रकार की बीमारी में योग करना बहुत लाभकारी होता है.

Father’s Day 2017 in HIndi

Father’s Day 2017 (फादर्स डे 2017)

Father's Day 2017

Father’s Day 2017….हर साल जून के तीसरे रविवार को मनाया जाने वाला त्यौहार यानी “फादर्स डे”! जी हाँ हम बात कर रहे हैं एक अनोखे दिवस की जिसको सारे जहाँ में फादर्स डे के नाम से जाना जाता हैं. यूँ तो हर दिन अपने आप में कोई न कोई छोटा-बड़ा सेलिब्रेशन लेकर आता है. लेकिन जून का तीसरा संडे (रविवार) अपने आप में बहुत खास है. इस दिन सब अपने पिता को याद करते हैं, उपहार देते हैं, उनके संग अच्छा समय व्यतीत करते हैं, उन्हें कहीं दूर घूमाने ले जाते हैं या जो मन करता है वो करते हैं.
ये तो हम सभी जानते हैं, कि हम सबकी लाइफ में हमारे पिता का कितना बड़ा स्थान होता हैं. एक ऐसा स्थान जिसको पिता के अलावा कोई भर नहीं सकता.

जब एक बच्चा माँ के गर्भ में होता है, तो उसके होने की सबसे ज्यादा परवाह उसके माँ-बाप को ही होती है. माँ तो फिर भी गर्भ में बच्चे की हलचल महसूस कर लेती है. परन्तु एक बाप सिर्फ इंतज़ार ही करता है कि, कब उनका बच्चा उनकी गोद में आये. हर पिता की अपने बच्चे के लिए ये ही चाह होती है.  जब एक बच्चे का जन्म होता है, तो उसे सबसे पहले अपने माता-पिता का ही स्पर्श मिलता है. बच्चे के दुनिया में आने की सबसे ज्यादा ख़ुशी उसके माँ-बाप को ही होती है. आपके पिता आपके दुनिया में आने का इतना बड़ा जश्न मनाते हैं. तो अब आपकी बारी है उनको खुशियां देने की.

दोस्तों सबके पिता एक सपना तो देखते ही है कि, उनका बच्चा बड़ा होकर उनका नाम रोशन करे. बुढ़ापे में उनकी पूरी देखभाल करे, उनकी इच्छाओं का ख्याल रखें. एक सफल आदमी बने जो समाज में इज्जत पाए.

तो चलिए इस बार 18 जून 2017 यानि फादर्स डे पर देखते हैं कि फादर्स डे को हम कैसे सेलिब्रेट कर सकते हैं मैं आपको कुछ आइडियास दे रही हूं. जिनको अप्लाई करके आप अपने दिन को एक यादगार दिन के रूप में संजो सकते हैं.

सबसे पहले, तो फादर्स डे से कुछ दिन पहले अपने पिता की कुछ इच्छाओं को जानना शुरू कर दें कि इन दिनों उनकी कौनसी इच्छाएं मुख्य हैं या वह क्या चाहते हैं. आप उनको एक डायरी में नोट कर लीजिए. फिर उनमें से जो आपको अपने टाइम और पैसे के हिसाब से सही लगे अपने पिता की इच्छाओं को पूरा कीजिए.
वैसे तो मां-बाप की कोई खास बड़ी इच्छा नहीं होती वह सिर्फ इतना चाहते हैं, कि उनके बच्चे हमेशा उनके साथ रहे. और उनका ख्याल रखें. परंतु फिर भी इस खास मौके पर उनके मन को टटोलने की कोशिश करें. और हो सके तो जो उनकी इच्छा है अवश्य पूरी करें.  और अगर उनकी कोई इच्छा नहीं है, तो आप उनके लिए कुछ भी अच्छा सा खुद ही प्लान करे. लेकिन ध्यान रहे कि आप उनकी पसंद और ना पसंद का थोड़ा ख्याल रखें.

तो चलिए दोस्तों मैं आपको कुछ ideas दे रही हूँ. जिनसे की आप भी अपने पिता का दिन अच्छा कर सकते हैं. कुछ अच्छे आइडियाज जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए. और अपने friends & relatives के साथ शेयर भी अवश्य कीजिए.

फादर्स डे पर आउटिंग:

अगर आपके फादर घर से बहार जाने में खुश हैं, तो उनको कहीं घूमाने का प्रोग्राम बनाइये. जहां वह जाना पसंद करते हो, उनको वहां लेकर जाइए. और आप यहां ध्यान रखें कि आप भी उनके साथ जाएं. उनको बहुत अच्छा लगेगा. घूमने जाने की जगह निश्चित करने से पहले ध्यान रखें कि वहां का मौसम कैसा है, आसपास का माहौल सही बना हुआ है या नहीं, जाने से पहले कुछ खास तैयारी अवश्य कर लें.

घर पर फादर्स डे सेलिब्रेशन:

अगर आप किन्हीं कारणों से अपने माता-पिता को बाहर घुमाने नहीं ले जा सकते हैं, तो इसमें परेशान होने वाली कोई बात नहीं है. आप घर पर भी फादर्स डे, अपने फादर के साथ सेलिब्रेट कर सकते हैं. घर पर फादर्स डे सेलिब्रेट करने का एक सबसे बड़ा फायदा है, कि यह थोड़ी सी मेहनत और पैसे भी थोड़े से ही मांगता है. आप बहुत थोड़े खर्च में अपनी फैमिली को खुश कर सकते हैं.
इसके लिए आपको सिर्फ कुछ रेसिपीज का चुनाव करना होगा. और घर को सजाना होगा. चाहे तो के कटिंग का प्रोग्राम भी रख सकते हैं. साथ में अपने फादर को कोई अच्छा गिफ्ट भी दे सकते हैं.

फैमिली फिल्म फॉर फैमिली:

आपके घर के आसपास के सिनेमाघरों में अगर कोई फैमिली फिल्म लगी है. तो देर किस बात की झट से अपनी मूवी टिकट बुक कीजिए. और अपनी फैमिली को लेकर पहुंच जाइए. और फिल्म का आनंद लीजिए . साथ में उनकी पसंद की शॉपिंग भी करा सकते हैं. क्यों…?  तो हो गया ना एक अच्छा पिकनिक डे.

गिफ्ट देकर खिला दें उनका चेहरा:

तोहफा देना किसी के भी चेहरे पर स्माइल ला सकता है. तोहफा देने से रिश्ते भी मजबूत होते हैं. तोहफा लेने वाले और देने वाले दोनों के दिलों में एक दूसरे के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना बढ़ जाती है.
फादर्स डे पर बाजार में अनेको गिफ्ट होते हैं. कोई भी एक अच्छा सा उपहार का चुनाव करके अपने माता-पिता को दिया जा सकता है. आप चाहे तो एक फैमिली फोटो फ्रेम करके उनको उपहार स्वरुप दे सकते हैं.

कुछ पुरानी यादों के साथ:

अगर आप वास्तव में चाहते हैं कि इस दिन आपके पिता और माता खुश रहे या आप अपने माता पिता को खुशी दे सके. तो उनके साथ आप समय बिताएं. उनसे बातें करें उनके और अपने जीवन के अनुभवों को उनसे साझा करें. और आप भी उनका अनुभव अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें. ध्यान रखें, उन्होंने दुनिया को आपसे ज्यादा जाना है. इस दिन आप अपने कुछ पुराने फोटो एल्बम निकाल कर देख सकते हैं. इन फोटो को खींचने के वक्त के पलों को फिर से दोहराएं, कुछ पुरानी यादें ताजा हो जाएंगी.

दोस्तों यह तो छोटे-छोटे बहाने हैं. जिनसे परिवार में खुशियों के पल लाए जा सकते हैं. लेकिन सबको ध्यान रखना होगा कि, अपने माता-पिता को कभी अकेला ना छोड़ें. उन्होंने जीवन में आप ही को अपना सब कुछ दिया है, तो अब आपकी बारी है. माता-पिता वह सब कुछ तो नहीं मांगते जो उन्होंने आपको दिया है. लेकिन बस वह आपका साथ जरूर मांगते हैं. उन्होंने तुम्हारे लिए इतने सारे सपने देखे हैं एक सपना तुम भी उनके लिए देख लो.

यूं तो अवसर पार्टी करने के बहाने हम लोग ढूंढते रहते हैं लेकिन वास्तव में दिल को खुश करने वाली पार्टी का मतलब अपने परिवार के साथ ही बनता है. यह छोटे-छोटे तरीके ही अपनों को खुशियां देने के लिए काफी होते हैं.
यूं तो अक्सर पार्टी करने के बहाने हम लोग ढूंढते रहते हैं. लेकिन वास्तव में दिल को खुश करने वाली पार्टी का मतलब अपने परिवार के साथ ही बनता है. इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में थोड़ा सा टाइम अपनों के लिए जरूर निकालें. अपने बच्चों को भी इस बात से अवगत कराएं कि, आप अपने पिता से कितना प्यार करते हैं. आप अपने माता-पिता की जरूरतों का पूरा ख्याल रखते हैं. क्योंकि कल को आपके बच्चे भी बड़े होकर आप ही की तरह सम्मान देंगे.
जैसा व्यवहार आप अपने बच्चों से अपने लिए चाहते हैं, वैसा ही अपने मां-बाप के लिए आप भी करें. ध्यान रखना होगा कि आपके बच्चे आपको देखकर ही बड़े हो रहे हैं. अपने बच्चों में अच्छे संस्कार भरे ताकि पीढ़ी-दर-पीढ़ी आपके संस्कार की विरासत एक दूसरे हाथों में सौंपी जा सके.

देखना कितना मासूम सा होता है पिता:

अपने बच्चों की तकलीफ पर खुद रोता है, परंतु अपने बच्चों के अंदर फिर भी साहस भरता है वो.
हर पल,अपने से दूर रह रहे बच्चों के फोन का इंतजार करता है वो.
कितनी भी धूप हो, बारिश हो, सर्दी हो पर तुम्हारे लिए कमा के लाता है वो.
खुद मज़बूरी में रहकर तुमको बड़ा आदमी बनाता है वो.

“उनके सपने कभी चूर-चूर ना करना
उनको कभी अपने से दूर भी ना रखना”

फादर्स डे गिफ्ट आइडियाज

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