गुरु पूर्णिमा पर हिंदी कविता

poem on teachers dayगुरु पूर्णिमा कविता!!!

गुरु पूर्णिमा कविता

  1. “जन्म माँ-बाप से मिला
    ज्ञान गुरु से दिला दिया
    ड्रेस, किताबे, बस्ता,
    माँ-बाप से मिला
    पढ़ना गुरु ने सीखा दिया
    माँ ने जीवन का पहला पाठ पढ़ाया
    दूसरा तीसरा चौथा गुरु ने पढ़ा दिया”

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“जब हम छोटे होते हैं “टीचर बच्चे” खेलते हैं
जब थोड़े बड़े हुए, सीधे-उलटे काम भी करते हैं
एक दिन हम जवान होकर,आएंगे काम देश के
ऐसा गुरु जी हमसे हरदम कहते रहते हैं”

“गुरु ने हमको अपने ज्ञान से सींचा हैं
हमने उनसे ही जीवन का सार सीखा हैं
समझा देंगे हमें वो दुनिया दारी
उनकी इसी बात पर किया सदा भरोसा हैं”

“आज हम इतने बड़े हुए
बच्चों को उनकी शरण हैं दिए हुए
गुरु से ही वो नैतिकता मिलेगी
जिसके लिए न जाने कब से हैं तरसे हुए”

2.  

“गुरुओ का तुम सम्मान करो
उनकी शिक्षा जीवन में भरो
सिखा देंगे वो तुम्हे इंसानियत
इतना तो तुम ध्यान धरो”

“तुमको गुरु ज्ञान पढ़ाते हैं
अच्छी बातें भी सिखलाते हैं
उनके जैसा बन कर के तुम
उनकी शिक्षाओं का गुणगान करो”

“गुरु के ज्ञान का नहीं अंत कही
तुम भी लेकर आगे बढ़ो वही
छा जाओगे इस संसार में
जो उनकी तरह शिष्टाचार की बात करो”

“आज जो गुरु पर्व आया है
यादें ये अनोखी लाया है
पालन गुरु आज्ञा का करके तुम
जीवन की खुशिया धारण करो”

“गुरु जितना न महान है कोई
कमिया हमारी गिनाता है वो ही
गिरकर उठना सिखाया जिसने
साहस उसकी बातो से तुम भी भरो”

“हीरे की तरह तराशा गुरु ने
जीवन को आसान बनाया गुरु ने
अंदर विश्वास जगाकर तुम भी
अपने आप को धनवान करो”

गुरु पूर्णिमा पर्व को धूमधाम से मनाये और sarijankari की और से आप सबको गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाये.
प्यारे पाठको! आपको गुरु पूर्णिमा कविता कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताये. और अपने दोस्तों के संग भी गुरु पूर्णिमा कविता शेयर करे.

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