World Alzheimer Day

World Alzheimer Day!!! Alzheimer की वजह से हमारी ज़िंदगी के मामूली रुटीन भी प्रभावित होने लगता है और हम मुश्किलों से घिर जाते हैं.
Internet addiction बर्बाद ना कर दे आपकी ज़िंदगी

World Alzheimer Day
21 सितम्बर को World Alzheimer Day के रूप में मनाया जाता है दुनिया के बड़े-बड़े संगठन और सेलिब्रिटी इस बीमारी के प्रति लोगो को जागरूक बनाने के लिए और पीड़ित लोगों की आर्थिक मदद के लिए चैरिटी शो भी करते हैं.

History of Alzheimer:
World Alzheimer Day

World Alzheimer Day: डॉक्टर ओलिस अल्ज़ाइमर ने इस बीमारी का पता लगाया था उनके नाम पर ही इस बीमारी का नाम एल्ज़िमर रखा गया. लाज़िमेर ने मृत्यु के बाद एक महिला के मस्तिष्क के ऊतकों में परिवर्तन देखा उस महिला की मौत दिमागी बीमारी से हुई थी. उस महिला के दिमाग का अल्ज़ाइमर ने परिक्षण किया और पाया की उसके दिमाग में ऊतकों के कुछ टुकड़े फसे हुए हैं और साथ ही अन्य परेशानियां एमलौइड प्लेक भी था.
अल्ज़ाइमर ने पाया की महिला के मौत का मुख्य कारण प्लेक और ऊतकों का उलझना है और अल्ज़ाइमर ने यह भी पता लगाया कि इस बीमारी का कारण तंत्रिका कोशिकाओं और मस्तिष्क न्यूरॉन्स के बीच संपर्क ना हो पाना है.

अल्ज़ाइमर से जुड़े तथ्य:

  • दुनियाभर  में 35 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित है.
  • यह रोग एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी में चलता है.
  • इस रोग का अभी तक कोई समाधान नहीं है रिसर्च जारी है.

अल्जाइमर, दिमागी बीमारी है. और इससे एक आम इंसान की सोचने समझने कि क्षमता कम हो जाती है और कभी-कभी तो ख़त्म हो जाती है. जिससे आगे आने वाले समय में साधारण जिंदगी जीने में मुश्किल होती है. यह एक लाइलाज बीमारी है. अकेले केवल भारत में ही 50 लाख से भी ज़्यादा लोग मानसिक बीमारी का सामना कर रहे हैं, और इन बीमार लोगों में से  80 प्रतिशत लोगों को अल्जाइमर है. डॉक्टरों का कहना है कि 2030 में यह संख्या दोगुनी हो सकती है.

अगर आप सचेत रहे तो शुरूआती दौर में ही इस बीमारी का पता चल सकता है, किसी व्यक्ति के व्यक्ति के रोज़ के व्यवहार से पता लगा सकते हैं. याददाश्त का कमजोर होना, समय और जगह से भटकाव होना, एक ही सवाल को बार-बार पूछना, आसान गिनती न कर पाना, रिश्तेदारों के नाम भूलना और स्वभाव में बदलाव आना ये सभी अल्जाइमर होने के संकेत हो सकते हैं .

अल्जाइमर बीमारी, दिमाग में एमलौइड नामक प्रोटीन के इक्ट्ठा होने से होती है. अक्सर यह देखा गया है कि यह बीमारी बढ़ती उम्र में होती है. इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है. अगर कोई व्यक्ति इस बीमारी से बचना चाहता है, तो वह अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करता रहे, पूरी नींद ले, दिमागी और प्राकृतिक रूप से सक्रिय रहे, पढ़ते-लिखते रहने से इस बीमारी से बचा जा सकता है.

आज के समय में लोग अल्जाइमर जैसी बीमारी के बारे में जागरूक हो चुके हैं. जो कि एक काफी अच्छी चीज़ है. यहां तक कि लोग इस बीमारी के संकेत को भी बेहतर तरीके से पहचानने लगे हैं. फिर भी और बेहतर तरीके से इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि कई बार परिवार वालों को मरीज से कैसे बर्ताव करना है, इसके बार में जानकारी नहीं होती है.

कैसे करें देखभाल:
अल्ज़ाइमर से पीड़ित व्यक्ति को संभालना अपने आप में एक बहुत चुनौती भरा काम है. लेकिन पीड़ित जब कोई अपना होता है तो लोग हर मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं .

  • पीड़ित व्यक्ति की देखभाल करने वाले व्यक्ति को उसके साथ दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए.
  • शरीरिक सक्रियता बेहद जरुरी होती है इसलिए बीमार व्यक्ति को व्यायाम और अन्य गेम में व्यस्त रखें.
  • इस वक्त रोगियों को उनका दैनिक काम पूरा करने के लिए देखभाल मदद और प्यार कि जरूरत होती है .

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