व्रत की डिश, इस नवरात्र इन व्यंजनों का उठाइए लुफ्त

 

व्रत की डिश! दोस्तों किसी भी व्रत में सबसे बड़ी मुश्किल होती है कि डिश क्या बनाएं व्रत में आप कोई ऐसी चीज बनाना चाहतें हैं जो आसानी और जल्दी से बन जाए तो दोस्तों आपके लिए तैयार है जल्दी और आसानी से बन जाने वाले  व्रत की डिश लिस्ट.

नवरात्र में भूल कर भी ना करें ये काम

फ्राई आलू (Fried Potato):व्रत की डिश
व्रत की डिश फ्राई आलू बनाने में ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं लगती. अगर छोटे आलू हों तो आलू साबुत ही फ्राई किये जा सकते हैं, और अगर आलू बड़े बड़े हैं तो उनके 4 या 5 टुकड़े कर के फ्राई किये जा सकते हैं.
दोस्तों 6-7 मीडियम आकार के आलू अच्छी तरह धोकर उबाल ठंडा कीजिये, छील लीजिये.तेल कढ़ाई में डाल कर गरम कीजिये, गरम तेल में आलू डाल कर हल्के  ब्राउन होने तक तल कर प्लेट में निकाल लीजिये.एक टेबल स्पून तेल बचाकर,अतिरिक्त तेल निकाल दीजिये. गरम तेल में जीरा डालिये, जीरा तड़कने के बाद आलू, नमक और आधा छोटी चम्मच काली मिर्च डाल कर आलू 2-3 मिनिट तक भूनिये, गैस बन्द कर दीजिये, हरा धनियां और एक नीबू का रस डाल कर मिलाइये. लीजिये व्रत के लिये आलू तैयार हैं, स्वादिष्ट आलू खाइये.

फलों का रायता (Fruit Raita):व्रत की डिश
व्रत की डिश फलों का रायता ! दोस्तों कभी-कभी हमारा मन व्रत के दौरान फल खाने का बिलकुल भी नहीं होता है. लेकिन उन्हीं फलों से बनें Dishes हमें पसंद आती है. दोस्तों व्रत के समय फलों का रायता बनाइये, यह बड़ा ही स्वादिष्ट और तरोताजा करने वाला होता है.फलों का रायता अगर खाने के साथ है तो सच में खाने का स्वाद और पाचन दोनों ही बढ़ जायेंगे.
दोस्तों सामाग्री आप अपने हिसाब से ले सकतें हैं कितने लोगों के लिए रायता तैयार कर रहे हैं उसका ध्यान रखते हुए और फलों की जगह आप अपने पसंदीदा फल ले सकतें हैं.
केला (मोटे गोल टुकड़े में काट लीजिये)
सेब ( छील कर छोटे छोटे टुकड़े में काट लीजिये)
अंगूर (डंठल तोड़ लीजिये)
खरबूजा 1 कप ( छोटे छोटे टुकड़े कटे हुये)
2 कप दही में 100 ग्राम मलाई और 2 -3 टेबल स्पून चीनी मिला कर mix कर लीजिये. सारे कटे फल दही में मिलाइये. इलायची छील कर बारीक कूट लीजिये और फिर उसे रायते में मिला दीजिये. रायते को ठंडा होने के लिये फ्रिज में रख दीजिये.फलों का रायता तैयार है, ठंडा खुशबूदार रायता परोसिये.

लौकी की बर्फी :व्रत की डिश
व्रत की डिश! दोस्तों लौकी से बनी सब्जी तो आप सभी ने खाई ही होगी पर क्या लौकी से बनी मिठाई का स्वाद आपने चखा है, अगर नहीं तो हम आपके लिए लौकी से बनने वाली बर्फी लेकर आए हैं. आप इस बर्फी को किसी भी खास मौके या त्यौहार के समय बना सकते हैं. लौकी की बर्फी आप कई तरीके से बना सकते है. लौकी को दूध में पका कर, मावा के साथ मिलाकर बना सकते हैं या लौकी को कन्डेंस्ड मिल्क के साथ भी उबालकर भी बना सकते हैं. हर तरह से बनी लौकी की बर्फी का अपना अलग स्वाद होता है.लौकी अच्छे से धोकर छील लीजिये, और टुकड़ों में Cut करिए, बीज और अन्दर का बीज वाला गूदा हटा दीजिये. आप लौकी को कद्दूकस भी कर सकते हैं.लौकी के टुकड़ों को फूड प्रोसेसर में डालकर कद्दूकस कर लीजिए और निकाल लीजिए.
कद्दूकस की हुई लौकी को निचोड़ कर जूस हटा कर इसे कढा़ई में डाल दीजिए.बादाम और काजू को 7-8 टुकड़े करते हुए छोटा छोटा काट लीजिए. इलायची को छीलकर इसके बीजों का पाउडर बना लीजिए,मावा को क्रम्बल कर लीजिए,थाली में जरा सा घी लगाकर चिकना कीजिये. कढ़ाई में लौकी पहले से ही डाल रखी है अब इसमें 2 छोटी चम्मच घी डाल दीजिये, ढककर धीमी आग पर पकने रख दीजिये, थोड़ी-थोडी़ देर में चमचे से चलाइये और फिर से ढक दीजिये. लौकी को नरम होने तक पकने दीजिये.लौकी में चीनी डालकर पकाइये, बीच बीच में हर -2 मिनिट में इसे Check करते हुए पकाएं.लौकी से पानी बिलकुल खतम होने तक लौकी को पका लीजिये.जूस के सूख जाने पर पकी हुई लौकी में बचा हुआ घी डालिये और लौकी को अच्छी तरह भून लीजिये. भुने लौकी चीनी में मावा मिलाइये और चमचे से चलाते हुये तब तक पकाइये जब तक कि वह जमने वाली अवस्था में न आ जाएं.लौकी में बारीक कटे हुए काजू डालकर मिक्स कीजिए. चाशनी को चिपका कर देखिये कि वह उंगलियों से चिपकते हुये जमने सा लगता है तो आपकी बर्फी बनकर तैयार है.बर्फी का मिश्रण तैयार होने पर इसमें इलायची पाउडर डाल कर मिक्स कर दीजिए. बर्फी बनकर तैयार है.मिश्रण को घी लगी थाली में डालकर एकसार करके जमने रख दीजिये.बर्फी के ऊपर कतरे हुये बारीक पिस्ते डाल कर चिपका दीजिये.बर्फी जमकर तैयार हो जाती है. लौकी की बर्फी को आप अपने मन पसन्द आकार में काटिये.

फ्रेंच फ्राइज:
व्रत की डिश

व्रत की डिश फ्रेंच फ्राइज! दोस्तों अगर व्रत के दौरान अपनी फेवरेट क्रिस्पी फ्रेंच फ्राइज नहीं खा पाते तो टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है हम बता रहे हैं व्रत वाले फ्रेंच फ्राइज बनाने का आसान तरीका. दोस्तों व्रत वाले फ्रेंच फ्राइज़ के लिए आप लोगों की संख्या के अनुसार 5-6 आलू ले लीजिये. आधा बड़ा चम्मच काली मिर्च पाउडर और आधा बड़ा चम्मच अमचूर और आधा बड़ा चम्मच गरम मसाला ले लीजिये तलने के लिए शुद्ध घी और नमक अपने स्वादानुसार लें ले .दोस्तों आलूओं को छीलकर लंबे-लंबे पतले चौकोर स्लाइस में काट लें. इन टुकड़ों को बर्फ वाले पानी में डालकर आधा घंटे तक रहने दें. फिर कुछ समय बाद आलूओं से पानी निचोड़कर निकाल दें और एक सूती कपड़े पर फैला लें. ऐसा करने से इनका पानी अच्छी तरह सूख जाएगा. इसके बाद फिर इन पर कॉर्नफ्लोर छिड़ककर मिला लें.अब कड़ाही में घी डालकर तेज आंच पर गरम होने के लिए रखें. दोस्तों जब तेल गरम हो जाए तो इसमें एक मुट्ठी आलू के टुकड़ों को डालकर चलाते हुए डीप फ्राई करें.एक बड़े प्लेट पर फ्रेंच फ्राइज रखें और इन पर सभी मसाले व सेंधा नमक छिड़ककर अच्छी तरह मिला लें. लीजिये दोस्तों हो गए आपके व्रत वाले फ्रेंच फ्राइज़.

नारियल के लड्डू:व्रत की डिश
दोस्तों नारियल के लड्डू व्रत में खाने के लिए बहुत अच्छा विकल्प है . इसको बनाना भी आसान है और आप बनाकर इस लम्बे समय तक रख सकतें हैं. दोस्तों नारियल के लड्डू के लिए नारियल का बुरादा लें इसके साथ ही मावा और चीनी लें. लड्डू के लिए इलायची पाउडर और बादाम के टुकड़े लें. नारियल के बुरादे में चीनी और एक कप पानी मिला के आधे घंटे के लिए रख दें. कढ़ाई में नारियल के मिश्रण को कढ़ाई में डालकर धीमीं आंच पर चलाएं जब मिश्रण चिचिपा हो जाएं तो खोया और इलायची पाउडर मिलकार 2 से 3 मिनट तक चलाएं फिर गैस बंद कर दें . फिर गोल आकर देकर उसपर बादाम चिपका दें फिर उसे फ्रिज़ में रख दें.

इस गणेश चतुर्थी करें, विघ्नहर्ता को प्रसन्न

गणेश चतुर्थी 2017!! यूँ तो ईश्वर हमारे नेक कर्मों से ही प्रसन्न हो जाते हैं, और उन्हें अपने भक्तों से किसी विशेष प्रकार की अपेक्षा नहीं रहती. फिर भी गणेश चतुर्थी 2017 के अवसर पर यदि आप गणपति बप्पा, मंगलमूर्ति को प्रसन्न करना चाहते हैं तो कुछ मंत्रों के जाप से निश्चित ही आप उन्हें खुश कर सकते हैं.

गणेश चतुर्थी 2017

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वक्रतुण्ड महाकाय कोटिसूर्य समप्रभ
निर्विघ्नं कुरू मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।

इस मंत्र के जाप से साधक के सारे कष्ट दूर होते हैं तथा उसके कार्य में बाधा नहीं आती .

गणेश शुभ लाभ मंत्र(गणेश चतुर्थी 2017 के मंत्र) :
ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये
वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः॥

इस मंत्र के जाप मात्र से गणपति और माँ लक्ष्मी की कृपा हमारे ऊपर बनी रहती है. ये उनका बीज मंत्र है, और इसके जाप से सिर्फ इस जन्म में ही नहीं, अपितु अगले जन्म में भी भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी की साझी कृपा आप पर बनी रहेगी.

गणेश गायत्री मंत्र :
ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥

इस गणेश गायत्री मन्त्र के जरिये हम प्रभु से विनती कर सकते हैं कि, वो अज्ञान और अन्धकार से निकाल कर हमें ज्ञान और प्रकाश की ओर ले जाएं.

क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी ?:
गणेश चतुर्थी हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है इसे पूरे भारत खासकर महाराष्ट्र में बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है. और ये त्यौहार 10 दिन तक चलता है, दसवें दिन भगवान की मूर्ति नदी या तालाब में प्रवाहित कर दी जाती है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन मंगलमूर्ति श्री गणेश का जन्म हुआ था.

गणेश चतुर्थी 2017 मूर्ति स्थापना और पूजा का मुहूर्त:
अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस साल 2017 को गणेश चतुर्थी 25 अगस्त, शुक्रवार से मनाया जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मध्यान का समय ही पूजा और मूर्ति स्थापना के लिए उचित रहेगा, क्योंकि दोपहर के वक्त ही भगवान गणेश का जन्म हुआ था.

  •  दोपहर गणेश पूजा का समय  – 11:06 से 13:39 तक.
  •  चतुर्थी तिथि प्रारम्भ            – 24 अगस्त को 20:27 मिनट तक.
  •  चतुर्थी तिथि समाप्त           – 25  अगस्त को 20:30 मिनट तक.
  •  5 सितम्बर को गणपति बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया जायेगा.
भगवान गणेश को क्यों पसंद है मोदक?:

यूँ तो भक्त अपने हिसाब से नए – नए पकवान, मिष्ठान आदि का भोग प्रभु को लगत हैं लेकिन अगर  बात भगवान गणेश के फेवरेट भोग कि करें तो उन्हें तो मोदक बेहद पसंद है. गणेश पूजा अर्चना के समय उन्हें 21 मोदक के टुकड़े रख कर भोग लगाने का विधान है.

पुराणों के अनुसार एक बार माँ पार्वती भगवान शिव और गणेश जी ऋषि माता अनुसूया के घर गए वहां नन्हें गणेश और भगवान शिव को भूख लगी थी, माँ अनुसूया ने शिव को इंतजार करने के लिए कहा, और गणेश को भोजन परोसने लगी लेकिन, बाल गणेश कि भूख शांत होने का नाम ही नहीं ले रही थी. थोड़ा विचार करने के बाद अनुसूया ने मिठाई का एक टुकड़ा गणेश जी को खाने को दिया उसे खाते ही उन्हें डकार आ गयी जिसके बाद भगवान शिव का पेट भी अपने आप भर गया. और उन्होनें 21 डकार ली, ये देखर माँ पार्वती ने अनुसूया से पूछा कि जो मिष्ठान आपने गणेश को खिलाया है उसका नाम क्या है,  फिर अनुसूया ने मोदक का नाम माँ पार्वती को बताया. उसके बाद से गणेश को हमेशा से मोदक प्रिय हो गए.

कैसे हुआ था गणेश का जन्म, क्यों उनकी रचना है सबसे अलग:
पुराणों के अनुसार भगवान शिव स्नान करने किसी स्थान पर गए, उनके जाने के पश्चात पार्वती जी ने अपने शरीर के मैल से एक बालक को आकर दिया जिसका नाम उन्होंने गणेश रखा.

माँ ने गणेश को आदेश दिया की वह भीतर स्नान कर रही हैं, गणेश किसी भी पुरुष को अंदर आने की अनुमति ना दें. माता की आज्ञा का पालन करते हुए गणेश द्वार पर खड़े हो गए जब स्वयं महादेव शिव आये तो बालक ने उन्हें अंदर जाने से रोका, महादेव ने बालक को समझाने की चेष्टा की लेकिन वह अपने जगह से हिला तक नहीं, भोलेनाथ ने क्रोध में आकर बालक का सिर धड़ से अलग कर दिया. और फिर जब उन्हें और अन्य देवताओं को ज्ञात हुआ कि यह माँ पार्वती के अंश हैं, तो उन्होंने एक गज के बच्चे का सूढ़ लाकर गणेश जी को लगा दिया. उस वक्त माँ को अथाह पीड़ा हुई इस पीड़ा को देखकर सभी देवताओं ने गणेश को वरदान दिया. वरदान में उन्हें यह भी आशीर्वाद मिला कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन से ही होगी. उन्हें देवों ने प्रथम देवता का अधिकार दिया.

ये चीजें भगवान गणेश को है अतिप्रिय:
बात अगर गणेश चतुर्थी 2017 की हो तो भगवान को खुश करने में कोई पीछे नहीं रहना चाहता. यहां पर हम आपको भगवान के पसंद की चीजों की ऐसी ही लिस्ट बताते है, इन्हें पाना अत्यंत सुगम है और इनके जरिये भगवान को खुश करने में सफल भी हो जाएंगे.

मोदक:
प्रसाद में बिना मोदक के अगर आप भगवान गणेश को भोग लगा रहें हैं, तो शायद ही उन्हें ये पसंद आये उन्हें मोदक पसंद है, और मोदक का भोग भगवान को बहुत प्रिय है. इसलिए उन्हें मोदकप्रिय भी कहा जाता है.

केला:
भगवान गणेश का गजमुख और गज के सामान इन्हें भी केला अत्यंत प्रिय है.

गेंदे का फूल:
पूजा के समय लाल और पीले रंग के गेंदे के फूल की माला चढ़ाने से भगवान गजानन प्रसन्न होते हैं.

दूर्वा घास:
दूर्वा घास गणेश जी को बेहद प्रिय है पुष्पों से भी अधिक इस घास को प्रभु के मस्तक पर चढ़ाएं कदमों में ना रखें.

डॉक्टर के लिए थैंक्यू कविता

थैंक्यू डॉक्टर थैंक्यू डॉक्टर
लव यू डॉक्टर लव यू डॉक्टर

“कितना अच्छा उपचार करते हो
जीवन में हमारे खुशियां भरते हो
रोते हुए हम तुम्हारे पास हैं आते
हंसते हुए तुम हमें भेजते हो”

“तुम कहलाये धरती के भगवान
तुम ने बचाई हमारी जान
सब की सेवा हो तुम करते
यही जहां में तुम्हारी पहचान”

“एक दिन जब एक्सीडेंट हुआ था
जिंदगी पर से भरोसा, मेरा उठा था
पहुंचा जब एम्बुलेंस में पास तुम्हारे
तुमसे ही जीवन का वरदान मिला था”

“अपनी यही पहचान बनाए रखना
लोगों के चेहरे पर मुस्कान दिलाए रखना
जब भी पड़े जरुरत तुम्हारी
अपनी उपस्थिति बनाये रखना”

“तू ना सौदा करना, किसी से किसी की जान का  
दूर फेंकना हथियार अपने अभिमान का
लोगों की दुआओं में जिंदा तू रहेगा
तभी मिलेगा तुझे दर्जा भगवान का”

“मुबारक हो तुम्हें डॉक्टर्स डे
भर लो फिर से साहस ये 
करनी है सेवा दूसरों की तुम्हे
तुम्हारी खुद की भी मर्जी हो ये”