World ozone day,16 september

World ozone day! दोस्तों हम 16 सितम्बर को World ozone day मनातें हैं. आपको बता दें की  23 जनवरी, 1995 को United Nations
Organization (U.N.O)की आम सभा में पूरे विश्व में, ओजोन के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए 16 सितंबर को International ozone day के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया. लक्ष्य 2010 तक रखा गया था. U.N.O को यकीन था कि 2010 ओजोन मित्र Environment बनाया जा सकेगा लेकिन ये लक्ष्य पूरी तरह से पूरा नहीं किया जा सका.

World ozone day

दोस्तों स्वच्छ भारत अभियान पर कविता जरूर पढ़ें

ओजोन क्या है:
ओजोन एक हल्के नीले रंग की गैस होती है.ओजोन परत सामान्यत: धरातल से 10 किलोमीटर से 50 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच पाई जाती है यह गैस सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों के लिए फिल्टर का काम करती है.
Ozone Oxygen के तीन atoms से मिलकर बनने वाली एक गैस है, जो कि वातावरण में बहुत कम मात्रा में पाई जाती है. निचले वातावरण में पृथ्वी के निकट इसकी उपस्थिति प्रदूषण को बढ़ाने वाली और मानव ऊतक के लिए Harmful है, वहीं ऊपरी वायुमंडल में इसकी उपस्थिति जरुरी है. दोस्तों आपको बता दें कि यह गैस प्राकृतिक रूप से बनती है. जब सूर्य की किरणें वायुमंडल से ऊपरी सतह पर ऑक्सीजन से टकराती हैं तो High energy radiation से इसका कुछ हिस्सा ओज़ोन में परिवर्तित हो जाता है, इसके अलावा बादल, आकाशीय बिजली एवं मोटरों के विद्युत स्पार्क से भी ऑक्सीजन ओज़ोन में बदल जाती है.

पराबैगनी किरणों से नुकसान(Harmfulness of UV rays):
आमतौर पर Ultra violet radiation सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली एक किरण है, जिसमें ज्यादा Energy होती है. और यह energy ओजोन की परत को नष्ट या पतला देती है. ओजोन परत हमें उन किरणों से बचाती है, जिनसे कई तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है .UV Radiation की बढ़ती मात्रा से Skin cancer, मोतियाबिंद के अलावा शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है. इसके अलावा इसका असर जैविक विविधता पर भी पड़ता है और कई फसलें नष्ट हो सकती हैं.

ओजोन दिवस का इतिहास(History of ozone day):
ओजोन परत के संरक्षण के लिए International ozone day को विश्व ओजोन दिवस के रूप में भी जाना जाता है .यह प्रत्येक वर्ष 16 सितम्बर को मनाया जाता है.
वर्ष 2015 के लिए World ozone day का विषय “30 year of healing the ozone together था. इस विषय को नारे  All there between you and UV से पूरा किया गया.

वर्ष 2015, ओजोन परत की संरक्षण के लिए किए गए वियना कन्वेंशन सम्मेलन में World ozone day की 30वीं वर्षगांठ मनाई गयी .

ओजोन परत के संरक्षण के लिए World ozone day के बारे में:
वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 16 सितंबर को ओजोन परत के संरक्षण के लिए World ozone day के रूप में मनाने की घोषणा की.

मांट्रियल प्रोटोकॉल (Montreal protocol):
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) तथा अन्य ओजोन ह्रासक पदार्थो, जैसे-हैलोन तथा कार्बन टेट्राक्लोराइड, पर नियंत्रण करने तथा वर्ष 2000 तक उन्हें पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने के लिये कदम उठाया. ओजोन परत पर विएना convention तथा उसके बाद ओजोन स्तर का ह्रास करने वाले पदार्थों पर मांट्रियल प्रोटोकॉल, जिसे 1987 में अपनाया गया तथा 1990 में और अधिक मजबूत बनाया गया. CFC तथा अन्य हानिकारक गैसों को समाप्त करने के लिए वर्ष 2000 की समय सीमा निर्धारित की थी. प्रोटोकॉल ने ओजोन क्षयकारकों तथा उन पर आधारित पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिये नियमों का निर्धारण किया. चूंकि विकासशील देश विकसित देशों की तुलना में तकनीकी और आर्थिक रूप से पिछड़े हैं, वे CFC को नियंत्रित करने में कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. अतः मांट्रियल प्रोटोकॉल के प्रावधानों को पूर्ण रूप से लागू करने के लिये इन देशों को दस वर्ष (अर्थात् 2010 तक) की छूट दी गई.

दोस्तों ओजोन परत को बचने के लिए वैश्विक पटल से बहुत कोशिशें हो रहीं है. हमारी भी ज़िम्मेदारी बनती है हानिकारक गैस वाली चीजों का प्रयोग धीरे-धीरे काम करे और नेचर के प्रति हमारी जो जिम्मेदारी है उसे निभाएं. ओजोन को बचाने का संकल्प हम सबके सहयोग से ही पूरा होगा.

शिक्षक दिवस पर बच्चो के लिए हिंदी कविता

शिक्षक दिवस पर कविता में पिरोये कुछ शब्दों से अपने शिक्षक को अपने जीवन में उनका योगदान बताये. इस प्यारी सी कविता के माध्यम से हम उनको इस शिक्षक दिवस पर दे सकतें हैं कुछ शब्दों का ही खास तोहफा…..

शिक्षक दिवस पर कविता

तो आप भी इन शब्दों को समझने की कोशिश करे. और सोचे की अगर हमारी life में teacher नहीं होते तो हमारा सबका जीवन कैसा होता?

हैप्पी टीचर्स डे!!! आइए उनकों स्पेशल फील कराए, जिन्होनें बनाया है आपको स्पेशल

“कौन पढ़ता हमें जीवन का पहला, दूसरा, तीसरा….पाठ?
कैसे करते कैसे सोचते कि छह पंजे होते हैं साठ
और कौन कराता इस खूबसूरत दुनिया से परिचित?
कैसे जानते इतिहास, भूगोल, विज्ञान, गणित?”

शिक्षक दिवस की यह कविता भी जरूर पढ़े

तो चलिए पढ़ते हैं शिक्षक दिवस पर कविता

“गुरु ने हमको शिक्षा का पाठ पढ़ाया
नित दिन हमको जीना सिखाया
फंसे जो हम किसी काम में
हाथ पकड़कर सही मार्ग दिखाया
उनकी ही मधुर वाणी से
जीवन में हमारे भी मिठास आया
ये भी आया वो भी आया
हमको सब लिखना पढ़ना आया
आज जब शिक्षक का दिन आया
हमने भी उनके ही लिए
कुछ नाम कमाया
करके प्यारे टीचर का नाम रोशन
इस दिन को यादगार बनाया”

 

“गुरु हमारे इतने अच्छे हैं
हम भी उनके जैसे सच्चे हैं
रोज हमें वो अच्छी बात सिखाते
आदर्शों की कहानी सुनाते
समझ अगर पाठ नहीं आये
तरीका दूसरा वो बतलाते
कभी जोक से, कभी कहानी से
हम बच्चो का मन बहलाते
बैग का बोझ कम कराते
जब भी चाहे हम उनसे कहें
वो हमको नये-नये खेल खिलाते
मुसीबत में बनकर साथी
हमारी नैया पार लगाते
सीखकर उनसे जीवन का पाठ
लक्ष्य में अपने हम बढ़ते जाते
धैर्यता की इसी मिसाल से
हम उनको सदा शीश झुकाते
सारे विषयों का उनको ज्ञान
इसी लिए वो हमें पढ़ाते
हम भी अच्छा पढ़कर उनसे
उनके ही गुणगान हैं गाते
वो ही हमें सम्मान दिलाते
कुछ करने लायक हमें बनाते
कदम-कदम पर बनें परछाई
इसीलिए सच्चा गुरु कहलाते”

आप भी अपना शिक्षक दिवस यादगार रूप में मनाये और हमें कमेंट बॉक्स में बताये कि शिक्षक दिवस पर कविता आपको कैसी लगी?

!!Happy Teachers Day!!

राष्ट्रीय खेल दिवस पर इन खिलड़ियों को किया जाएगा सम्मानित

भारत में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस(National Sports Day) हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के दिन मनाया जाता है. विश्व में मेजर ध्यानचंद को ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से जाना जाता है.’मेजर ध्यानचंद सिंह’ ने भारत को ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलाया था. उनके सम्मान में उनके जन्मदिन 29 अगस्त को हर वर्ष भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है. मेजर ध्यानचंद ने लगातार तीन ओलम्पिक वर्ष 1928, 1932 तथा 1936 में भारत की देश को तीन स्वर्ण पदक दिलाया था.

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इसी दिन खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रपति खेलों में विशेष योगदान के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित करते हैं. इन पुरस्कारों में राजीव गांधी खेल रत्न, ध्यानचंद पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार के अलावा तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार मुख्य है. इस मौके पर खिलाड़ियों के साथ अथक मेहनत करने वाले उनके कोचों को भी सम्मानित किया जाता है. भारत में कई जगहों पर इस दिन खेल समारोह का आयोजन किया जाता है, लगभग सभी भारतीय स्कूल और शिक्षण संस्थान ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के दिन  खेल समारोह आयोजित करते हैं.

राष्‍ट्रीय खेल पुरस्‍कार 2017:
दोस्तों राष्‍ट्रीय खेल पुरस्‍कार हर वर्ष खेलों में उम्दा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस पर दिया जाता है.

राजीव गाँधी खेल पुरस्कार:

राष्ट्रीय खेल दिवस
राजीव गाँधी खेल रत्न भारत का खेल जगत् में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इस सम्मान का नाम पूर्व प्रधानमन्त्री राजीव गाँधी के नाम पर रखा गया। यह सम्मान 1991-92 में शुरू किया गया। खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता के लिए इस सम्मान की स्थापना की गयी थी। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है ताकि वे समाज में अधिक सम्मान प्राप्त कर सकें।

अर्जुन पुरस्कार:

राष्ट्रीय खेल दिवस

अर्जुन पुरस्कार में पुरस्कार स्वरूप पाँच लाख रुपये नकद और अर्जुन की कांस्य प्रतिमा, पारंपरिक पोशाक और एक ‘प्रशस्ति पत्र’ दिया जाता है।

द्रोणाचार्य पुरस्‍कार:

राष्ट्रीय खेल दिवस

द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 में प्रारंभ किये गये थे। यह पुरस्कार खिलाड़ियों और टीमों को प्रशिक्षण प्रदान करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जाने माने खेल प्रशिक्षकों को प्रदान किये जाते हैं। द्रोणाचार्य पुरस्कार के अंतर्गत गुरु द्रोणाचार्य की प्रतिमा, प्रमाणपत्र, पारंपरिक पोशाक और पाँच लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। हर साल अधिकतम 5 खिलाड़ियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

मेजर ध्यानचंद पुरस्कार:

  1. राष्ट्रीय खेल दिवस
    ध्यानचंद पुरस्कार खेल-कूद में जीवनभर आजीवन उपलब्धि के लिए 2002 में शुरू किया गया सर्वोच्च पुरस्कार है. ध्यानचंद पुरस्कार महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद के नाम पर है. यह पुरस्कार अपने शानदार खेल में खेल-कूद के क्षेत्र में योगदान करने और सक्रिय खेल जीवन से अवकाश प्राप्त करने के बाद भी खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए योगदान जारी रखने के लिए दिया जाता. पुरस्कार स्वरुप एक प्रतिमा, प्रमाणपत्र, पारंपरिक पोशाक और पाँच लाख रुपये नकद दिये जाते हैं. हर साल ज़्यादा से ज़्यादा तीन खिलाड़ियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है.2017 में राष्ट्रीय खेल दिवस इन खिलाडियों को खेल रत्न से सम्मानित किया जाएगा:
    राजीव गांधी खेल रत्‍न 2017:
    श्री देवेन्‍द्र (पैरा एथलिट)
    श्री सरदार सिंह (हॉकी)द्रोणाचार्य पुरस्‍कार 2017:
    स्‍वर्गीय डॉ. आर. गांधी, एथलेटिक्‍स
    श्री हीरा नंद कटारिया, कबड्डी
    श्री जी.एस.एस.वी प्रसाद बैडमिंटन (लाइफ टाइम)
    श्री ब्रिज भूषण मोहंती बॉक्सिंग (लाइफ टाइम)
    श्री पी.ए. राफेल हॉकी (लाइफ टाइम)
    श्री संजॉय चक्रवर्ती निशानेबाजी (लाइफ टाइम)
    श्री रोशन लाल कुश्‍ती (लाइफ टाइम)

अर्जुन पुरस्‍कार 2017:
सुश्री वी.जे. सुरेखा, तीरंदाजी
सुश्री खुशबीर कौर,एथलेटिक्‍स
श्री अरोकिया राजीव,एथलेटिक्‍स
सुश्री प्रशांति सिंह,बास्‍केट बॉल
सूबेदार लैशराम दे‍बेन्‍द्रो सिंह,मुक्‍केबाजी
श्री चेतेश्‍वर पुजारा,क्रिकेट
सुश्री हरमनप्रीत कौर,क्रिकेट
सुश्री ओइनम बेम्‍बम देवी,फुटबॉल
श्री एस.एस.पी. चौरसिया,गोल्‍फ
श्री एस.वी. सुनील,हॉकी
श्री जसवीर सिंह,कबड्डी
श्री पी.एन. प्रकाश,निशानेबाजी
श्री ए. अमलराज,टेबल टेनिस
श्री साकेतमिनेनी,टेनिस
श्री सत्‍यवर्त कादियान,कुश्‍ती
श्री मरियप्‍पन,पैरा-एथलिट
श्री वरुण सिंह भाटी,पैरा-एथलिट

ध्‍यान चंद पुरस्‍कार:
श्री भूपेन्‍द्र सिंह,एथलेटिक्‍स
श्री सैयद शाहिद हकीम,फूटबॉल
सुश्री सुमाराई टेटे, हॉकी

राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में राष्‍ट्रपति पुरस्‍कृत खिलाडि़यों को पुरस्‍कार प्रदान करेंगे.राजीव गांधी खेल रत्‍न से सम्‍मानित खिलाडि़यों को पदक और अलंकरण के अलावा 7.5-7.5 लाख रुपये के नकद पुरस्‍कार से नवाजा जाएगा. अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्‍यान चंद पुरस्‍कार से सम्‍मानित प्रत्‍येक खिलाड़ी को प्रतिमा, प्रमाण पत्र और 5-5 लाख रुपये नकद पुरस्‍कार प्रदान किये जाएंगे.

हैप्पी टीचर्स डे!!! आइए उनकों स्पेशल फील कराए, जिन्होनें बनाया है आपको स्पेशल

टीचर्स डे!!गुरु की महिमा क्या कहें, निर्मल गुरु से ही होए.बिन गुरुवर, जीवन कटु फल सा होए !!

टीचर्स डे

शिक्षक दिवस का हमारे जीवन में विशेष महत्व है, निर्मल ज्ञान, सदाचार आदि सभी शब्दों का पर्याय शिक्षक है, इन खूबियों के बिना मनुष्य का जीवन कड़वे फल की तरह होता है, और बिना गुरु के जीवन का कोई आधार भी नहीं होता.

जान लीजिये क्यों मायने रखता है निजता का अधिकार

आपको बता दें कि हमारा देश, 5 सितम्बर को देश के महान दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन टीचर्स डे के रूप में मनाता है. राधाकृष्णन दर्शनशास्त्र यानी Philosophy के Teacher थे, उन्होंने अपने ज्ञान से लोगों को प्रभावित किया था, और खुद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी उनके ज्ञान से प्रभावित थे, उन्होंने देश-विदेश के कई विश्वविद्यालयों में अपने व्याख्यान दिये जो आज भी याद किये जाते हैं.

टीचर्स डे हमें याद ही नहीं रहता है, दोस्तों ज़िंदगी की भागदौड़ में हम इतने व्यस्त हैं कि उन टीचर्स को याद करने का हमारे पास वक्त ही नहीं है. जिनके बिना शायद ही हम जिस मुकाम पर हैं वहां होते. यूँ तो टीचर्स को स्पेशल फील कराने के लिए किसी ख़ास दिन की जरूरत नहीं है, पर फिर भी अगर आप इस टीचर्स डे(5 सितम्बर),थोड़ा सा प्रयास करके उन सभी टीचर्स के फ़ोन नम्बर ढूंढ कर उन्हें एक बार फ़ोन करने की कोशिश कीजिये जिन्हें देखे या जिनसे बात किये वर्षों हो गए हैं. यकीन मानिये दोस्तों आपके टीचर माथे पर बल डालकर आपको याद करने की कोशिश जरूर करेंगे और अगर आप उन्हें याद ना भी आये तो भी वो आपके बैच का ईयर जानकर और ये जानकर की वो अब भी आपके लिए ख़ास हैं बहुत खुश होंगे. आप मम्मी पापा से बात करना, उन्हें याद करना भूलतें हैं? फिर आप  टीचर्स को कैसे भूल सकतें हैं.

अच्छा दोस्तों जब हम टीचर्स की बात करते हैं तो सिर्फ हम अपने स्कूल या कॉलेज टीचर्स तक सिमट कर रह जातें हैं. क्या आपको आपके म्यूजिक वाली मैम,या फिर स्विमिंग वाले सर याद नहीं आते, जिन्होनें आपको ऐसी कलाओं में माहिर बनाया जिसमें आप जीरो थे?

या फिर पड़ोस वाले अंकल जो हमेशा आपको प्रोत्साहित करते हैं कुछ अच्छा करने के लिए कुछ नया करने के लिए, तो आइए इस टीचर्स डे उन सभी लोगों को विश करके उन्हें स्पेशल फील कराएं जो हमारी ज़िंदगी में रौशनी की किरण को धूमिल नहीं होने देते. तो तैयार हैं आप यादों के गलियारे में घूमनें के लिए!!!

इस बार कैसे मनाएं टीचर्स डे:
दोस्तों हमसब हर बार कुछ ना कुछ नया करने का सोचते ही हैं अपने टीचर्स के लिए इस बार इन तरीकों को अपनाकर आप अपने टीचर्स को खुश कर सकते हैं.

गिफ्ट में दे डायरी और पेन:
उन्होंने आपको पढ़ना-लिखना सिखाया और सही-गलत में फर्क सिखाया है उनके लिए पेंसिल और डायरी और पेन से अच्छा गिफ्ट कोई हो ही नहीं सकता. आप उनके पर्सनल और प्रोफेशनल यूज़ के लिए उन्हें यह गिफ्ट दे सकते हैं.

हैंडमेड कार्ड :
हैंडमेड कार्ड की तो बात ही निराली है, किसी भी मौके पर कोई भी गिफ्ट लेकर जाइए पर फिर भी जो बात हांथ से बने कार्ड में हैं वो कहीं और नहीं है.कार्ड के अंदर आप कई रंगों से अपने टीचर के लिए Poem भी लिख सकतें हैं जो यकीनन उन्हें बहुत पसंद आएगा.

बुके या फूल:

टीचर्स डे
इस टीचर्स डे पर सुबह-सुबह जब आप उन्हें फूलों का गुलदस्ता देंगे या फिर गुलाब का फूल उससे आपके टीचर के चेहरे पर जो मुस्कान आएगी वो सच में अतुलनीय होगी.

फेंगशुई गिफ्ट कर सकते हैं:
इस टीचर्स डे पर दोस्तों आप सभी अपने टीचर्स के हेल्थ और लम्बी उम्र की कामना करते है ऐसे में उन्हें फेंगशुई गिफ्ट कर सकते हैं, विंड चाइम, लाफिंग बुद्धा और भी अन्य चीजें मार्केट में उपलब्ध है.

टीचर्स डे

दोस्तों चलिए आपको कुछ ऐसे टीचर्स से मिलवातें हैं जो खुद तो मशहूर नहीं हुए लेकिन उनके हाथों तराशे गए हीरों ने देश को हमेशा गौरवान्वित किया है.

रमाकांत अचरेकर:
दोस्तों बात अगर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की करें तो आपको बता दें कि सचिन को सचिन सचिन गूंज का आदि और इतना महान बल्लेबाज़ बनाने के पीछे उनके बचपन के कोच रमाकांत अचरेकर का बहुत बड़ा हाथ है, सचिन अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच को देनें से कभी पीछे नहीं हटतें, सचिन कहतें है कि अचरेकर सर ने ही मुझे सिखाया कि किसी भी गेम में फिटनेस का कितना महत्व है. सचिन का मानना है कि उनकी ज़िंदगी में कोच अचरेकर ने क्रिकेट को इतना इंट्रस्टिंग गेम बनाया कि वो लगातार घंटों बिना रुके प्रैक्टिस किया करते थे.

पुलेला गोपीचंद:
भारत का प्रदर्शन इस बार ओलम्पिक खेलों में उम्दा नहीं रहा पर पीवी सिंधू ने ओलम्पिक में अच्छा प्रदर्शन किया और भारत की स्टार महिला शटलर ने रियो ओलंपिक्स 2016 में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया, ओलंपिक्स में रजत पदक जीतने वाली देश की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. लेकिन सिंधू अपनी सफलता का श्रेय कोच पुलेला गोपीचंद को देने में ज़रा भी नहीं हिचकती. सिंधू कहती हैं कि एक बेहतरीन कोच के सरे गुण कोच गोपीचंद में हैं. मैं उनसे तबसे सीखती आ रहीं हूँ जब से मैं 10 साल की थी.

आनंद एल राय:
बॉलीवुड में आनंद एल राय अपनी एक ख़ास पहचान रखते हैं. उनकी फिल्में आम लोगों के जीवन पर आधारित होती हैं, अभिनेत्री स्वरा भास्कर आनंद को इंडस्ट्री में अपना गॉडफादर मानती हैं. उनके मुताबिक बॉलीवुड में उनकी सफलता के पीछे आनंद का भी बहुत बड़ा हाथ है.

आनंद कुमार :
सुपर 30 कोचिंग के संस्थापक आनंद कुमार की कहानी से आप सब वाकिफ ही होंगे, गरीब घर के बच्चों के लिए आईआईटी जैसे संस्थान में पढ़ना सपना ही होता अगर आनंद जैसे लोग आगे नहीं आते, वंचित परिवारों के तीस बच्चों को हर साल अपनी कोचिंग में मुफ्त में आईआईटी की कोचिंग देते हैं और इतना ही नहीं इन बच्चों को अपने घर पर रखते हैं और उनकी मां बच्चों लिए भोजन बनाती हैं. आनंद ने एक अच्छे टीचर होने की मिसाल पेश की है और ये उन सभी बच्चों के लिए भगवान से काम नहीं है जिनके सपनों को इन्होंने पंख दिया है.

चाहे वो सचिन हो चाहे स्वरा या कोई और सबके जीवन में गुरुओं का बहुत बड़ा और अहम रोल रहा है, लेकिन इनमें और हम लोगों में एक फर्क है ये अपनी सफलता का श्रेय उन शिक्षकों को देने में जरा भी नहीं हिचकते और हम कभी अपने टीचर्स को स्पेशल फील कराते हैं? शायद नहीं, स्कूल कॉलेज के साथ सबकुछ ख़त्म! इस टीचर्स डे एक बार कोशिश जरूर करिएगा उनसे मिलने की बात करने की और उनके डांट और मार के पीछे छिपे प्यार को समझने की.

टीचर्स के ऊपर कितना भी बोला जाए कितना भी लिखा जाए सब कम ही है, आइए पढ़तें है कुछ कोट्स जो ये बताने की कोशिश कर रहें हैं की हमारे जीवन में शिक्षक की क्या भूमिका होती है.

  • शिक्षक वह नहीं जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन ठूंसे, बल्कि वास्तविक शिक्षक तो वह है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करें.
  • गलतियाँ भी उतनी अच्छी शिक्षक हो सकती हैं जितना की सफलता.
  • सभी कठिन कार्यों में सबसे कठिन कार्य है, एक अच्छा शिक्षक बनना.
  • एक अच्छा शिक्षक बाहर से जितना साधारण नजर आता है. अन्दर से उतना ही रोचक होता.बहुत कुछ कहा गया कहा जाता रहेगा टीचर्स के ऊपर लेकिन उनकी इम्पोर्टेंस क्या है, हमारे जीवन में सच में कोई शब्द, कोई कलम नहीं बता सकता.दोस्तों क्या अपने कभी सोचा है अपने केजी के उस टीचर के बारे में जिन्होंने आपको पेंसिल पकड़ना सिखाया, जिन्होंने आपकी दोस्ती उन शब्दों से कराई जिन शब्दों की वजह से आज आप खुद को एक्सप्रेस कर पाते हैं. उस धैर्य से शायद हम कभी किसी को पढ़ा ही नहीं सकते या कुछ बता ही नहीं सकते लेकिन हमारे टीचर्स हमारे साथ तबतक लगे रहें जबतक उन्होंने हमारी दोस्ती शब्दों से नहीं करा दी, हमारी लाइफ में कई ऐसे मौके आएं होंगे जब हमने उन्हें गलत समझा होगा, लेकिन ज़रा आज सोचिये वो सब किसलिए था? हर टीचर का ये सपना होता है कि उसके पढ़ाये हुए बच्चे जीवन में एक मुकाम हासिल करें. आपकी सफलता से आपके माता पिता और गुरु के जितना कोई खुश हो ही नहीं सकता.

सूर्य ग्रहण 21 अगस्त,सूर्य ग्रहण अगस्त 2017 टाइम और डेट

सूर्य ग्रहण 21 अगस्त!! अभी कुछ दिन पहले एक ग्रहण राखी के त्यौहार पर हुआ था. जोकि चंद्र ग्रहण था. चंद्र ग्रहण के 15 दिन बाद सूर्य ग्रहण होता है. इसके बाद अब 21 अगस्त 2017 यानि आज दूसरा सूर्य ग्रहण होने जा रहा है. और माना जा रहा है कि ये बहुत बड़ा और पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. हालाँकि ये ग्रहण अमेरिका में पूरी तरह से दिखाई देगा.  भारत में उस समय रात होगी तो भारत के लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं देख पाएंगे.

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सूर्य ग्रहण 21 अगस्त का समय और सूतक :

सूर्य ग्रहण 21 अगस्त 2017 सोमवार को भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण रात्रि 9:15 से मध्य रात्रि 2:34 बजे तक होगा और इसके पहले सूतक दिन में 12 बजे के करीब लग जायेगा.  रात्रि  11:51 बजे पर ग्रहण का मध्यकाल होगा.  सूर्य ग्रहण की अवधि लगभग 5 घंटे 19 मिनट की होगी.

कैसे होता है सूर्य ग्रहण:

जब  चन्द्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तब सूर्य ग्रहण माना जाता है. इसी प्रकार जब चाँद पृथ्वी को पूरी तरह से ढक लेता है तो पूर्ण सूर्य ग्रहण माना जाता हैं.  इस परिस्थिति में सूरज की रौशनी सीधे पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती और धरती पर इसी वजह से अँधेरा हो जाता हैं.

इस सूर्य ग्रहण पर कुछ जानकारों का कहना है कि भारत में ग्रहण के समय रात्रि होने पर और ग्रहण न दिखाई देने की वजह से भारत के लोगो पर इसका कोई ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. तो दूसरी तरफ कुछ लोगो का कि ग्रहण पूरी दुनिया है, तो इसका असर हर जगह होना लाजमी है. लेकिन लोगो को समझना चाहिए कि ग्रहण का कोई असर हो या न हो परन्तु कुछ आसान से उपाय करने में क्या जाता है.

ग्रहण का असर जहां कुछ राशियों पर पड़ता है वहीँ सबसे ज्यादा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता हैं. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय जयादा सावधानियां रखनी होती हैं.

  • जैसे कि ग्रहण की पूरी अवधि तक सोना नहीं होता है.
  • बैठकर मन्त्र जाप करना लाभकारी माना जाता है.
  • थोड़ा घूमना फिरना भी सही होता है.
  • बहार निकलने के लिए मना किया जाता है.
  • इस दौरान कुछ खाना-पीना भी सही नहीं माना जाता है.
  • ग्रहण के पश्चात् स्नान करना भी सही कहलाता है.
  • कुछ काटना, या काम करना भी वर्जित माना जाता है.

सो आप सब भी सूर्य ग्रहण पर अपना ख्याल रखे….

Friendship Day Poem for All

friendship day poem!! फ्रेंडशिप डे कविता !! friendship day poem!!

फ्रेंडशिप डे Special

friendship day poem

फ्रेंडशिप डे बेस्ट कोट्स, बेस्ट शायरी

“मुश्किलों में ये ही साथ देते हैं
अपने ना हो पास तो
अपनों सा अहसास देते हैं
झूठ में झूठ और सच में सच
हर बात पे विचार देते हैं
गली नुक्कड़ की शान है इनसे
दोस्ती की पहचान है इनसे
ये वो ही निकम्मे हैं
जो…………
घर पर गलत फोन भी कर सकते हैं
साथ न होने पर साथ भी बता सकते हैं
छोटी सी उम्र में ही निभाते हैं बड़ो का रोल
बड़ो की बात हो, तो बन जाते हैं छोटे बच्चो से अनमोल
इन्होने शरारते सीखी हैं शुरू से ही
जिन्दा है दोस्ती की परिभाषा इन्ही से ही
कितना काम आते हैं, ये हर बात में
बहाने हजारो हैं इनके सोचने की दुकान में
इनसे न कोई मासूम होता है, इनसे न कोई खड़ूस होता है
जिनके पास ये हैं उनको ही ये सब महसूस होता है
दोस्ती करके देखो तुम भी
सोहबत में इसकी रहकर देखो तुम भी
ना पाओगे जब पास अपने
तो होंगे खुद से ही उदास तुम भी”

“खाना चुरा कर भी खाते हैं ये
अपने घर से बनवाकर भी नहीं लाते हैं ये
छीन कर खाना इनकी रगो में बसा
इन्ही आदतों से दोस्त कहलाते हैं ये ”

“दोस्ती का प्यारा सा मिजाज होता है
हर कमीना दोस्त भी खास होता है
ग्रुप की शान इकलौता दोस्त ही बढ़ाता है
इनकी हर अदा पर दिल मेहरबान होता है
सबके सामने गलतियों पर डाल देते हैं पर्दा
गर अकेले में हैं तो बातों से कर देते हैं नंगा
ये ही वो नादान हैं ये ही वो विद्वान हैं
जिनका हमारे जीवन में रहा योगदान है”

“पापा ने हमेशा कहा देखो अपने दोस्त को
उसके साथ रहते हो, तो बनो जैसा है वो
उनको नहीं मालूम उसके पपा की नजरो में
कितना बड़े वाला नालायक है वो”

“ना देखा  साजन, खिलोनी सा यारा
साजन की मार में, खिलोनी बेचारा
जाम भी लगाते हैं, साथ में दोनों
आईडियो की खान, खिलोनी सितारा
लाइफ ओके की हसी का पिटारा
ऐसा हैं मैडम के पीछे साजन आवारा”

“मन ना लगे जब परिवार में
दिल दुखने लगे भरे बाजार में
केवल एक ही दोस्त को कॉल कर लेना
बहार आ जाएगी तुम्हारे संसार में”

फ्रेंडशिप डे बेस्ट कोट्स, बेस्ट शायरी, Quotes & Shayari on Friendship Day

friendship day best Quotes! फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले संडे(रविवार) को मनाया जाता है. जोकि वर्ष 2017 में 6th अगस्त को पड रहा है. नीचे कुछ अच्छे massage और friendship day best Quotes दिए गए हैं. जिनको आप अपने दोस्तों को भेज सकतें हैं.

friendship day best Quotes

Friendship Day Special in Hindi

“तुम से हम कभी दूर न थे
पर तुम मेरे कभी करीब न थे
ऐसा भी क्या गिला था हमसे
कि तुम मेरे कभी बन न सके”

“आज फ्रेंडशिप डे आया है
दोस्ती की नयी सौगात लाया है
मैं भी आजमा लू अपना भाग्य
कि कौन सा रिश्ता
मेरी किस्मत में छाया है”

“दोस्त मिलते रहे जिंदगी में यूँ ही
हम भी आगे बढ़ते रहें यूँ ही
ऐसा नहीं के हमें दोस्तों की कमी हैं
पर तुम्हारे जैसा कोई जीवन में नहीं है”

“न कोई खून का रिश्ता न कोई अपना सा अहसास
फिर भी कुछ प्यारे से दोस्त क्यों होते हैं खास “

“दोस्ती का फर्ज निभाया बस मेरे सच्चे दोस्त ने
इससे आगे मैं क्या कहूं न शब्द हैं न आरजू”

“मालूम न था दोस्ती में कुछ सवाल भी होते हैं
जिनकी जमीं उनके रखवाल भी होते हैं
यूँ ही इस राह पर चले थे हम तो
मगर दामन थमा दिया उन्होंने,
जिनके हमसे अक्सर बवाल भी होते हैं”

“दोस्ती भी बड़ी विचित्र पहेली हैं
किसी का दोस्त, तो किसी की सहेली है
दोस्त का सवाल नहीं कोई
तो सहेली का जवाब नहीं कोई
फिर भी संग-संग ये मौज-मस्ती में रहते हैं
पूछो इनसे कुछ तो “हम साथ-साथ हैं” ये कहते हैं “

“झगड़ना इनसे जितना आसान होता है
मनाना उसमे थोड़ा मुश्किल नहीं होता है
लड़ाई-झगड़ा तो चलेगा सदा यूँ ही पर
जिनके यार हैं,उनका खुला आसमान होता है”

“बस इतना समझ लीजे कि हमारी भी दोस्ती हो गयी उनसे
वरना हम तो वो उस्ताद थे जिन्होंने बदलना कभी जाना ही नहीं
रास्ते में चलना था और झगड़ना था हर किसी से
चाहत है वो आरजू भी है वो, इसके सिवा दिल्लगी किसी से भी नहीं”

फ्रेंडशिप डे Friendship Day Special

फ्रेंडशिप डे:

“ऐ दोस्त तुझे देखा है मैंने, मेरे लिए दुआ करते हुए
और खुद को भी जाना है, दुआ में तेरे लिए मांगते हुए
तेरी यारी पाकर, हमने जानी है ‘महफ़िल ए ख़ुशी’
किस कदर हमने कुर्बान की जिंदगी,कुर्बान होते हुए”

click for Rakshabandhan Time & Tithi

“तेरा साथ मुझको अच्छा लगा था
तेरा वादा निभाना मुझे सच्चा लगा था
तू जब से आया है दोस्त बनकर
जीवन का हर रंग खुशनुमा लगा था”

फ्रेंडशिप डे

कब मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे:

पहली बार 1935 को फ्रेंडशिप डे मनाया गया. सारी दुनिया में मनाया जाने वाला फ्रेंडशिप डे अगस्त महीने के पहले रविवार को सेलिब्रेट किया जाता है. अपने आप में यह एक अनोखा दिन है. इस दिन की युवाओ के लिए बहुत ज्यादा वैल्यू होती है. देखा जाये तो युवाओ की लिस्ट में यह दिन टॉप 5 तक आता है. फ्रेंडशिप डे के लिए उत्साहित लोग कई दिनों पहले ही तैयारियों में लग जाते हैं.

तरह-तरह के प्रोग्राम बनाते हैं. कोई घूमने की प्लानिंग करता है तो कोई पिकनिक की. कोई सोशल मीडिया का सहारा लेता है, तो कोई डिजिटल सन्देश भेजकर ही अपने दिन को खूबसूरत अंजाम तक पहुंचाते हैं. पूरी दुनिया पर इस दिन की खुमारी छाई होती है. सब अपने दोस्तों को विश देना पसंद करतें हैं.

फ्रेंडशिप डे एक बहुत प्यारा दिन तो है ही साथ ही कुछ अच्छे दोस्त हमारे जीवन में हो तो इसका महत्व् और भी कई गुना बढ़ जाता है. अच्छे दोस्तों का होना उतना ही जरुरी है जितना के जीवन में परिवार का होना है. जिन बातों को हम सबके सामने कहने से हिचकते है वो बातें हम अपने बेस्ट फ्रेंड्स से बड़ी ही आसानी से शेयर कर सकते है.

और हमारे पास अच्छे और सच्चे दोस्त हो तो जीवन बड़ा मधुर नजर आता है. दोस्ती की कई कहानिया हमारे रामायण व् महाभारत जैसे ग्रंथो में भी व्याख्यान हैं. परन्तु आज के समय में अच्छे दोस्तों का मिल पाना बड़े भाग्य की बात है. दोस्ती के नाम पर आजकल बहुतो को लूटा जाता है. रोजना ना जाने कितनी हत्याएं कर दी जाती है. कितनो का विश्वास चूर-चूर किया जाता है. आज के दोस्त पीठ पीछे ही छुरा घोप देते हैं. और ऐसे दोस्तों को कभी भी दोस्ती का मतलब समझ नहीं आता. इसीलिए आप सब भी दोस्तों का चुनाव करते हुए एहतिहात बरतें. दोस्त बनाते समय तो अच्छा लगता है. लेकिन उनके साथ समय गुजारते हुए सावधान रहें. शुरुआत में ही पूरी तरह नए दोस्तों पर भरोसा न करें. और अगर आपके पास वास्तव में ही अच्छे दोस्त हैं तो उनकी कदर करें.

क्या करे फ्रेंडशिप डे पर:
भारत में फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है तो जाहिर है कि रोज के कामों से थोड़ी फुर्सत तो होती ही है.
तो आप अपने तरीके से कुछ भी प्लान कर सकते हैं. जैसे कि

  • शॉपिंग पर भी जा सकतें हैं.
  • कोई मूवी भी देखने जा सकते हैं.
  • स्ट्रीट फ़ूड का भी आनंद ले सकतें हैं.
  • दोस्तों को गिफ्ट्स भी दिला सकतें हैं.
  • कही बहार पिकनिक के तौर पर जा सकते हैं.
  • घर पर कोई पार्टी भी ऑर्गेनाइज कर सकतें हैं.
  • कही आराम के दो पल भी साथ में गुजर सकतें हैं.
  • केवल फूलों के द्वारा भी अपनी दोस्ती का इजहार कर सकतें हैं.
  • अगर पसंद है तो साथ में पेंटिंग्स या कार्ड्स भी डिज़ाइन कर सकतें हैं.

बाकि रिश्तों की तरह दोस्ती का रिश्ता भी बहुत नाजुक होता है. इसलिए अपने रिश्तों में सोच-समझ कर आगे बढ़ें.

और यदि संभव हो सके तो फ्रेंडशिप करते समय अपने दोस्त से खुलकर बात करें. उसको अपनी पसंद या नापसंद से अवगत कराएं साथ ही उसके बारें में जानने की कोशिश करें. आगे चलकर झगडे होने से बेहतर है कि आज ही हम एक रिश्ते की नीव को मजबूत बना लेंने की कोशिश करे बाकी तो जो होगा देखा जायेगा.

फ्रेंडशिप डे गिफ्ट आइडियाज:
  • Wrist watch
  • Flowers
  • Teddy bear
  • Sun glasses
  • Panting’s
  • Photo frame
  • Greetings Cards
  • Musical Cards
  • Diary and Pen
  • Cake
  • Chocolates
  • Dress
  • Bags
  • Novel
  • Wrist Band
  • Show piece
  • Perfume & Deo
  • Wallet etc.

अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस-18 July

नेल्सन मंडेला दिवस!!!  नेल्सन मंडेला एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने हमेशा दूसरों के लिए ही काम किया है. दक्षिण अफ्रीका के गाँधी कहे जाने वाले मंडेला को शांति के लिए नोबेल पुरूस्कार से भी नवाजा जा चुका है. कई बार मंडेला को समाज में तिरस्कार भी झेलना पड़ा परन्तु उन्होंने कभी भी दूसरो की भलाई के लिए कार्य करना नहीं छोडा. मंडेला ने हमेशा से ही अश्वेतों के लिए लड़ाई लड़ी. उनका मानना था कि समाज में सबको एकसमान अधिकार मिले. गाँधी जी के बताये रास्तों पर चलने वाले मंडेला को कभी अपने परिवार से भी लगाव नहीं रहा. वो हमेशा से ही दुनिआ के लोगों के लिए समर्पित रहना चाहते हैं.

नेल्सन मंडेला दिवस

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कब है अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस:
दुनियाभर में यह दिवस 18 जुलाई को नेल्सन मंडेला के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है.

कब से हुई नेल्सन मंडेला दिवस की शुरुवात:
वर्ष 2010 से इस दिवस को सार्वजानिक तौर से मनाया गया. 192 सदस्यों की महासभा में सर्वसहमति से एक प्रस्ताव पारित किया गया. जिस पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति जाहिर की और तभी से अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस घोषित किया गया.

जब यह प्रस्ताव पारित हुआ तब महासभा के अध्यक्ष अली टेकी थे. उन्होंने उस दौरान कहा था की यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय एक महान व्यक्ति के कार्यो की प्रशंसा करता है. जो हमेशा दूसरो के लिए सोचता है और जिसने हमेशा दूसरे लोगो के लिए ही निस्वार्थ भाव से काम किया है.

इनका दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रपति कार्यकाल 1994 से 1999 तक रहा. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नेल्सन मंडेला का आज भी वैश्विक मुद्दों तथा मानवाधिकारों के लिए प्रयास जारी है. वो आज भी लोगो के हितो के लिए आवाज उठाते हैं.

इनका जन्म  18 July 1918 जुलाई को ट्रांस्की के मवेंजों गाँव में हुआ था. इनकी माता नोमजामो विनी मेडीकिजाला एक मैथडिस्ट थीं. पिता गेडला हेनरी गाँव के प्रधान थे. जब मंडेला मात्र 12 साल के थे तब इनके ऊपर से पिता का साया उठ गया था.

इनके माता-पिता ने जिम्मेदारी में बांधने के लिए इनका विवाह कर दिया। क्योंकि वो अपने बेटे की क्रांति की राह पर चलने की इच्छा से खुश नहीं थे. परन्तु मंडेला शादी के कुछ ही दिन बाद घर से भाग गए.

इस प्रकार नेल्सन मंडेला ने शांति के क्षेत्र में सराहनीय योगदान दिया है. अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर 18 जुलाई को उनका जन्म दिन भी मनाया जाता है और इनके विशेष योगदान के लिए याद भी किया जाता है.

नेल्सन मंडेला के टॉप कोट्स:
मैंने ये जाना है कि डर का ना होना साहस नही है, बल्कि डर पर विजय पाना साहस है. बहादुर वह नहीं है जो भयभीत नहीं होता , बल्कि वह है जो इस भय को परास्त करता है.

क्या कभी किसी  ने सोचा है कि लोग जो चाहते थे वो उन्हें  इसलिए नहीं मिला क्योंकि उनके पास प्रतिभा नहीं थी, या शक्ति नहीं थी, या धीरज नही था, या प्रतिबद्धता नहीं थी?

स्वतंत्र होना, अपनी जंजीर को उतार देना मात्र नहीं है, बल्कि इस तरह जीवन जीना है  कि औरों का सम्मान और स्वतंत्रता बढे.

मैं जातिवाद से घृणा करता हूँ, मुझे यह बर्बरता लगती है , फिर चाहे वह अश्वेत व्यक्ति से आ रही हो या श्वेत व्यक्ति से.

एक बड़े पहाड़  पर चढ़ने के बाद यही पता चलता है कि अभी ऐसे कई पहाड़  चढ़ने के लिए बाकी हैं.

विश्व जनसंख्या दिवस : अब संभलने का समय वरना…………

विश्वभर के कई सामाजिक मुद्दों में से एक बहुत बड़ा मुद्दा जनसंख्या का भी है. दिन-पर-दिन विश्व की जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. सारे राष्ट्र जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपायों पर काम कर रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए 11 जुलाई को विश्व भर में विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया जाता है. इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जिनमें लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी दी जाती है.

विश्व जनसंख्या दिवसइस दिवस को मनाने का उद्देश्य यह है कि लगातार जनसंख्या में हो रही वृद्धि को दुनिया का हर नागरिक समझने की कोशिश करें. हर शख्स को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी जिससे  जनसंख्या वृद्धि की दर में कमी आए. कोई एक राष्ट्र हो या पूरा विश्व हर जगह विकास करने के लिए इस चुनौती को स्वीकार करना ही पड़ेगा. विश्व की जनसंख्या एक चुनौती पूर्ण समस्या तो है क्योंकि इससे आर्थिक और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ती जा रही है.

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अगर हम भारत की बात करें तो भारत की जनसंख्या इस समय सवा सौ करोड़ से भी ज्यादा है. और भारत विश्व के देशों में सबसे अधिक युवा जनसंख्या वाला देश है. आने वाले समय में युवा जनसंख्या को रोजगार उपलब्ध कराना और बुनियादी चीजों की पूर्ति करना भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा. जबकि इस समस्या से निपटने के लिए सरकार की तरफ से अभी तक कोई तंत्र विकसित नहीं किया गया है.

विश्व जनसंख्या दिवस की थीम:
वर्ष 2017 की विश्व जनसंख्या दिवस की थीम है
Family Planning : Empowering  People, Developing  Nation

कब मनाया जाता है जनसंख्या दिवस:
प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व भर में जनसंख्या दिवस मनाया जाता है. वर्ष 2017 में “विश्व जनसंख्या दिवस मंगलवार 11 जुलाई” को है.

पहली बार कब मनाया गया विश्व जनसंख्या दिवस:
वर्ष 1989 में सर्वप्रथम विश्व जनसंख्या दिवस की शुरुआत की गई. उस समय विश्व की आबादी लगभग 5 अरब के करीब थी. तभी से विश्व का भविष्य ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में इस विशेष दिवस की घोषणा की गई. तब से प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व में विश्व जनसंख्या दिवस आयोजित किया जाता है.

लोगों को जागरुक करने के उपाय:
यूं तो साल-दर-साल राष्ट्र की सरकारें जनसंख्या वृद्धि को रोकने के कई उपाय सुझाती है.

  • लिंग जांच की पर रोक लगनी चाहिए.
  • जनसंख्या वृद्धि होने के दुष्प्रभाव लोगों को समझाने चाहिए.
  • एक परिवार में बच्चों की अधिकतम संख्या सुनिश्चित की जानी चाहिए.
  • हर शादीशुदा इंसान को सोच समझकर फैमिली प्लानिंग करनी होगी.
  • लिंग भेद यानी लड़का और लड़की में अंतर की रोकथाम होनी चाहिए
  • परिवार नियोजन के बारे में लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है.
  • परिवार नियोजन में भागीदार बन रहे लोगों को कुछ स्वास्थ्य सुविधाएं फ्री दी जानी चाहिए.
  • जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर के लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी देनी चाहिए.
  • बच्चों के लिए एक निर्धारित उम्र के बाद परिवार नियोजन संबंधित शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए.
  • लोगों को समझाना चाहिए कि एक सही उम्र में शादी होने के बाद होने वाला बच्चा और परिवार कितना स्वस्थ रहेगा.
  • देश के कई हिस्सों में हो रहे बाल विवाह की प्रथा को रोकना होगा. आम तौर पर शादी की उम्र में वृद्धि करनी चाहिए.
  • बच्चों के बीच अंतर रखने की एक सीमा निर्धारित की जानी चाहिए साथ ही इससे जुड़ी जानकारी लोगों को मुहैया कराई जानी चाहिए.
  • सरकार की ओर से लगातार जनसंख्या वृद्धि रोकने के कारणों को जानने और उपाय सुझाने के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए.

    विश्व जनसंख्या दिवस कैसे मनाया जाना चाहिए:
    परिवार नियोजन अभियान शुरू करके.
    सरकार और एनजीओ की तरफ से एक निश्चित अंतराल पर कार्यक्रम होने चाहिए.
    नाटकों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबंध प्रतियोगिता, भाषण, पेंटिंग और टीवी चैनलों पर चर्चा जैसे प्रोग्राम आयोजित कर के मनाया जा सकता है.

    बढ़ती हुई जनसंख्या के दुष्प्रभाव:
    लगातार बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी बढ़ेगी
    आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ रह पाना मुश्किल होगा
    बेरोजगारी बढ़ने के कारण लोगों में अवसाद की बीमारी की बढ़ोतरी होगी. जिससे मनुष्य का स्वास्थ्य प्रभावित होगा.