गुलाब जल से लाये अपने चेहरे पर खूबसूरत निखार

गुलाब जल, आप इसे गुलाब का पानी भी कह सकते है क्योंकि ये पानी में गुलाब की पंखुड़ी भिगोकर तैयार किया जाता है। इसे गुलाब जल के रूप में भी जाना जाता है। यह प्राचीन समय से एक लोकप्रिय सौंदर्य साधन रहा है। लेकिन ये आपकी खूबसूरती में तभी चार चाँद लगायेगा जब आप अच्छे से गुलाब जल का अपने चहरे पर प्रयोक करे।

ये है गुलाब जल के इस्तेमाल के आसान 5 तरीके जिससे आप अपनी त्वचा को खूबसूरत बना सकती है। आइये डालते गुलाब जलसे होने वाले लाभ पर ।

थकी-थकी सी आंखें अब नहीं:

 गुलाब जल से चेहरे पर लाए निखार
Gulabjal is good for eyes

यदि आपकी आँखें थक गई हैं तो रुई को गुलाब जल में डुबो लें और चेहरे पर अप्लाई करे। यह उम्र बढ़ने के साथ आपकी त्वचा को फिर से चमकदार बनाने में मदद करेगा और झुर्रियां को कम करेगा।

चेहरे का टोनर(Facial Toner):

रुई को गुलाब जल में में भिगो दें और इसे अच्छी तरह से त्वचा पर लागु करे। यह आपके चेहरे से तेल निकालता है और बढ़ते बैक्टीरिया को रोक देता है।

मुँहासे से छुटकारा:

make your Skin Beautiful
make your Skin Beautiful with the help of Gulab Jal

मुँहासे से छुटकारा के लिए आपको सिर्फ इतना करना है कि 1 चम्मच नींबू का रस 2 चम्मच गुलाब जल को मिलकर एक घोल तैयार कर ले। फिर इस घोल(Mixture) को अपनी फेस पर लगाए और आधे घंटे के बाद फेस को अच्छी तरह से धो ले । यह उपाय चेहरे की त्वचा को साफ़ करने के साथ अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद करता है।

गुलाब जल चेहरे की त्वचा को चिकनी बनाता है:

दिन के दौरान हमारे चेहरे पर जमी सभी तरह की गंदगी को साफ़ करने के लिए रात में गुलाब जल की कुछ बूंदों को फेस पर लगाए । यह आपकी चेहरे की त्वचा चिकनी और चमकदार बनाता है।

गुलाब जल में है एंटी बैक्टीरिया के गुण:

गुलाब जल चहरे की Died स्किन में दोबारा जान डालने में मदद करता है
For Beautiful Skin

गुलाब जल चहरे की Died Skin में दोबारा जान डालने में मदद करता है और त्वचा की कोशिकाओं को भी पोषण देता है। कुछ देर भाप लेने के बाद गुलाब जल का प्रयोग करें और यह चेहरे की त्वचा से दाग -धब्बों को कम करने में मदद करता है।

काले होंठ को कहे बाय-बाय:

अगर आप अपने होठों पर गुलाब के पानी की कुछ बूंदों को लगाए। इसे 15 मिनट तक रखें और इसे के बाद धो लें। यह आपके होठों के कालेपन को दूर करेगा

सुन्दर और घने बालो की देखभाल के लिए आज़माये ये आसान घरेलू तरीके

सुन्दर और घने बालो की देखभाल आज के ज़माने में बहुत ही मुश्किल काम है| मज़बूत, घने और सुन्दर बालो का होना हर किसी का सपना होता है| पर आज की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में स्ट्रेस, प्रदूषण और तमाम प्रोब्लेम्स के चलते घने और मज़बूत बाल होना एक सपना ही बन गया है| अगर आप भी अपनी पतले और दो मुँह बालो के होने से परेशान है तो हमारा आज का ये आर्टिकल आपके ही लिए है|

आज हम आपके लिए लेकर आए है बालो में कैसे लाए जान? कैसे पाए पतले और दो मुँह बालो से छुटकारा? तो देर किस बात की चलिए जानते है फिर सुन्दर और घने बालो की देखभाल कैसे करे|

सुन्दर और घने बालो की देखभाल के लिए उपाय:

 सुन्दर और घने बालो की देखभाल करे
how to care your beautiful hair
  • एक अंडा, दो बड़े चम्मच (castor oil) अरंडी का तेल, 1 चम्मच सिरका और 1 चम्मच ग्लिसरीन को मिलाकर घोल तैयार कर ले। इसे घोल को धीरे धीरे बालों की जड़ो में लगायें। इसके बाद अपने सिर को एक घंटे तक किसी कपड़े से ढक कर रखें। अंत में ठंडे पानी से बालो को अच्छी तरह धो लें | इससे आपके रूखे बेजान बाल एकदम Silky and shiny hair हो जायेंगे | So let’s try
  • कॉफी का इस्तेमाल भी बालो को काला करने के लिए कर सकते है। आप तीन चम्मच आर्गेनिक कॉफ़ी (कॉफ़ी बीन को पीसकर) को पानी में उबाल लें | ठंडा होने पर इस घोल से बालों को धो ले। इस से आपके बाल काले और चमकदार हो जायेंगे | हो गए न हैरान
  • सिर की त्वचा को बेहतर करने के लिए आप एक कप रेड वाइन में एक अंडा और एक चम्मच चाय का बेकिंग पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला ले। सिर पर इससे मालिश करें। एक घंटे तक लगाने के बाद शैम्पू से बालो को धो ले।
  • गुलाब के फूलों से भी आप अपने बालो को सुन्दर और मज़बूत बना सकते है। आपको करना ये है की आधा कप ताज़ा गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छी पीसकर पेस्ट बना लें और उसमे दो अंडे, चार चमम्च बादाम का तेल मिलाए इसके बाद एक घंटे तक अपने बालों पर लगा कर रखें फिर बालों में धो ले|

ये सब आसान से उपाय करने से ना सिर्फ आपके बाल सुन्दर होंगे बल्कि लम्बे, चमकदार सुन्दर और घने बाल भी हो जाएंगे| तो देर किस बात की आज ही ये Easy टिप्स को इस्तेमाल में लाए| आज की इन उपायों से करे अपने सुन्दर और घने बालो की देखभाल|

सर्दियों में इन आसान उपायों से अपनी स्किन को बनाए चमकदार और कोमल

अक्टूबर आते ही मौसम में बदलाव आने लगता है। गर्म मौसम अब धीरे-धीरे ठंडी हवाओ में बदलने लगता है। जब ये मौसम आता है तो हम सबको बहुत अच्छा लगता है और लगे भी क्यों ना, ये हमें बेरहम गर्मी से राहत जो दिलाता है। Winters के साथ ही हमारी त्वचा में भी बदलाव आने लगता है।

ठंडी हवा से हमारी त्वचा में रूखापन होने लगता है और त्वचा में माॅइश्चराइज की कमी आ जाती है। हाथों पैरों होठो की त्वचा फटना Winters की एक आम समस्या हैं। पर आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है हम आपके लिए सर्दियों में अपनी खूबसूरती को बरक़रार रखने के आसान Tips के लेकर आये है।

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सर्दी में स्किन के लिए आज़माए ये तरीके –

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Skin Care in Winters
  • सर्दियों में आपके चेहरे की त्‍वचा सबसे ज्‍यादा खुली रहती है तो ऐसे में हमेशा क्रीम या मॉइस्‍चराइजर का इस्तेमाल करे। अगर आपकी स्किन ऑयली है तो ऐसे में आप माइल्‍ड फेस वॉश का प्रयोग कर सकती है।
  • अपनी त्‍वचा को स्‍क्रब करती रहें और इसके बाद त्वचा पर सनस्‍क्रीन लगाना ना भूले।
  • नहाते समय आप माइल्ड साबुन का उपयोग करें। कठोर साबुन आपकी त्वचा को शुष्क होने बनाता है।
  • सर्दी के मौसम में ठंडे पानी से नहाना त्वचा और आपकी सेहत दोनों के लिए ही अच्छा होता है। इससे न सिर्फ आपके शरीर में गर्मी आती है बल्कि सर्दी-जुकाम से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।
Tips for skin care in winters
How to care your skin in winters
  • अगर ठन्डे पानी से नहाना आपके लिए संभव नहीं है तो आप गुनगुना पानी भी लें सकते है, ज्यादा गर्म पानी हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।
  • नहाने के बाद त्वचा पर कोल्ड क्रीम व मॉइश्चराइजर का उपयोग करें। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और त्वचा को ठंड एवं शुष्क हवा के प्रकोप से भी बचाए रखा जा सकता है।
  • अपनी स्किन पर केले और पपीते का फेस पैक लगाए, इससे ना सिर्फ आपकी स्किन टाइट रहेगी और आपका चेहरा भी चमकेगा।
easy beauty tips for Skin Care in Winters
Make your skin beautiful
  • सर्दी में धूप सेंकतें हुए सीधे धूप में न बैठे क्योंकि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा से जुडी समस्याएं को और बढ़ा देती है, इसलिए अच्छा होगा कि धूप में बैठने से पहले त्वचा पर सन ब्लॉक क्रीम का इस्तेमाल करें।
  • अगर आपकी त्वचा ज्यादा रूखी है तो रात को सोने से पहले चेहरे पर बादाम या जैतून के तेल की मालिश कर सोने जाए।
  • सर्दियों आते ही हमारी प्यार पूरी तरह से खत्म जाती है तो पूरी तरह गलत है, इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पिए ऐसा करने से आपके होंठो में नमी बनी रहती है । साथ ही आप लिप बाम और पैट्रोलियम जेली का भी इस्तेमाल करें।

इस तरह के आसान और घरेलू उपायों के प्रयोग से आप भी अपनी सर्दियों को Happy Winters बना सकती है।

स्मॉग वाली दिल्ली में कैसे रखे अपने परिवार को तंदुरस्त जाने

स्मॉग एक ऐसा शब्द बन गया है जिसने हम सब परेशान है। राजधानी दिल्ली वैसे तो पूरे साल ही प्रदुषण के लिए ख़बरों में बनी रहती है। पर बीते कुछ दिनों से दिल्ली की हवा इतनी जहरीली हो गयी है की लोगो को साँस लेने में भी परेशानी हो रही है। स्मॉग जिससे देख अक्सर हम कोहरा समझ लेते है वो प्रदूषण का ही एक रूप है। इस स्मॉग की वजह से बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान नज़र आ रहे है।

अगर आप भी इससे परेशान है तो आज हम आपको स्मॉग से बचने और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के तरीके बताएंगे।

स्मॉग क्या है-

People are affected by Delhi Smog
Delhi Smog

स्मॉग एक तरह का वायु प्रदूषण ही होता है। स्मॉग, स्मोक और फॉग से मिलकर बना है जिसका मतलब है स्मोकी फॉग, यानी कि धुआं युक्त कोहरा। इस वायु प्रदूषण में हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड्स, सल्फर ऑक्साइड्स, ओजोन, स्मोक और पार्टिकुलेट्स मिले होते हैं। इस तरह के वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण हमारे द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों और कोयले, पराली आदि के जलने से निकलने वाला धुआं होता है।

स्मॉग का कारण –

  • दिल्ली-एनसीआर के पडोसी राज्ये पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा हैं। जहां बहुत ज्यादा मात्रा में खेती की जाती है। यहां के लोग फसल कटने के बाद उसके अवशेष जिससे पराली कहते है उसको जला देते हैं जिससे स्मॉग की समस्या पैदा होती है।
  • इस बार सुप्रीम कोर्ट से पटाखों पर बैन के बावजूद राजधानी के बहुत से इलाकों में काफी पटाखे फोड़े गए है।
  • राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाली कारें, ट्रक्स, बस भी साफ़ पर्यावरण का एक बड़ा दुश्मन है।
  • औद्योगिक प्रदूषण भी स्मॉग का मुख्य जिम्मेदार कारक है।
  • सर्दी के मौसम में हवाएं थोड़ी सुस्त होती हैं। ऐसे में डस्ट पार्टिकल्स और प्रदूषण वातावरण में स्थिर हो जाता है जिससे स्मॉग जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

स्मॉग के बुरे प्रभाव –

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  1. खांसी, गले और सीने में जलन – जब आप स्मॉग भरी हवा में साँस लेते हैं तो हवाओं में हाई लेवल का ओजोन मौजूद होने की वजह से आपके श्वसन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इससे सीने में जलन होने लगती है तथा खांसी की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। ओजोन आपके फेफड़ों को तब भी नुकसान पहुंचाती है।
  2. अस्थमा– अस्थमा के मरीज़ो के लिए स्मॉग ज्यादा घातक हो सकता है। स्मॉग में मौजूद ओजोन की वजह से अस्थमा का अटैक आ सकता है।
  3. सांस लेने में तकलीफ और फेफड़े खराब होना – स्मॉग की वजह से सांस लेने में तकलीफ होती ही है साथ ही साथ इसकी वजह से अस्थमा, एम्फीसिमा, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और अन्य साँस संबंधी समस्याएं अपनी गिरफ्त में ले लेती हैं। इसकी वजह से फेफड़ों में संक्रमण भी हो सकता है।

क्या है बचने का तरीका –

  1. सबसे पहले आपको अपने इलाके का ओजोन स्तर पता होना चाहिए।
  2. ऐसे समय में घर से ज्यादा देर तक के लिए बाहर रहने से बचें।
  3. बाहर जाने का प्रोग्राम हो तो मुँह पर मास्क का इस्तेमाल करे।
  4.  स्मॉग के दिनों में कम से कम एक्टिव रहने की कोशिश करें। ऐसे मौसम में आप जितना एक्टिव रहेंगे       आपको श्वसन संबंधी रोग होने का 5. खतरा उतना बढ़ जाएगा।
  5.  वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करें। ऊर्जा संरक्षण, कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे अभियानों में सहयोग दें।
  6. घर की भीतरी हवा की गुणवत्ता को नियन्त्रित रखें- दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। एयर            प्यूरीफायर भी लगा सकते हैं।
  7. पूरी बाजू के कपड़े पहनें और अपने चेहरे को अच्छी गुणवत्ता के मास्क से ढकें। (नियमित समय अंतराल पर मास्क बदलें)
  8. घर के बाहर किए जाने वाले व्यायाम से बचें, इसके बजाए घर के अंदर योगा जैसे व्यायाम करें। अपने घर के आस-पास प्रदूषण कम करने के लिए पेड़ लगाएं।
  9. इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए अदरक और तुलसी की चाय पीएं।
  10. अपने आहार में विटामिन सी, ओमेगा 3 और मैग्निशियम, हल्दी, गुड़, अखरोट आदि का सेवन करें।

फिर टेंशन किस बात की, इन आसान तरीको को अपना कर आप अपनी ज़िन्दगी को स्मॉग से सुरक्षित रख सकते है

Top tips for height growth

लम्बाई बढ़ाने के आसान उपाय!!!

आजकल हर कोई एक दूसरे से बेहतर करना चाहता है, अच्छा दिखना चाहता है. Tall, Dark और Handsome एक ऐसा सपना है जिसे हर लड़का देखता है, और पाने की कोशिश करता है.लम्बाई बढ़ाने के आसान उपाय

 

How to get long and healthy hair

ऐसा माना जाता है कि लम्बाई genetics पर निर्भर करती है लेकिन यह जरुरी नहीं है कि height सिर्फ अनुवांशिक कारणों पर ही निर्भर करे. मानव शरीर में Height (HGH) Human Growth hormone निर्धारित करती है. HGH को Pituitary gland उत्पादित करती है. यह Bones की लम्बाई और कार्टिलेज के लिए बहुत जरूरी है. कुछ दूसरे कारण भी लम्बाई पर प्रभाव डालते हैं बच्चे का सही पोषण आदि. ऐसा माना जाता है कि 18 साल के बाद Height का बढ़ना मुश्किल होता है लेकिन 18 साल के बाद कुछ Inch तक Height को बढ़ाया जा सकता. अच्छी Height के कई फायदे हैं यह आपके Personality में चार चाँद लगा देती है.
Police हो, Army हो हर जगह Tall Height वालो को हमेशा प्राथमिकता मिलती है. कोई व्यक्ति modelling और Acting में जाना चाहे तो वहां भी Height बहुत आवश्यक पहलू बन जाता है. अच्छी Height से  personality बहुत attractive लगती है. जब तक आपके body मे growth plates बंद नही होती तब तक आपकी height बढने की पूरी संभावना होती है.  Protein और Nutrition न मिलने के कारण हमारे body के विकास पर प्रभाव पड़ता है अगर हम सच में Height बढ़ाना चाहते हैं तो हमें अपने डाइट पर ध्यान देना होगा.

हाइट बढ़ाने के टिप्स(Tips for long height): 


खूब पानी पियें (Drink water):
लम्बाई बढ़ाने के आसान उपाय में पहला नंबर है पानी का , दोस्तों ये सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा कि Height से पानी का क्या लेना देना. लेकिन अगर आप सही से पानी पीते हैं, तो आपके शरीर से सभी विषैले तत्व बाहर निकल जाएंगे, और शरीर में रक्त संचार सही से होगा. ऐसा करने पर शरीर का विकास होता है. दिन में 5 से 6 लीटर पानी जरूर पीएं.

पूरी नींद ले(Good Sleep):
नींद कई मर्जों की दवा है एक आम इंसान को तकरीबन 6 से 8 घंटे कि नींद लेनी चाहिए ऐसा करने से शरीर कि मांसपेशियां सही ढंग से काम करना शुरू कर देती हैं. सोते वक्त अपने Body Posture का ध्यान रखें हमेशा सीधे सोये.

नशे से दूर रहे(Keep away from addiction):
कुछ लोग teen age  में ही कई नशे कि चीजों का सेवाएं शुरू कर देते हैं जबकि ऐसा करने से Growth रुक जाती है इसलिए कोशिश करें कि शराब और अन्य तत्वों को हाँथ ना लगाएं Never Use alcohol And Drugs.

तनाव पर नियंत्रण (Control over stress):
Stress कई बीमारियों की जड़ है और तनाव से हमारे विकास में भी बहुत Negative Effect पड़ता है.जब हम stress में होते है तो हमारे body के organs अपना काम करना Slow कर देते है. हमारा दिमाग तनाव में उलझा हुआ होता है और अंगो को कोई आदेश नहीं दे पाता. इससे Height का बढ़ना रूक जाता है.इसलिए tension और stress को अपनी ज़िंदगी से अलविदा कर दें.

सूरज की रोशनी(Sun light):
सूरज की रोशनी Vitamin D का एक अच्छा Source है. vitamin D height बढाने में  सहयोग करता है क्योंकि सूरज की रोशनी से हमारी bones strong  होती है. सुबह और शाम के वक्त सूर्य का प्रकाश लेना फायदेमंद होता है क्योंकि इस समय Ultraviolet Radiation बहुत कम रहता है.

वजन कम करे(weight loss):
आपका Weight ज्यादा है तो अपना weight कम करने की कोशिश करे. इससे  Height तेजी से बढ़ेगी.खुद को fit रखे अगर आपका body fit होगा तो आपके Body की cells अच्छी तरह से अपना कार्य करेंगे. जिससे Height बढ़ने में मदद मिलेगी.

Exercises करे (Do exercise):
Exercises हमारे body को  अच्छा shape देती है और साथ में हमें fit बनाये रखती है. Exercise करके आप लम्बाई बढ़ा सकते है.वैसे तो growth plates बंद होने के बाद height नहीं बढती है लेकिन swimming, biking, yoga  करने आपकी growth plates बंद नहीं होंगी तथा आपकी Height बढती रहेगी. इसलिए Exercise बहुत जरुरी हो जाता है.

stretching वाली exercises करे:
ऐसी exercise करें जिससे आपके बॉडी की stretching हो इससे आपके शरीर के सेल्स पर प्रभाव पड़ेगा और आपकी लम्बाई बढ़ेगी .

  • Basic leg stretches
  • Super stretch and touching toes
  • Cobra stretching
  • Hanging exercise

How to get rid of acidity

आजकल गैस यानी एसिडिटी की समस्या बहुत ही आम हो गयी है इसका सबसे बड़ा कारण है पेट में पाचन रस की ज्यादा या कम मात्रा का निकलना. ऐसा होने पर acidity होती है और पेट में दर्द, गैस, मुंह से बदबू  और जी मिचलाने  जैसी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं .

पसीने की बदबू दूर करने के उपाय

acidity

लगातार एसिडिटी की शिकायत रहती है उनको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए यह एक गंभीर समस्या भी हो सकती है . इसकी परेशानी ज्यादा मसालेदार खाना खाने, अनियमित खाने  की आदतें या बहुत ज्यादा stress लेने से भी हो सकता है. कैफीने की ज्यादा मात्रा लेने से भी एसिडिटी की समस्या हो जाती है.

एसिडिटी के कारण और लक्षण (Cause and Symptoms):
Acidity को चिकित्सकीय भाषा में (GERD) Gastroesophageal Reflux Disease भी कहते हैं. अगर पेट की अम्लीयता जैसे रोग पर ध्यान न दिया जाए तो यह पेट के अलसर का रूप ले लेती है इसलिए इसे नज़रअंदाज़ न करें.

एसिडिटी के कारण(cause of acidity):
बदलती हुई lifestyle acidity होने में बहुत मुख्य भूमिका निभाती है जैसे देर रात तक जागना, असमय भोजन करना, तीखा मसालेदार व गरिष्ठ भोजन करना आदि के कारण भी समस्या हो सकती है.

एसिडिटी के लक्षण(Symptoms of acidity):
acidity का लक्षण बहुत सारे हैं जैसे सीने या छाती में जलन होना, साँस लेने में दिक्कत होना, खट्टी डकारे आना, घबराहट और उलटी जैसा महसूस होना, पेट में जलन और दर्द होना, गले में लगातार जलन महसूस होना, पेट फूलना आदि.

तुलसी के पत्ते (Basil Leaves):
तुलसी का पत्ता तुरंत acidity, गैस और उल्टी से राहत देता है. उपचार के लिए कुछ तुलसी के पत्तों को चबा कर खाएं. इसके अलावा आप तुलसी के कुछ पत्तों को पानी में उबालकर, उस पानी को छानकर गुनगुना रहने पर honey मिलाकर पिएं इससे acidity कम होती है

छाछ (Buttermilk):
छाछ यानी की मठ्ठा पीने से acidity में राहत मिलती है. इसमें में पेट की अम्लता को संतुलित करने के लिए lactic acid  पाया जाता है. मेथी के दानों को पानी के साथ मिलाकर paste बना लें, इस pasteको एक गिलास छाछ में मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होगा और गैस से भी निजात मिलेगी. बेहतर स्वाद के लिए नमक भी मिला सकतें हैं.

लौंग (Cloves):
लौंग खाने से पेट में Hydrochloric acid की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पेट की अम्लता कम होती है और acidity से राहत मिलती है. खाने के बाद 2 से 4 लौंग को मुंह में रखकर हल्का चबाकर चूसें.

जीरा (Cumin):
जीरा एक बेहतरीन Acid Neutralizer है जो acidity को कम करता है. इसके साथ ही digestion power को बढ़ाकर पेट दर्द से राहत देता है. जीरा को भूनकर उसका powder बनाएं. इस powder को खाना खाने के बाद एक गिलास पानी में मिलाकर पिएं.

सौंफ (Fennel):
सौंफ खाने को digestion में सहायता करती है और gas को दूर रखती है. रोज खाना खाने के बाद सौंफ को मुंह में रखकर चबाएं. Fennel के साथ मिश्री भी मिलाई जा सकती है. इससे acidity से राहत मिलती है.

गठिया कारण, बचाव और उपचार

गठिया एक गंभीर समस्या का रूप ले चुकी है,गठिया आर्थराइटिस का ही एक type है शरीर में uric acid ज्यादा बनने से लोगों को यह बीमारी होती है.

Top tips to get rid of Crack heels

 

गठिया

जब uric acid joints और अन्य कोमल sells में सुई की तरह क्रिस्टल के रूप में एकत्र हो जाता है इसी कारण जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न शुरू हो जाती है.
शुरुआत में गठिया कई लोगों के जोड़ों और अंगूठों को प्रभावित करता है इसको पोडेग्रा कहते हैं. जिन लोगों के शरीर में uric acid जितना अधिक बनेगा उसकी मात्रा जितनी ज्यादा होगी उन्हें गठिया होने का खतरा ज्यादा होगा.

गठिया रोग की अवधि:
सामान्य रूप से जब गठिया का दर्द शुरू होता है तो इलाज के बगैर भी 3 से 10 दिनों में ठीक हो जाता है, और कई बार यह दर्द फिर सालों तक नहीं होता.
कई लोगों में यह भी देखा गया है कि वो इन लक्षणों का अनुभव कुछ दिनों में ही क़रते हैं.

क्या खाना चाहिए:
किसी भी चीज को काफी हद तक खान-पान पर नियंत्रण करके सुधारा जा सकता है अपने आहार में कुछ चीजों को जरूर शामिल करें.
नीबू का रस, सेब का सिरका हल्दी, अदरक, केले, अन्नानास, बेरीज, अजमोदा, अंकुरित अल्फाल्फा ये सभी तत्व गठिया से बचने में हमारी मदद करते हैं.
जिन पदार्थों में पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता हो उन आहार, जैसे कि डेरी उत्पाद, खरबूज, केले और संतरे का रस का सेवन जरूर करें.
कम fat वाले पदार्थ जैसे low-fat दही और मलाई निकला दूध, गठिया से बचाव में कारगर साबित होते हैं.

गठिया में इनका सेवन ना करें:
मीट और अन्य मांसाहारी चीजों का सेवन ना करें
शराब बीयर और ब्रेड जैसी चीजों का सेवन ना करें
कैफीन युक्त पदार्थो से बचें
Processed और fried food से दूर रहें.

योग और व्यायाम करें:
व्यायाम और योग के जरिये भी हम अपनी कई मुश्किलों को आसान कर सकते हैं.
अगर आपके जोड़े सूजे हैं तो व्यायाम करते वक्त थोड़ा एहतियात बरतने कि जरूरत है, जितना आपका हाथ मुड़ रहा है सिर्फ उतना ही प्रयास करें. उससे ज्यादा मोड़ने कि कोशिश ना करें.
वजन बढ़ जाना इसको और पीड़ादायक बना देता है टहलने और साईकिल चलाने से आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकती हैं.

घरेलू उपाय :
जोड़ों का दर्द सही करने के लिए बर्फ की थैली प्रयोग करें.
गठिया का सबसे सरल उपचार है कि खूब तरल पदार्थ पीयें जूस, छांछ और पानी का सेवन अधिक करें.
दर्द के समय जोड़ों को आराम दें .

एलोविरा रस:
गठिया के दर्द को दूर करने के लिए एलोविरा को छीलकर उसके जेल को जिस भाग में दर्द हो रहा है वहां लगाएं ऐसा करने से आपको दर्द से राहत मिलेगी.

आलू का रस:
अगर आप गठिया कि समस्या से मुक्ति पाना चाहते हैं तो खाने से पहले कम से कम दो आलू  का रस निकालकर पीएं.

लहसुन का सेवन:
लहसुन का प्रयोग फायदेमंद साबित होता है, आप लहसुन को भूनकर भी खा सकते हैं.

स्टीम बाथ:
भाप से स्नान करने से गठिया में आराम मिलता है भाप के स्नान के बाद सरसों के तेल की मालिश करें.

Top tips to get rid of Crack heels

Crack heels!!!Crack heels

दोस्तों हम अपने चेहरे का तो पूरा ध्यान रखते हैं लेकिन बात जब हाथ पैर की बात आती है तो अक्सर चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं.
Crack heels एक आम समस्या है जो लोगों को बहुत परेशान करती है तो हम आज आपके लिए कुछ घरेलू नुस्खें लेकर आएं हैं जो कोमल एड़िया पाने में आपकी बहुत मदद करेगा.

चीनी और जैतून का प्रयोग(sugar & olive oil):
चीनी और जैतून के तेल को मिलाकर उसका मिश्रण तैयार कर लें अब आप इस मिश्रण को तैयार करके स्क्रब को पैरो में लगाएं थोड़ी देर लगे रहने के बाद अपने पैरो को साफ़ पानी से धो ले, और तौलिये से पैरो को पोछ लें.

ग्लिसरीन और गुलाब जल(Glycerin & Rose water):
अगर आपकी Crack heels ज्यादा हैं और Crack heels की वजह से उनमें दर्द हो रहा है तो ग्लिसरीन और गुलाब जल एक सरल उपाय है.
इसको लगाने से एडियो को नमी मिलती है और एड़िया कोमल रहती है.
एक-चौथाई ग्लिसरीन में तीन-चौथाई गुलाब जल मिलाकर तैयार कर लें तथा इस मिश्रण को अपनी एड़ियों में लगाएं और थोड़ी देर बाद इस साफ कर लें.
धूल-मिट्टी गलत खान पान आदी कई वजहों से एड़िया फट जाती हैं. जिससे पैर देखने में बेकार लगते है साथ ही इसमें दर्द होने लगता है.

ग्रीन टी(Green tea):
जी हाँ ग्रीन टी फटी एड़ियों को ठीक करने में सहायता करता है. ग्रीन टी की पत्तियों को उबाल लें फिर उबले पानी को आधे टब पानी में मिला लें और उसमें पैर को डूबा कर रखें लगातार ऐसा करने से एड़िया मुलायम हो जाती है.

गर्म पानी का प्रयोग(Lukewarm water):
गुनगुने पानी में नमक डालकर उस पानी में 10-20 मिनट तक पैरों को भिंगोकर बैठें पैर को पानी से बाहर निकलने के बाद तलवों को तौलिए से रगड़कर पोंछ लें. फिर एड़ियों और तलवों पर सरसों के तेल से मालिश कर लें ऐसा करने से फटी हुई एड़ियां कुछ ही दिनों में ठीक हो जाएंगी.

नाभि में सरसों का तेल लगायें :
स्नान करने के बाद या फिर सोते समय नाभि में सरसों का तेल लगना चाहिए इससे एड़ियां और होठ फटने की समस्या दूर हो जाती है.

कच्चा पपीता(Kaccha papita):
कच्चे पपीते को पीस लें इसमें जरा-सा सरसों का तेल और हल्दी मिलाएं और पेस्ट तैयार कर लें तैयार पेस्ट को एड़ियों पर लगाकर कपड़ा बांध लें ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपकी एड़िया एकदम सही हो जाती है.
अक्सर एड़िया पाचन शक्ति कमजोर होने की वजह से फटती है  इसलिए पाचन शक्ति ठीक करने के लिए  पौष्टिक तत्व और विटामिन  c युक्त चीजों का सेवन ज्यादा करने चाहिए.
एड़ियों को फटने से रोकने के लिए प्रतिदिन हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए तथा सुबह के समय में नंगे पैर घास पर चलना चाहिए.

जैतून का तेल(olive oil):
ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल से पैर कोमल और सुन्दर हो जाते है. अपने हाथों पर तेल लेकर अपने दोनों पैरों की एड़ियों और तलवो का मसाज करें थोड़ी देर बाद पैर पानी से साफ़ कर लें ऐसा करने से फ़टी एड़ियां सही हो जाती है.

best tips to get rid of mouth ulcers

मुँह के छाले होना एक समस्या है जो किसी भी कारण हो सकती है कभी-कभी गलत खान-पान की वजह से तो कभी किसी इन्फेक्शन की वजह से ऐसा होता है.

मुँह के छाले

दांतों को सफ़ेद कैसे करें

लेकिन मुँह के छाले का दर्द असहनीय होता है कभी-कभी छाले इतना गंभीर रूप ले लेते हैं कि उनको ठीक होने में महीनों लग जाते हैं.

छाले होने के कारण:
छाले होने का सबसे मुख्य कारण है पेट साफ़ ना होना कब्ज की समस्या के कारण छाले होते हैं. कभी-कभी गलती से मुँह के अंदर चोट आदि लगने से भी छाले हो जाते हैं. पोषक तत्व जैसे विटामिन बी काम्प्लेक्स, विटामिन सी, आयरन की कमी के कारण भी मुँह के छाले  हो जाते हैं.

हम आपको मुँह के छाले का दर्द दूर करने के उपाय बताएंगे इसको अपनाने से निश्चित तौर पर आपको राहत मिलेगी.

नारियल का ढूध (coconut oil):
नारियल का दूध भी असहाय छालों के दर्द को दूर करता है.
नारियल के दूध में शहद मिलाकर छालों पर लगाने से दर्द में आराम मिलता है ऐसा दिन में 2-3 बार करें.

बर्फ का टुकड़ा(Ice cube):
बर्फ का टुकड़ा छालों की समस्या को दूर करने में बेहद सहायक होता है बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों को को छालों के ऊपर करीब 10 से 15 सेकंड तक रखें, ऐसा करने से दर्द दूर होता है.

तुलसी का पत्ता(Tulsi leaves):
तुलसी गुणों की खान है. तुलसी के पत्ते को मसल कर उसका रस निकल लें फिर रस को छालों पर लगाएं ऐसा करने से छालों का दर्द दूर हो जाता है .

हल्दी(turmeric):
हल्दी औषधिय गुण के कारण कई बीमारियों में प्रयोग की जाती है एक चम्मच हल्दी को तकरीबन एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर कुल्ला करने से बहुत आराम मिलता है.

अमरुद(Guava):
मुँह के छालों के इलाज के लिए अमरुद भी एक उपयोगी नुस्खा है.
अमरुद के पत्तों में कत्था लगाकर चबाने से छालें जल्दी ठीक हो जाते हैं.

एलोवेरा (Aloe vera):
एलोवेरा में भी अनेक औषधिय गुण पाए जाते हैं एलोवेरा जेल हुए जूस को छाले पर लगाने से छालों के दर्द से आराम मिलता है.

शहद(Honey):
शहद का उपयोग भी छालों के दर्द में प्रभावशाली होता है रुई में शहद लगाकर जिस स्थान पर छालें हैं वहां लगाएं ऐसा करने से छालों का दर्द ठीक होता है.

दांतों को सफ़ेद कैसे करें

दांतों को सफ़ेद कैसे करें!!!
दोस्तों अगर हमारे दांत सफ़ेद और चमकदार हो तो हमारी हसी को चार चाँद लग जाता है और हमारे चेहरे की सुंदरता अपने आप निखर जाती है.
आपको ज्यादा कॉफ़ी और सॉफ्ट ड्रिंक पीने से बचना चाहिए ऐसा करने से दांतों में दाग धब्बे पड़ जाता है. दांत के पीले होने कई कारण होते हैं अधिक दवाइयों के सेवन से भी दांत पीला हो जाता है.

दांतों को सफ़ेद कैसे करें

 

पसीने की बदबू दूर करने के उपाय

दांतों के पीलेपन के कारण हमें कई बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है.
जहां सभी लोग ठहाके मार कर हस रहे होते हैं, वहां हमें फीकी मुस्कान से ही काम चलाना पड़ता है.
दांत भी हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए इनकी देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है. बाज़ार में कई ऐसे Product मिलते हैं दांतों को सफ़ेद बना सकते है.
लेकिन हम यहां आपको कुछ आसान घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे, जो आपके दांतों को कुदरती रंगत लौटा देंगे.

नमक सोडा और सुहागा का मिश्रण (Mixture of salt, soda and borax):

दांतों को सफ़ेद कैसे करें, इस सवाल का पहला जवाब है नमक, सोडा और सुहागा का मिश्रण.
नमक के साथ खाने का सोडा और सुहागा अच्छी तरह मिलाकर एक डब्बे में रख लें.
रोज सुबह ब्रश करते वक्त इससे दांत साफ़ कर लें इससे दांतों पर लम्बे समय से जमा पीलापन और कालापन दूर हो जाएगा.

निम्बू का छिलका(Nimbu ka chilka):
अबकी बार निम्बू को प्रयोग करके उसके छिलकों को कूड़ेदान में ना फेंके.
दांतों को सफ़ेद कैसे करें में अब बारी है दूसरे नुस्खें की, इन छिलकों को कड़ी धूप में सूखा लें और मिक्सर में इसे बारीक पीस लें.
इसमें नमक मिलाकर रख लें. ब्रश करने के बाद इससे अपने दांतों को साफ़ करें ऐसा करने से आपके दांत सफ़ेद और चमकदार बनेंगे.

सरसो का तेल और नमक(Mixture of oil & Salt):
दांतों को सफ़ेद कैसे करें सवाल का तीसरा जवाब है सरसो के तेल में एक चम्मच नमक मिलाकर रख लें इस मिश्रण को दांतों पर मलने से दांत सफ़ेद होते हैं.

लीची का पेस्ट (Lichi ka paste):
दोस्तों लीची अगर आपको पसंद है तो लीची को पिस कर इसका पेस्ट बना ले. इस पेस्ट से दांतों की सफाई करने से दांत चमकने लगते हैं.

तुलसी(Tulsi):
तुलसी में कुदरती रूप से दांतों के पीलपन को दूर करने की क्षमता होती है.इसके अलावा मुँह के अन्य रोगों से भी हमारी रक्षा करती है. तुलसी के पत्तों को धूप में बिलकुल सुखा लें और मिक्सर में पीस कर इसका पाउडर बना लें. और इसको एक डब्बे में रख लें जब भी ब्रश करें इसके पाउडर को टूथपेस्ट में मिला लें और दांत साफ़ करें .

संतरे का छिलका (Santre ka Chilka):
संतरे के छिलके को फेंकने के बजाय उसके छिलके को सूखा लें और साथ ही तुलसी के पत्तों को सुखाकर पाउडर तैयार कर लें.
ब्रश करने के बाद संतरे और तुलसी के पाउडर के इस मिश्रण से दांतों पर मसाज करें.
संतरे में विटामिन सी और कैल्शियम के अधिकता के कारण दांत मोती जैसे हो जाते हैं.

नीम(Neem):
नीम में असीम औषधिय गुण होने के कारण इस बहुत ही उपयोगी माना गया है. नीम में दांतों को सफेद बनाने व बैक्टीरिया को जड़ से ख़त्म करने के सारा गुण पाया जाता है. यह नेचुरल एंटीबैक्टिीरियल और एंटीसेप्टिक है.
कुछ भी मीठा खाने के बाद या किसी भी चीज का सेवन करने के बाद पानी से कुल्ला जरूर करे.