दांतों को सफ़ेद कैसे करें

दांतों को सफ़ेद कैसे करें!!!
दोस्तों अगर हमारे दांत सफ़ेद और चमकदार हो तो हमारी हसी को चार चाँद लग जाता है और हमारे चेहरे की सुंदरता अपने आप निखर जाती है.
आपको ज्यादा कॉफ़ी और सॉफ्ट ड्रिंक पीने से बचना चाहिए ऐसा करने से दांतों में दाग धब्बे पड़ जाता है. दांत के पीले होने कई कारण होते हैं अधिक दवाइयों के सेवन से भी दांत पीला हो जाता है.

दांतों को सफ़ेद कैसे करें

 

पसीने की बदबू दूर करने के उपाय

दांतों के पीलेपन के कारण हमें कई बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है.
जहां सभी लोग ठहाके मार कर हस रहे होते हैं, वहां हमें फीकी मुस्कान से ही काम चलाना पड़ता है.
दांत भी हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए इनकी देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है. बाज़ार में कई ऐसे Product मिलते हैं दांतों को सफ़ेद बना सकते है.
लेकिन हम यहां आपको कुछ आसान घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे, जो आपके दांतों को कुदरती रंगत लौटा देंगे.

नमक सोडा और सुहागा का मिश्रण (Mixture of salt, soda and borax):

दांतों को सफ़ेद कैसे करें, इस सवाल का पहला जवाब है नमक, सोडा और सुहागा का मिश्रण.
नमक के साथ खाने का सोडा और सुहागा अच्छी तरह मिलाकर एक डब्बे में रख लें.
रोज सुबह ब्रश करते वक्त इससे दांत साफ़ कर लें इससे दांतों पर लम्बे समय से जमा पीलापन और कालापन दूर हो जाएगा.

निम्बू का छिलका(Nimbu ka chilka):
अबकी बार निम्बू को प्रयोग करके उसके छिलकों को कूड़ेदान में ना फेंके.
दांतों को सफ़ेद कैसे करें में अब बारी है दूसरे नुस्खें की, इन छिलकों को कड़ी धूप में सूखा लें और मिक्सर में इसे बारीक पीस लें.
इसमें नमक मिलाकर रख लें. ब्रश करने के बाद इससे अपने दांतों को साफ़ करें ऐसा करने से आपके दांत सफ़ेद और चमकदार बनेंगे.

सरसो का तेल और नमक(Mixture of oil & Salt):
दांतों को सफ़ेद कैसे करें सवाल का तीसरा जवाब है सरसो के तेल में एक चम्मच नमक मिलाकर रख लें इस मिश्रण को दांतों पर मलने से दांत सफ़ेद होते हैं.

लीची का पेस्ट (Lichi ka paste):
दोस्तों लीची अगर आपको पसंद है तो लीची को पिस कर इसका पेस्ट बना ले. इस पेस्ट से दांतों की सफाई करने से दांत चमकने लगते हैं.

तुलसी(Tulsi):
तुलसी में कुदरती रूप से दांतों के पीलपन को दूर करने की क्षमता होती है.इसके अलावा मुँह के अन्य रोगों से भी हमारी रक्षा करती है. तुलसी के पत्तों को धूप में बिलकुल सुखा लें और मिक्सर में पीस कर इसका पाउडर बना लें. और इसको एक डब्बे में रख लें जब भी ब्रश करें इसके पाउडर को टूथपेस्ट में मिला लें और दांत साफ़ करें .

संतरे का छिलका (Santre ka Chilka):
संतरे के छिलके को फेंकने के बजाय उसके छिलके को सूखा लें और साथ ही तुलसी के पत्तों को सुखाकर पाउडर तैयार कर लें.
ब्रश करने के बाद संतरे और तुलसी के पाउडर के इस मिश्रण से दांतों पर मसाज करें.
संतरे में विटामिन सी और कैल्शियम के अधिकता के कारण दांत मोती जैसे हो जाते हैं.

नीम(Neem):
नीम में असीम औषधिय गुण होने के कारण इस बहुत ही उपयोगी माना गया है. नीम में दांतों को सफेद बनाने व बैक्टीरिया को जड़ से ख़त्म करने के सारा गुण पाया जाता है. यह नेचुरल एंटीबैक्टिीरियल और एंटीसेप्टिक है.
कुछ भी मीठा खाने के बाद या किसी भी चीज का सेवन करने के बाद पानी से कुल्ला जरूर करे.

पसीने की बदबू दूर करने के उपाय

 

पसीने की बदबू!!! शरीर से आने वाली पसीने की बदबू कई बार हम लोगों के लिए शर्मिंदगी का कारण बन जाती है. शायद कुछ लोग झप्पी लेने-देने में इसी लिए हिचकिचाते हैं.

वजन कम करने के Top tips

पसीने की बदबू

पसीने की बदबू और बुरी दुर्गन्ध हमें नयें दोस्त बनाने और किसी रिश्तें को मजबूत बनाने में बाधा पहुंचती है. आम आदमी की समझ से हमे यह लगता है कि शरीर की दुर्गन्ध ज्यादा पसीना आने की वजह से आती है, लेकिन इसका कारण पसीना नहीं बल्कि बैक्टीरिया है. ये बक्टेरिया हमारे शरीर से निकलने वाले पसीने में मिल जाते हैं और बदबू पैदा करते हैं. बैक्टीरिया गर्म और नम वातावरण में पनपते हैं. ऐसे में सारा दिन अपने शरीर को ताजा रखना चुनौती से कम नहीं. इसलिए दोस्तों हम आपके लिए लेकर आएं हैं बेहद कारगर उपाय जिससे आपको इस समस्या से छुटकारा मिलेगा.

टमाटर (tomatoes):
शरीर की दुर्गन्ध से छुटकारा पाने के लिए टमाटर बहुत कारगर साबित होता है.  नहाते वक्त तकरीबन 5 से 6 टमाटर का जूस नहाने वाले पानी में डालकर उससे स्नान कर लें. टमाटर के अंदर मौजूद एंटीसेप्टिक गुण आपके शरीर से आने वाली बदबू को ख़त्म कर देगा. ऐसा करने से त्वचा की रोम छिद्र भी छोटी हो जाती हैं. जिसकी वजह से शरीर से कम पसीना बाहर निकलता है.

बेकिंग सोडा(Baking Soda):
बेकिंग सोडा में कुदरती रूप से (deodorant) का गुण होता है. आपके जिन जगहों पर पसीना ज्यादा आता है वहां बेकिंग सोडा लगाना फायदेमंद साबित होगा. ये बैक्टीरिया को मारता है और उन्हें पनपने से रोकता है जिससे शरीर की बदबू कम होती है.

शलजम का जूस:
बात अगर प्राकृतिक (डिओडोरेंट)की चल रही है तो आप शलजम का जूस निकालकर पसीने वाली जगह पर लगा सकते हैं. इसको लगाने के बाद कई घंटो तक आपको पसीने की दुर्गन्ध से छुटकारा मिलेगा.
इसके अलावा बदबू को ख़त्म करने के लिए शलजम का जूस पी भी सकते हैं. शलजम में विटामिन C पाया जाता हैं जो पसीने के दुर्गन्ध को ख़त्म करने में सहायक होता है.

सिरका(vinegar):
सिरका भी शरीर के दुर्गन्ध दूर करने में बेहद प्रभावशाली माना जाता है. स्नान करने के बाद आपके पास मौजूद कोई भी सिरका चाहे सेब का या फिर अन्य हो दो स्पून लें और पानी में मिलाकर जिन जगहों पर पसीना ज्यादा आता हैं वहां लगा लें. ऐसा करने से शरीर से दुर्गन्ध नहीं आती यह बहुत ही कारगर उपाय है.

डीओडोरेंट(deodorant):
डीओडोरेंट (deodorant) की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बैक्टीरिया से पैदा होने वाली वाले बदबू को रोकता है. जरूरी नहीं की इसको लगाने से पसीना रुक जाये. यह थोड़े या ज्यादे समय के लिए बदबू को दूर रखता है यह इसकी गुणवत्ता पर निर्भर करता है.

 साफ-सफाई(tidy & clean):
पसीने की बदबू को दूर करने में सफाई का भी ध्यान रखें. सफाई का ध्यान रखना बहुत जरुरी है जब भी पसीना आये पंखें के सामने बैठ उसे सूखा लें और दिन में एक बार स्नान जरूर करें जब पसीना ज्यादा आ रहा हो तो दोबारा स्नान करने में कोई बुराई नहीं है.

खान-पान(Eating habits):
खाने में की गयी लापरवाही हमारे शरीर में कई चीजों को गड़बड़ कर देती है कुछ भोजन पसीने की बदबू को बढ़ा देते है.
भोजन में प्याज, लहसून, रेड मीट, मसालेदार खाना, शराब और कैफीन शामिल है. ऐसे भोजन  और पेय गर्मी पैदा करते है. इन चीजों के सेवन से शरीर से पसीना निकलता है .

ज्यादा पानी पीये(Drink water):
पानी की कमी के कारण शरीर का तापमान गड़बड़ हो जाता है हमे दिन में करीब 3 लीटर पानी  पीना चाहिए,ज्यादा पानी पीने से स्किन हाइड्रेटेड रहती है और टोक्सिंस शरीर के बाहर निकलते हैं जिससे शरीर से दुर्गन्ध नहीं आती.

निम्बू का रस(Lemon Juice):
निम्बू के अम्लीय गुण के कारण बैक्टीरिया ख़त्म हो जाते हैं. स्नान करते वक्त पानी में  गुलाब जल या निम्बू का रस मिलाने से दुर्गन्ध नहीं आती .

कॉटन के कपड़े(Cotton clothes):
पसीना सोखने वाले कपड़ों को तरजीह देने से हमारे शरीर को हवा मिलती रहती है. पसीने के बदबू से बचने के लिए कॉटन के वस्त्र पहनने चाहिए.

वजन कम करने के Top tips

वजन कम करने के अचूक उपाय!!!

Child Care Tips

वजन कम करने के अचूक उपाय आपको बिना किसी ख़ास त्याग और मेहनत के आपका वजन कम करने में मदद करेगा.
वजन कम करने के अचूक उपाय

वजन कम करने के अचूक उपाय में हम आपको फिट होने का हर तरीका बताएंगे. कहते हैं जब वजन बढ़ ज्यादा है तो इंसान बेकार और सुस्त नजर आने लगता है. लेकिन इन सब के अलावा भी कुछ चीजें हैं जो वजन बढ़ने के साथ बढ़ती है.
हमारी ज़िंदगी की परेशानियां और मुश्किलें और बहुत से Case में तो लोग अपना आत्मविश्वास तक खो देते हैं. आपको नहीं लगता कि वजन का बढ़ना और उसका ठीक रहना हमारे हाथ में है?
Friends, मोटापा अपने साथ हीनता के अलावा भी बहुत कुछ लेकर आता है. मोटापा एक नहीं बल्कि कई बीमारियों की जड़ है, और यकीन मानिये अगर आप अपने मोटापे को control कर लें तो आप कई गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं.
आइये हम आपको कुछ ऐसे Tips बताते हैं जों आपको ना केवल Strong, Slim और Fit बनाएंगे बल्कि Doctor के घर लगने वाले फालतू के चक्करों से भी बचाएंगे तो तैयार हैं आप वजन घटाने के लिए ?

योग और व्यायाम (Yoga & Exercise):
वजन कम करने के अचूक उपाय

रुकिए मुँह बनाने की जरूरत नहीं है, पता है आपको लग रहा होगा सब यहीं बोलते हैं.लेकिन आप भी तो हद करते हैं जब सब बोलते हैं तो आप मानते क्यों नहीं?दोस्तों वैज्ञानिक भी यह मान चुकें हैं कि योग और व्यायाम का कोई तोड़ नहीं है. और आप Fat हैं सिर्फ इसलिए योग करने की जरूरत नहीं है.
आपको अपने मंदिर जैसे शरीर की क़द्र है और आप इसको आत्मिक,शारीरिक स्तर पर साफ और निर्मल रखना चाहतें हैं इसलिए जरुरी है.
आप सिर्फ एक हफ्ते का Routine Follow कीजिये आपको अंदर से एक नयी Energy मिलेगी. और अगर आपके दिन की शुरुआत ही ऊर्जा से हो रही है तो दिन तो अच्छा जाना ही है.
और हाँ जरुरी नहीं है कि आप शुरुआत से ही 1 घंटा व्यायाम करने लगें. हमेशा छोटे और दृढ संकल्प के साथ बढ़ें, कभी मुश्किल नहीं आएगी.

शुरुआत बस 20 minute के yoga और exercise से करें धीरे-धीरे आपको आदत हो जाएगी और आप खुद को बहुत बदला हुआ महसूस करेंगे.
आप सोच रहे होंगे योग और व्यायाम तो आपको आते ही नहीं है, घबराइए नहीं अगर आप चाहें तो कुछ भी मुश्किल नहीं है. आप Internet से Yoga Poses और व्यायाम के वीडियो Download कर सकते हैं. और डाउनलोड करते वक्त ये ध्यान रखें कि Source विश्वसनीय हो, रामदेव बाबा के Videos आपकी बहुत मदद कर सकते हैं.

सुबह का नाश्ता न छोड़े(Never Skip Morning Breakfast):
वजन कम करने के अचूक उपाय

वजन कम करने के अचूक उपाय में अब बारी है दूसरे कदम की, वजन कम करने का आपके खाने से कोई लेना-देना नहीं है उल्टा अगर आपने खाना छोड़ दिया तो कमजोरी होगी और लेने के देने पड़ सकते हैं.
वजन घटाने के लिए लोग Dieting शुरू कर देते हैं. लोगों को ऐसा लगता है ये सबसे आसान तरीका है. लेकिन कभी भी सुबह का नाश्ता Miss मत करिये ये आपकी Body को Rhythm देता है.
अगर शुरुआत ही Dull हुई तो आप बाकि का Target कैसे पूरा करेंगे?
नाश्ते में आप फल,सलाद,जूस,दही, दलिया अदि जैसी पौष्टिक और सेहतमंद चीजों को शामिल कर सकते हैं.

अच्छी नींद लें(Good Sleep):
वजन कम करने के अचूक उपाय

वजन कम करने के अचूक उपाय में हम आपको तीसरे पड़ाव के बारे में बताते हैं. आप सोच रहे होंगे कि नींद का आपके वजन के साथ क्या कनेक्शन?
लेकिन कनेक्शन है बहुत गहरा कनेक्शन है. Stress हमारे System को Damage करता है.
और इसकी वजह होती है ढंग से नींद यानी की 6-8 घंटे की नींद ना लेना.
आराम से नींद लें ये आपका मोटापा काम करने में मदद करता है.

मीठा कम खाएं (Avoid Sugar):
वजन कम करने के अचूक उपाय

वजन कम करने के अचूक उपाय कि अगर आप फिट एंड फाइन रहना चाहते हैं तो मीठी चीज आपके लिए ज़हर है तुरंत इसे छोड़ दीजिये या बहुत ही काम मात्रा में लीजिये. मीठी चीज में कैलोरी बहुत ज्यादा होती हैं इसलिए कोशिश करिये कि आप मीठा काम ही खाएं.

खूब पानी पिएं(Drink Water):
वजन कम करने के अचूक उपाय

वजन कम करने के अचूक उपाय को फॉलो करते हुए इस बात को भी मानें.
पानी पीना हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है कम से कम रोजाना 5 से 6 लीटर पानी जरूर पिएं और कोशिश करें कि Liquid Food को अपने Diet में शामिल करें. खाने से तकरीबन एक घंटा पहले पानी पीना फायदेमंद होता है.

डाइट चार्ट में प्रोटीन को जगह दे(Protein Diet):
वजन कम करने के अचूक उपाय

वजन कम करने के अचूक उपाय में आपको बता दें, प्रोटीन वजन कम करने में बेहद फायदेमंद होता है. आप प्रोटीयुक्त चीजों का सेवन करें इससे आपको पेट भरा भरा महसूस होगा और भूख कम लगेगी और भूख कम लगेगी तो आप unhealthy चीजों को नहीं खाएंगे.

ग्रीन टी(Green Tea):
वजन कम करने के अचूक उपाय

हरी चाय (Green Tea) वजन को काम करने में बहुत कारगर साबित होती है इसमें कई ऐसे गुण मौजूद हैं जो इसे एक औषधि के दर्जे में लाकर खड़ा करते हैं.
इसमें Antioxidants और caffeine की मात्रा पायी जाती है जो चर्बी को कम करती है इसलिए दिन में काम से काम एक बार ग्रीन टी जरूर पिएं. एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर के विषैले तत्वों को नष्ट करता है.

फ़ास्ट फ़ूड को ना(Say no to fast food):
वजन कम करने के अचूक उपाय

Fast food में बहुत ज्यादा मात्रा में Fat मौजूद रहता है जो आपके शरीर कि चर्बी को बढ़ा देता है इसलिए खुद पर control रखें और घर का बना शुद्ध और पौष्टिक खाना ही खाएं.

खाने को चबा कर खाएं(Chewing the food):
वजन कम करने के अचूक उपाय

समय की कमी सबके पास है लेकिन खाते वक्त पूरा ध्यान खाने पर ही रखें और कोशिश करें की खाने को निगलने के बजाय चबा कर खाएं.
निगला हुआ खाना पचने में मुश्किल पेश आती है और गैस आदी की समस्या शुरू हो जाती है.

वजन काम करने के घरेलू उपाय(Home Tips For weight Loss):

  • सुबह खली पेट करेले का जूस पीने से पेट की चर्बी बहुत जल्दी काम हो जाती है.
  •  एक बार में ज्यादा भोजन करना गलत है इसकी जगह आप कम भोजन करें और दिन में Small Meals लेते रहे.
  • अगर आप गेहू के आटे की रोटी खाते हैं तो उसकी जगह. चने का आटा और जौ के आटे का रोटी बनाकर खाना शुरू करें.

उम्मीद है आपको ये जानकारियां अच्छी लगी होंगी वजन कम करने से जुड़ा कोई भी सवाल हो आप हमसे बेझिझक कमेंट बॉक्स में जाकर पूछ सकतें है.
इन टिप्स को Follow करिये. मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिये. और अपने नए Confident लुक से सबको चौका दीजिए

Child Care Tips

Top 6 Child Care Tips!!!
Top 6 Child Care Tips

Top 6 Child Care Tips!!! मम्मी-पापा बनना इस दुनिया के सबसे ख़ुसूरत एहसासों में से एक है अपने बच्चे की देखभाल करना आपके जीवन का सबसे ख़ास और पुरस्कृत अनुभव हो सकता है. शुरुआत में अचानक किसी की पूरी जिम्मेदारी अपने कन्धों पर लेना थोड़ी दिक्कत पैदा कर सकता है. लेकिन धीरे धीरे आप अपने जिम्मेदारियों के आदी हो जाएंगे  आपके बच्चे को आराम, जीविका साथ ही में प्यार और स्नेह की एक स्वस्थ खुराक की जरूरत है.

हिंदी भाषा में कैरियर संभावनाएं

Top 6 Child Care Tips!!! जब आप मा बनती हैं तो मन में कई तरह की दुविधाएं होती हैं बच्चे की देखभाल कैसे करें, उसे गोद में कैसे लें उसे कैसे दूध कैसे पिलाएं कैसे नहलाएं ये तमाम सवाल आपके मन में घूमते रहते हैं तो इन Top 6 Child Care Tips का ध्यान रखिये और बिना किसी टेंशन पालिये अपने शिशु को.

जन्म के बाद माँ का दूध ही पिलाएं:Top 6 Child Care Tips

मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के बराबर होता है. माँ का दूध बच्चे को पोषण व बीमारियों से संरक्षण प्रदान करता है. बच्चों के लिए पहले 6 महीने तक मां का दूध ही काफी होता है. बहुत सी माताएं 6 months बाद भी स्तनपान(feed) कराती हैं और अन्य आहार देना भी शुरू कर देती हैं. बच्चे के जन्म के तुरंत बाद मां का पहला पीला और गाढ़ा दूध जरूर पिलाएं. इस दूध को कोलस्ट्राम(colostrum) कहते हैं जोकि प्रसव(डिलीवरी) के बाद पहले हफ्ते में निकलता है. कोलस्ट्राम बाद के दूध से अधिक पौष्टिक होता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन ज्यादा होता है और संक्रमण से बचाव के गुण भी अधिक होते हैं, जो जन्म के तुरंत बाद की खतरनाक बीमारियों से बच्चे को बचाते हैं. इसमें अधिक मात्रा में विटामिन A पाया जाता है. अपने बच्चे को यह कोलस्ट्राम अवश्य पिलाएं, क्योंकि इसमें बहुत से पोषक तत्व होते हैं.

टीकाकरण(Vaccination):Top 6 Child Care Tips

बच्चों में टीकाकरण वायरस और संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों से बचाने के लिए कराए जाते हैं. आमतौर पर लगाए जाने वाले टीकों के अलावा भी कुछ टीकें हैं जो शिशु के लिए जरुरी हैं. नवजात शिशु और बच्चों के स्वास्थ्य को बनाएं रखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
vaccination शिशु को कई तरह की बीमारियों से बचाने के लिए किया जाता है. टीके में पाए जाने वाले एंटिजेन्स प्रतिरक्षा प्रणाली(immunity system) को एंटीबॉडीज(Antibodies) बनाने में मदद करते हैं. एंटीबॉडीज के कारण हमारा शरीर वायरस के संपर्क में आने के बाद बीमारियों से बच जाता है. जन्म के बाद डॉक्टर शिशु को कई तरह के वैक्सीन देने की सलाह देते हैं जैसे न्यूमोकोकल कोन्जुगेट वैक्सीन(पीसीवी) इनएक्टिव पोलियो वायरस वैक्सीन(आईपीवी). आमतौर पर दिए जाने टीकों के अलावा कुछ ऐसे वैक्सीन है जिनके बारे में माता-पिता को जानकारी नहीं होती लेकिन ये जरुरी होते हैं.

6 माह तक सिर्फ माँ का दूध:
Top 6 Child Care Tips

बच्चे के जन्म से लेकर पहले 6 month बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. इस दौरान बच्चे को ज्यादा देख-रेख की जरुरत होती है. कई बार कुछ महिलाएं जो पहली बार माँ बनती हैं नहीं जानती कि बच्चे को 6 month से पहले पानी नहीं पिलाना चाहिए माँ के दूध में 80 प्रतिशत(80%) पानी होता है जो बच्चे में पानी की हर आवश्यकता को पूरा कर सकता है.

शिशु की त्वचा का कैसे रखें ख्याल:Top 6 Child Care Tips

Top 6 Child Care Tips में अब बात करते हैं शिशु की त्वचा के बारे में. बच्चे जितने नाजुक होते हैं, उनकी त्वचा(skin) भी उतनी ही कोमल होती है. इसलिए sensitive skin बहुत जल्द एलर्जी का शिकार हो जाती है. उनकी मालिश ऐसे तेल से करें, जो उनकी त्वचा के लिए ही बनाया गया हो. आपका डॉक्टर जिस तेल की सलाह दे, उसी तेल से मालिश करें. बच्चों की त्वचा बिल्कुल अलग होती है. बच्चों की त्वचा की सबसे निचली परत को पूरी तरह विकसित होने में 10 साल का समय लगता है. वहीं, उनके तेल स्रावित करने वाली ग्रंथियां(Glands) भी इस उम्र में क्रैडल पूरी तरह से सक्रिय नहीं होती हैं.

नवजात बच्चों में तो क्रैडल कैप होता ही है. इसके अंतर्गत सिर की त्वचा भी सूखी सी नजर आती है, जो रूसी जैसी दिखती है लेकिन होती नहीं है. जब तेल निकालने वाली सेबेसियस ग्लैंड्स बहुत अधिक मात्रा में तेल का स्राव करती हैं तो यह पहले तैलीय पैच बन जाता है और बाद में सूख कर पपड़ी की तरह उड़ने लगता है. इसे ठीक करने का सबसे सुरक्षित तरीका है अपने बच्चे के बालों को हल्के शैम्पू से धोना चाहिए. शैम्पू करने से पहले मुलायम बेबी ब्रश को उसके सिर पर फेरिए ताकि वे फ्लेक्स निकल जाएं. नहाने के तुरंत बाद अपनी उंगलियों से उसके सिर की मालिश करें या चाहें तो मुलायम सूती कपड़े से भी ऐसा कर सकती हैं.

बच्चे की आँख में काजल ना लगाएं:
ऐसा माना जाता है कि काजल लगाने से आँखे बड़ी होती है और सुन्दर दिखती हैं. लेकिन नवजात शिशु कि त्वचा बहुत नाजुक होती है और आँख तो बहुत ही नाजुक होती है. ऐसे में छोटे बच्चों को काजल नहीं लगाना चाहिए

बच्चे के रोने से ना हो परेशान:
Top 6 Child Care Tips

नवजात बच्चे के रोने पर चिंता करने जैसी कोई बात नहीं होती. छोटे बच्चे भूख लगने पर या बिस्तर गीला करने पर रोते हैं. अगर शिशु ज्यादा रोये तब आपको डॉक्टर से परामर्श लेने की आवश्यकता है.
बच्चों को पालना इस दुनिया का सबसे मुश्किल काम है. अगर आपने उनकी देखभाल सही तरीके से नहीं की तो ये उनको और आपको दोनों को परेशानी में डाल सकता है. आप किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेकर ही अपने बच्चे के लिए सभी चीजों का प्रबंध करे. उसकी स्किन से लेकर आँख तक, खाने से लेकर पीने तक थोड़ी सी लापरवाही मुश्किल खड़ी कर सकती है. इसलिए Top 6 Child Care Tips को ध्यान में रखते हुए अपने शिशु की देखभाल करें.

World Alzheimer Day

World Alzheimer Day!!! Alzheimer की वजह से हमारी ज़िंदगी के मामूली रुटीन भी प्रभावित होने लगता है और हम मुश्किलों से घिर जाते हैं.
Internet addiction बर्बाद ना कर दे आपकी ज़िंदगी

World Alzheimer Day
21 सितम्बर को World Alzheimer Day के रूप में मनाया जाता है दुनिया के बड़े-बड़े संगठन और सेलिब्रिटी इस बीमारी के प्रति लोगो को जागरूक बनाने के लिए और पीड़ित लोगों की आर्थिक मदद के लिए चैरिटी शो भी करते हैं.

History of Alzheimer:
World Alzheimer Day

World Alzheimer Day: डॉक्टर ओलिस अल्ज़ाइमर ने इस बीमारी का पता लगाया था उनके नाम पर ही इस बीमारी का नाम एल्ज़िमर रखा गया. लाज़िमेर ने मृत्यु के बाद एक महिला के मस्तिष्क के ऊतकों में परिवर्तन देखा उस महिला की मौत दिमागी बीमारी से हुई थी. उस महिला के दिमाग का अल्ज़ाइमर ने परिक्षण किया और पाया की उसके दिमाग में ऊतकों के कुछ टुकड़े फसे हुए हैं और साथ ही अन्य परेशानियां एमलौइड प्लेक भी था.
अल्ज़ाइमर ने पाया की महिला के मौत का मुख्य कारण प्लेक और ऊतकों का उलझना है और अल्ज़ाइमर ने यह भी पता लगाया कि इस बीमारी का कारण तंत्रिका कोशिकाओं और मस्तिष्क न्यूरॉन्स के बीच संपर्क ना हो पाना है.

अल्ज़ाइमर से जुड़े तथ्य:

  • दुनियाभर  में 35 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित है.
  • यह रोग एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी में चलता है.
  • इस रोग का अभी तक कोई समाधान नहीं है रिसर्च जारी है.

अल्जाइमर, दिमागी बीमारी है. और इससे एक आम इंसान की सोचने समझने कि क्षमता कम हो जाती है और कभी-कभी तो ख़त्म हो जाती है. जिससे आगे आने वाले समय में साधारण जिंदगी जीने में मुश्किल होती है. यह एक लाइलाज बीमारी है. अकेले केवल भारत में ही 50 लाख से भी ज़्यादा लोग मानसिक बीमारी का सामना कर रहे हैं, और इन बीमार लोगों में से  80 प्रतिशत लोगों को अल्जाइमर है. डॉक्टरों का कहना है कि 2030 में यह संख्या दोगुनी हो सकती है.

अगर आप सचेत रहे तो शुरूआती दौर में ही इस बीमारी का पता चल सकता है, किसी व्यक्ति के व्यक्ति के रोज़ के व्यवहार से पता लगा सकते हैं. याददाश्त का कमजोर होना, समय और जगह से भटकाव होना, एक ही सवाल को बार-बार पूछना, आसान गिनती न कर पाना, रिश्तेदारों के नाम भूलना और स्वभाव में बदलाव आना ये सभी अल्जाइमर होने के संकेत हो सकते हैं .

अल्जाइमर बीमारी, दिमाग में एमलौइड नामक प्रोटीन के इक्ट्ठा होने से होती है. अक्सर यह देखा गया है कि यह बीमारी बढ़ती उम्र में होती है. इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है. अगर कोई व्यक्ति इस बीमारी से बचना चाहता है, तो वह अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करता रहे, पूरी नींद ले, दिमागी और प्राकृतिक रूप से सक्रिय रहे, पढ़ते-लिखते रहने से इस बीमारी से बचा जा सकता है.

आज के समय में लोग अल्जाइमर जैसी बीमारी के बारे में जागरूक हो चुके हैं. जो कि एक काफी अच्छी चीज़ है. यहां तक कि लोग इस बीमारी के संकेत को भी बेहतर तरीके से पहचानने लगे हैं. फिर भी और बेहतर तरीके से इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि कई बार परिवार वालों को मरीज से कैसे बर्ताव करना है, इसके बार में जानकारी नहीं होती है.

कैसे करें देखभाल:
अल्ज़ाइमर से पीड़ित व्यक्ति को संभालना अपने आप में एक बहुत चुनौती भरा काम है. लेकिन पीड़ित जब कोई अपना होता है तो लोग हर मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं .

  • पीड़ित व्यक्ति की देखभाल करने वाले व्यक्ति को उसके साथ दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए.
  • शरीरिक सक्रियता बेहद जरुरी होती है इसलिए बीमार व्यक्ति को व्यायाम और अन्य गेम में व्यस्त रखें.
  • इस वक्त रोगियों को उनका दैनिक काम पूरा करने के लिए देखभाल मदद और प्यार कि जरूरत होती है .

Internet addiction बर्बाद ना कर दे आपकी ज़िंदगी

Internet addiction!!!कहते हैं अति किसी भी चीज की बुरी होती है चाहे वो चीज खुद ही अपने आप में कितनी भी अच्छी क्यों ना हो.
रूमी एक निराले सूफी संत और कवि

Internet addiction
Friends क्या आप भी अपने दिन का ज्यादातर वक्त Smartphone और लैपटॉप पर इंटरनेट सर्फ़ करते, व्हाट्स ऐप और फेसबुक पर मैसेज देखते-भेजते बिताते हैं है?
हो सकता है ये शुरूआती लक्षण हों कि आप डिजिटल दुनिया और Internet addiction के लत के शिकंजे में आ रहें हैं इसलिए सावधान हो जाइए.
हम यह आपको कुछ ऐसे Symptoms बताएंगे जिसके जरिये आप अपना आकलन खुद कर लेंगे कि कहीं आप तो Internet addiction के जद में नहीं हैं.

Internet addiction के लक्षण:

Internet addiction
Internet addiction!!!

  • हमेशा मोबाइल अपने साथ रखना
  • देर रात तक स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप के कारण सोने-जगने के समय में बदलाव
  • खाने-पीने का वक़्त और आदतें बदलना
  • परिजनों, दोस्तो के घर आने-जाने, बातचीत से कतराना
  • किसी से बात करते वक्त भी मोबाइल स्क्रीन को देखते रहना
  • मोबाइल न चलने या न मिलने पर झल्लाहट
  • कॉल से ज़्यादा टेक्स्ट मैसेज का इस्तेमाल

कभी-कभी सुविधा के लिए बनी चीजें हमारी दुविधा का सबसे बड़ा कारण बन जाती है कई लोग तो हर समय फ़ोन को खुद से चिपकाये घूमा करते है और सामाजिक मेल से कतराने लगते है ऐसे लोग अनजाने में वर्चुअल दुनिया में जीने के आदी हो जाते हैं. हाल ही में शुरू हुई दिल्ली की एक ग़ैरसरकारी संस्था ‘सेंटर फॉर चिल्ड्रेन इन इंटरनेट एंड टेक्नॉलॉजी डिस्ट्रेस’ संस्था बच्चों की काउंसलिंग करती है. संस्था वर्कशॉप, काउंसलिंग सेशन आयोजित करवाती है जिसमें बच्चे अपनी बात कह सकते हैं. बच्चों को साथ बैठाकर इंडोर गेम्स खिलाए जाते हैं. उन्हें थोड़ा समय इंटरनेट से दूर रखने की कोशिश की जाती है.

जरूरत में इंटरनेट इस्तेमाल सही:
अगर इंटरनेट सीमित तौर पर केवल ज़रूरत के समय इस्तेमाल किया जाए तो इससे नुकसान नहीं है लेकिन आजकल बच्चों को इंटरनेट रिलैक्सिंग प्लेटफार्म नज़र आता है. शायद इसीलिए वो इसके गिरफ्त में समाते चले जाते हैं. आजकल स्कूल या कॉलेज सभी का काम ऑनलाइन हो रहा है ऐसे में खुद को बिलकुल अलग रख पाना संभव नहीं है और सही भी नहीं है . लेकिन किसी भी की लत लगने से पहले खुद को संभल लेना जरुरी है

आपको डॉक्टर की जरूरत है अगर आप इन सवालों का जवाब है हाँ:

  • आपको ऑनलाइन एक्टिविटी नेगेटिव मूड से उबरने का तरीका लगती है
  • क्या आपका मन लगातार ऑनलाइन रहने का करता है
  • क्या ऑनलाइन रहने के कारण आपकी जीवन शैली प्रभावित हो रही है
  • क्या आपकी आँखों, गर्दन और शरीर में दर्द  बना रहता है
  • आपको ऑनलाइन एक्टिविटी रिलैक्सिंग लगती है
    अगर इनमे से ज्यादातर जवाब हाँ में हैं तो सावधान हो जाइये आपके कदम Internet addiction की तरफ बढ़ चलें हैं

    कैसे करे इंटरनेट की लत को दूर:

    लत को छुड़ाना वाकई मुश्किल काम है लेकिन इरादे नेक और जज्बा फौलादी हो तो हर जंग जीती जा सकती है. आप थोड़ी कोशिश करके Internet addiction से बाहर आ सकते है, इस बुरी लत को ऐसे ख़त्म करें .

  •  कुछ लोगों की आदत होती है दिन में 4 – 5 घंटा नेट पर बिताने की अगर आप भी उनमे से एक हैं तो कोशिश करें की social networking sites जैसे की facebook और whatsapp  पर काम समय बर्बाद करें धीरे धीरे इसे कम करे और कोशिश करे की दिन मे सिर्फ आधा घंटा इसका इस्तेमाल करे. शुरुआत मुश्किल हो सकती है लेकिन नामुमकिन कुछ नहीं होता .
  • प्यार और भावनात्मक सम्बन्ध इतने मजबूत होते है कि आपको हर मुश्किल से बाहर निकल लेते हैं  जितना हो सके परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताए. जो लोग अपने आपको भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करते है, वे सबसे ज्यादा समय इंटरनेट विशेषकर social networking sites पर बिताते है.
  • रात को जल्दी सोये और सुबह जल्दी उठने की आदत डाले. ऐसी आदत आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है हो सके तो योग और ध्यान भी करें .
  • अगर आप वक्त के पाबन्द बन जाये तो कोई भी गलत लत आपको अपने शिकंजे में नहीं ले सकती  आप social networking sites use करने का एक timetable बना सकते है की सिर्फ उस टाइम पर ही आप इसका इस्तेमाल करें. उसको तोड़े ना जबतक कोई बहुत जरूरी काम ना हो
  • रिसर्च में सामने आया है कि Internet addiction हमारी कलात्मक शक्ति को नष्ट करता है.

Migraine कारण,लक्षण, बचाव और उपचार

Migraine!!! दोस्तों आज दुनियाभर में लगभग  15-20% लोग Migraine से पीड़ित हैं.

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Migraine
Migraine एक ऐसी बीमारी जिसके मरीज दुनियाभर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हमारे देश में भी माइग्रेन से पीड़ित लोगों की तादाद बढ़ती जा रही है. दोस्तों किसी भी बीमारी के पीछे हमारी दिनचर्या रहन-सहन के तरीके का बहुत बड़ा हाथ होता है. बात अगर माइग्रेन की करें तो सबसे बड़ा कारण जो आप इसके पीछे पाएंगे वह है भागदौड़ भरी जिंदगी. जो तनाव से भरपूर है, तनाव से बचने के लिए कई तरीके आजमाए सकते हैं. पर उससे मुक्त होने के लिए हम कोई उपाय नहीं करते. बस इन्हीं चीजों को नजर अंदाज़ करने से ये सभी चीजें माइग्रेन में बदलने लगती हैं.
दोस्तों ऐसा कुछ डॉक्टर्स का मानना है कि जब हम किसी नयी जगह जाते हैं तो सामान्य स्थिति से एकदम तनाव भरे माहौल में पहुंच जाते हैं, तो सबसे पहले हमारे सिर में दर्द बढ़ता है. कई मौकों पर ब्लडप्रेशर हाई होने लगता है. लगातार ऐसी स्थितियां आपके सामने बनने लगे तो समझिए आप Migraine के शिकार हो रहे हैं.
लेकिन समझने वाली बात यह है कि सिरदर्द तो बहुत आम बात है और इससे हर किसी का वास्ता है जिसके कई कारण हो सकते है.
दोस्तों माइग्रेन को आम बोलचाल कि भाषा में अधकपारी भी कहतें हैं, माइग्रेन में पूरे सिर में नहीं बल्कि कुछ हिस्सों में दर्द होता है कभी सिर का एक भाग ही दर्द करता है कभी दूसरा.

Migraine के लक्षण:Migraine

दोस्तों इसके शिकार व्यक्ति के सिर के आधे हिस्से में दर्द रहता है जबकि आधा दर्द से मुक्त होता है. दोस्तों जिस हिस्से में दर्द होता है पीड़ित व्यक्ति उसे बाँधने से लेकर दबाने तक हर तरह से दूर करने का प्रयास करता है. माइग्रेन मूल रूप से तो न्यूरोलॉजिकल समस्या है. इसमें रह-रहकर सिर में एक तरफ बहुत ही चुभन भरा दर्द होता है. दोस्तों माइग्रेन का दर्द कुछ घंटों से लेकर तीन दिन तक बना रहता है इसमें सिरदर्द के साथ-साथ गैस्टिक, जी मिचलाने, उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
माइग्रेन की समस्या ज्यादा बढ़ जाने पर पीड़ित को फोटोफोबिया यानी रोशनी से परेशानी और फोनोफोबिया यानी शोर से मुश्किल पेश आने लगती है. दोस्तों माइग्रेन अपने लक्षण पीड़ित को जकड़ने से पहले दे देता है. नींद न लेना, भूखे पेट रहना और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना जैसे इन छोटे-छोटे कारणों से भी आपको माइग्रेन की शिकायत हो सकती है.

Migraine के कारण:Migraine
दोस्तों असल में माइग्रेन का कोई एक कारण नहीं है बस कुछ स्तिथिया हैं जिनके कारण लोग इस बीमारी के चपेट में आ सकते हैं .ज्यादातर लोगों को भावनात्मक वजहों से माइग्रेन की दिक्कत होती है. इसीलिए जिन लोगों को हाई या लो ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और तनाव जैसी समस्याएं होती हैं उनके माइग्रेन से ग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है.
एलर्जी के कारण भी माइग्रेन हो सकता है और अलग-अलग लोगों में एलर्जी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं. दोस्तों कुछ लोगों के लिए खाने-पीने की चीजें भी एलर्जी का कारण बन जाती हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों को दूध और उससे बनी चीजें खाने से एलर्जी होती है तो कुछ के लिए साग-सब्जी एलर्जी का कारण हो सकती है. किसी को धूल से एलर्जी होती है तो किसी को धुएं से. इसलिए दोस्तों अगर आपको पता हो कि आपको किन चीजों से एलर्जी है तो उनसे बच कर रहें.

Migraine से बचाव:
दोस्तों हम आपको बतातें कि आखिर आपको माइग्रेन से कैसे बचना है. दोस्तों ये बहुत ही आम बीमारी है और किसी को भी हो सकती है लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है. लेकिन दोस्तों आपको घबराने कि जरूरत नहीं है थोड़ी सी सावधानी रखकर आप इस बीमारी को खुद से दूर रख सकते हैं.ऐसा नहीं कि माइग्रेन लाइलाज बीमारी है. अगर आप माइग्रेन से परेशान हैं और आपको कुछ सूझ नहीं रहा है तो ध्यान रखें. थोड़ी सी सावधानी आपको माइग्रेन से मुक्ति दिला सकती है. दोस्तों इसके लिए बस आपको अपनी लाइफ स्टाइल में थोड़े बदलाव करने होंगे और खानपान को सही रखना होगा.

क्या न खाएं:Migraine
दोस्तों वैसे भी डिब्बाबंद चीजों से हर इंसान को दूर ही रहना चाहिए लेकिन अगर आपको माइग्रेन है तो आप डिब्बाबंद पदार्थों और जंक फूड का सेवन एकदम न करें. ऐसा करने से दोस्तों माइग्रेन और खतरनाक होता जाता है. जंक फूड में मैदे की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए इसे कम से कम खाएं. इतना ही नहीं इनमें कई ऐसे रासायनिक तत्व पाए जाते हैं जो माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं. हमारे पास कई अन्य विकल्प है जिसकी वजह से हम खुद को स्वस्थ रख सकते हैं.

Migraine में क्या खाएं:Migraine
दोस्तों अगर आपको माइग्रेन है तो नाश्ते में ताजा और सूखे फलों का खूब सेवन करें. लंच में उन चीजों का इस्तेमाल करें जिनमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में हो. मसलन दूध, दही, पनीर, दालें, मांस और मछली आदि, दोस्तों ज्यादा मिर्च-मसाले वाली चीजों से परहेज करें.

Migraine से छुटकारा:

Migraine
दोस्तों हमारे पास हर बीमारी की दवा है, माइग्रेन की अचूक दवा है योग और ध्यान. दोस्तों अगर आप योग नहीं कर सकते हैं तो ध्यान करें. इससे आपका तनाव कम होगा. और तनाव कम होने से आपका डिप्रेशन दूर होगा. लेकिन ध्यान रहे आप जिस जगह पर योग कर रहे हैं वो प्रकाश से चकाचौंध वाली, तेज धूप, तेज गंध वाली नहीं होना चाहिए. दोस्तों अगर आप साथ  माइग्रेन के शिकार हैं तो आपको अच्छी नींद लेना चाहिए.

Migraine

दोस्तों बात बात पर अपने मन से कोई भी दर्दनिवारक गोली न लें. बल्कि किसी अच्छे न्यूरोलाजिस्ट को इस बारे में बताएँ और उनके बताए निर्देशों के अनुसार ही चलें.

पैरों में सूजन कहीं इस कारण तो नहीं

दोस्तों पैर में सूजन की समस्या को अनदेखा ना करें. यह कई तरह की बड़ी मुश्किलें पैदा कर सकती है. हम आपको बतातें हैं क्या है यह समस्या और इससे कैसे बचे.

हल्के में ना लें पुरानी खांसी को

पैर में सूजन
अचानक पैर में सूजन, तथा चलने-फिरने पर पैर में खिंचाव जैसे लक्षण डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डी.वी.टी.) यानी टांगों की नसों में खून के कतरों का जमाव गंभीर स्थिति की निशानी हो सकती है.
ज्यादातर देखा गया है की अक्सर लोग अज्ञानता के कारण इसे नस में खिंचाव, चोट, थकान, सामान्य संक्रमण या फाइलेरिया मान बैठते हैं और उस इलाज में लग जातें हैं.

पैर में सूजन
महिलाएं पैर में सूजन यानी डीप वेन थ्रोम्बोसिस की शिकार ज्यादा होती हैं. मौजूदा समय में व्यायाम नहीं करने की प्रवृत्ति और महिलाओं में गर्भनिरोधक दवाओं एवं हारमोन के के कारण डीप वेन थ्रोम्बोसिस का प्रकोप बढ़ रहा है. इसके अलावा फैशन के प्रभाव में ऊंची एड़ी यानी हाई हील वाली सैंडिलों के प्रचलन से भी यह बीमारी होने का खतरा बढ़ता है.

क्या हैं कारण:
दोस्तों पैरों की कसरत नहीं करने, किसी ऑप्रेशन के कारण लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहने और डॉक्टर की सलाह के बगैर अधिक दिनों तक हारमोन अथवा गर्भ निरोधक दवाओं के सेवन करने पर डीप वेन थ्रोम्बोसिस का खतरा बढ़ जाता है. खून के जरूरत से ज्यादा गाढ़ा हो जाने पर भी यह रोग हो सकता है. गर्भवती महिलाओं में प्रसव के तुरंत बाद यह रोग हो सकता है.

इलाज:
दोस्तों हाथ-पैर में किसी भी तरह की दिक्कत होने अथवा हल्का सा भी डी.वी.टी. का संदेह होने पर सामान्य डॉक्टर को दिखाने की बजाय तुरंत किसी वैस्कुलर या कार्डियोवैस्कुलर सजर्न को दिखाना चाहिए,इससे शुरुआती अवस्था में ही बीमारी पर काबू पाने में मदद मिल जाती है. ऐसे मरीजों का इलाज अत्याधुनिक हॉस्पिटल में ही कराना चाहिए.

बचाव के उपाय:
दोस्तों इस बीमारी की रोकथाम के लिए नियमित व्यायाम करना चाहिए.  तीन से चार किलोमीटर तक सैर करने तथा पैरों की कसरत करने से पैरों की शिराओं में गंदे रक्त को रुकने का मौका नहीं मिलता और पम्प अच्छी तरह काम करता है. लंबे समय तक बेड रेस्ट में रहने वाले और गर्भ निरोधक गोलियों एवं हारमोन का सेवन करने वाली महिलाओं को विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए.

हल्के में ना लें पुरानी खांसी को

दोस्तों बीमारियां बिन बताएं आती हैं और हमे अक्सर मुश्किलों में डाल देतीं हैं कुछ बीमारियां बहुत ही आम और साधारण होती हैं उनमें से ही एक है खांसी. लेकिन अगर खांसी ज्यादा दिनों तक टिक जाये और लगातार आती रहे तो ये आपके लिए खतरे की घंटी हो सकती है.

FIFA World Cup 2018

खांसी
दोस्तों अगर आपको खांसते या कफ निकलते वक्त दर्द का अनुभव हो, तो इसे नजरअंदाज न करें क्योंकि यह कैंसर जैसी घातक बीमारी का संकेत भी हो सकता है. जुकाम, खांसी के दौरान कफ निकलना आम बात है, लेकिन कभी-कभी कफ निकलते वक्त दर्द भी होता है, जो फूडपाइप या ऑएसोफाजेल कैंसर का पहला चरण हो सकता है. अगर इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेषज्ञों से संपर्क किया जाए, तो कैंसर जैसी घातक बीमारी से निजात पाई जा सकती है.

खांसी
World में क्रॉनिक ओबस्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज (COPD) से मरने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इस बीमारी से बचाव के लिए लंबे समय तक खांसी को हल्के में न लें, जांच जरूर कराएं .

दोस्तों आपको बता दें की यह रोग दुनिया में मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण है. हर साल इस बीमारी से तीस लाख से अधिक मौतें होती हैं. भारत में लगभग तीन करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं.  जिस व्यक्ति को सीओपीडी होता है, उनमें से 25 से 50 फीसद तक को पता ही नहीं चल पाता है. 40 साल की उम्र में यह रोग अधिक फैलता है. अधिक दिनों तक खासी रहना, अक्सर बलगम आना व दम घुटना इसके प्रमुख लक्षण हैं. इस बीमारी का पता लगाने के लिए बीमारी का पता लगाने के स्पिरोमेट्री जांच होती है.

लंबे समय तक रहने वाली खांसी दमा, टीबी, स्वाइन फ्लू, ब्रोंकाइटिस, हृदय रोग, न्यूमोनिया, फेफड़ों के संक्रमण का भी संकेत हो सकती है. दोस्तों आपको बता दें कि फेफड़ों के कैंसर में भी खांसी लंबे समय तक बनी रहती है.लंबी खांसी के मामले में डॉक्टर से मिलना जरूरी है. खासकर बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो, वह जल्दी-जल्दी सांस खींच रहा हो तो यह न्यूमोनिया का संकेत हो सकता है. दुनिया भर में इस संक्रमण के कारण हर साल लगभग एक लाख बच्चे मौत के शिकार हो जाते हैं.

ऐसे बनाएं हड्डियों को मजबूत

दोस्तों हड्डियों की मजबूती बहुत जरुरी है, अगर हड्डियां मजबूत ना हो तो ज़िंदगी बहुत मुश्किल हो जाती है. और इतना ही नहीं दोस्तों हम अपने daily routine के काम को भी सही ढंग से नहीं कर पाते हैं. दोस्तों उम्र कोई भी हो, मजबूत हडि्डयां, स्वस्थ शरीर की जरूरत होती हैं. हमारी Bones Calcium के अलावा कई तरह के mineral से मिलकर बनी होती हैं. Bones के कमजोर होने के पीछे कई कारण होते हैं अनियमित Lifestyle की वजह से या फिर बढ़ती उम्र के कारण ये Mineral खत्म होने लगते हैं. Bones घिसने और कमजोर होने लगती हैं. कई बार तो मुश्किलें इतनी बढ़ जाती हैं और हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं.

Fruit Facial Mask चमक उठेगी त्वचा
धीरे-धीरे मरीज काम करने में असमर्थ होता जाता है. मामूली चोट लगने से भी Fracture होने की संभावना बढ़ जाती है. Hormonal Balance बिगड़ने, असंतुलित भोजन और बढ़ती उम्र के कारण भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. लेकिन सही देखभाल की जाए तो हड्डियों की मजबूती दी जा सकती है.

हड्डियों की मजबूती के लिए अपनाएं ये नुस्खे:

Olive Oil (जैतून का तेल):

हड्डियों की मजबूती
जैतून का तेल आपकी हड्डियों के लिए सुरक्षा चक्र का काम कर सकता है. एक नए Research में पता चला है कि दो साल तक ऐसा खाना खाने से, जिसमें फल, सब्जियां और जैतून का तेल भरपूर मात्रा में होता है जिससे Bones मजबूत हो जाती हैं.

धूप (Sun Rays):हड्डियों की मजबूती
हड्डिया मजबूत करने के लिए सुबह जल्दी उठे और सूरज की हल्की धूप लें दोस्तों अपने जरूर होगा की vitamin D से Bones मजबूत होती है.

दूध(Milk):
हड्डियों की मजबूती

दूध को हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरुरी माना जाता है, इसलिए नियमित रुप से दिन मे 2 बार दूध पीने से आपको कैल्शियम के साथ प्रोटीन भी मिलता है. दूध में पोटैशियम, फ़ास्फ़ोरस, विटामिन A, D,B और राइबोफ़्लेविन काफ़ी मात्रा में होता है.

बादाम (Almonds): हड्डियों की मजबूती
बादाम में vitamin E की मात्रा पाई जाती है. इसके साथ बादाम में मौजूद फ़ॉस्फ़ोरस हड्डियों और दांतो को मजबूत बनाता है.

हरी पत्तेदार सब्जियां(Leafy vegetables):
हड्डियों की मजबूती
हरी पत्तेदार सब्जियां आपके लिए बहुत जरुरी है. ये आपकी हड्डियों को भी मजबूत करती है. और आपको स्वस्थ रखती है. इसलिए आप अपने खाने मे हरी पत्तेदार सब्जियां और साग-सरसों के अलावा ब्रोक्ली, डेयरी product भी शामिल करें क्योंकि ये विटामिन डी का अच्छा विकल्प है.

टमाटर(Tomatoes): हड्डियों की मजबूतीहड्डियों की मजबूती के लिए टमाटर एक अच्छा Source है. टमाटर में vitamin A, C,अल्फ़ा और बीटा कैरोटिन जैनथेनियम का अच्छा Source होता है. जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते है. और इसमे vitamin B, कई mineral जैसे Iron, calcium, magnesium भरपूर मात्रा में होता है.

व्यायाम और योग(Exercise & Yoga): हड्डियों की मजबूती
Bones को मजबूत करने के लिए Bones वाले योग भी कर सकते है. व्यायाम Bones के साथ-साथ आपको भी स्वास्थ्य करेगा.

दोस्तों हड्डियों की मजबूती अगर इन आसान तरीकों से आ सकती है, तो हमें आज से बल्कि अभी से यह प्रण लेना चाहिए की हम अपने खानपान को सही रखेंगे और खुद को ऐसे किसी भी दर्द से दूर रखेंगे.