स्वच्छता अभियान पर कविता

स्वच्छ भारत कविता के माध्यम से स्वच्छता की ओर थोड़ा ध्यान दिया जाए. भारत एक तेजी से बढ़ने वाली आर्थिक व्यवस्था की स्थिति में है लेकिन फिर भी भारत देश में बहुत कमियां हैं स्वच्छ भारत कविता में हमने कुछ ऐसा ही वर्णन किया है. भारत के हर एक नागरिक को साथ मिलकर भारत की छवि बदलने में सहयोग करना चाहिए.
चलिए पढ़ते हैं स्वच्छ भारत कविता!!!

सावन शिवरात्रि 2017 के बारे में जानकारी

स्वच्छ भारत अभियान है
बढ़ानी जग में शान है

भारत माँ को प्यार करो
इसका तुम सम्मान करो
नहीं है जग में हिंदुस्तान कोई
यहां भी ये अनमोल है

स्वच्छ भारत अभियान है
बढ़ानी जग में शान है

गंगा यमुना नदियां कई
भारत में विराजमान है
इनको पवित्र करने का संकल्प
अब कागजों में विद्यमान है

स्वच्छ भारत अभियान है
बढ़ानी जग में शान है

एक तरफ है आतंकवाद
एक तरफ है भ्रष्टाचार
मिलकर  इनको उखाड़ना है
यही आज का सुविचार है

स्वच्छ भारत अभियान है
बढ़ानी जग में शान है

क्यों न सपनों का भारत बन जाए
कोई कभी ना परेशानी में आए
माता बहने मेरे देश की
जहां भी चाहे राह बनाएं
इस पर ही सबको अभिमान है

स्वच्छ भारत अभियान है
बढ़ानी जग में शान है

रोजगार से संपन्न हो देश
गंदगी का ना हो नामोनिशान
इसी सादगी इसी संपनता
पर हो देश की पहचान
हम सब ने भी यह माना है

स्वच्छ भारत अभियान है
बढ़ानी जग में शान है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *